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खनन विभाग की टीम द्वारा भरौली चौराहे पर की जा रही ट्रकों की चेकिंग से 8से 10 करोड़ प्रतिमाह राजस्व वसूली, टीम की कार्यशैली पर उठ रहे है सवाल

 




मधुसूदन सिंह 

बलिया।। पुलिस महानिरीक्षक वाराणसी जोन पीयूष मोडिया द्वारा जब भरौली चौराहे पर पुलिस द्वारा की जा रही अवैध वसूली पर जब हल्ला बोलकर कार्यवाही की थी तो लगा था कि यहां से अब अवैध कारोबार बंद हो जायेगा। लेकिन कई दर्जन पुलिस कर्मियों पर कार्यवाही के बाद भी यहां का सुरतेहाल जस जा तस बना हुआ है। बक्सर बिहार से जोड़ने वाले भरौली चौराहा की किस्मत पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के बनने के बाद चमक उठी है।यही कारण है कि एडीजी जोन पीयूष मोडिया के द्वारा कार्यवाही के कुछ माह बाद से ही अवैध वसूली का धंधा फिर से जोर पकड़ लिया है। लाल बालू, शराब तस्करी, गोवंश पशुओं की तस्करी आजकल हाई टेक तरीके से की जा रही है। वही यहां तैनात खनन विभाग की टीम द्वारा भी ट्रकों से प्रतिमाह 8 से 10 करोड़ के राजस्व की वसूली खजाने को भर रही है। वही इस टीम पर भी सरकारी राजस्व वसूलने के दौरान अवैध वसूली  की चर्चा खूब सुनी जा रही है। जबकि खनन अधिकारी ने इन आरोपों को सिरे से ख़ारिज किया है।

20-25 लोगों का गैंग कराता है अवैध रूप से ट्रकों को पास 

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 20-25 लोगों का एक गैंग है जो ट्रकों से अवैध वसूली करते हुए सरकारी राजस्व की लूट कर रहा है। खनन अधिकारी ने बताया कि ऐसे ही 1 व्यक्ति को अवैध वसूली करते हुए  पाये जाने पर पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया और अन्य 8 पर मुकदमा दर्ज कराया गया है।शेष को अभी तक नरही पुलिस दो माह बीतने के बाद भी गिरफ्तार नही कर पायी है।


ऐसे हो रही है राजस्व की चोरी, क्यों आंखे बंद किया है सरकारी अमला 

एक तरफ जहां खनन अधिकारी प्रतिमाह करोड़ों रूपये की वसूली का दावा कर रहे है, वही इनके तरफ से ही कहा गया है बिहार के लगभग दो दर्जन से अधिक लोग ट्रकों को बिना राजस्व जमा कराये टोल से पास कराने के प्रयास मे लगे रहते है। यह भी कहा है कि ऐसे 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करा दी गयी है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि एफआईआर को हुए दो माह से अधिक हो गए है लेकिन गिरफ्तारी शून्य क्यों है?



                     तस्वीरें झूठ नही बोलती है 

25 की संख्या किस तरह से बलिया के जिला प्रशासन पर भारी पड़ रही, उसको आप वीडियो मे साफ देख सकते है। एक तरफ जहां ट्रकों के नंबर साफ दिख रहा है, वही इसी झुंड मे नंबर प्लेट पर ग्रीस लगाकर जाते ट्रकों की लाइन भी साफ दिख रही है। कहा जा रहा है कि ये वही ट्रक है जिनको 25 की गैंग प्रति ट्रक 6000 रूपये लेकर छोड़ा जा रहा है। सूत्रों की माने तो टोल पर आने से पहले ट्रक ड्राइवर नंबर प्लेट पर ग्रीस लगाकर एक या दो नंबरों को ढक दे रहे है जिससे वे कैमरे मे न आ सके। सूत्रों की माने तो ऐसे ही ट्रकों से अवैध शराब तस्करी के साथ साथ गोवंशीय पशुओं की अवैध तस्करी भी की जा रही है। यह भी बताया जा रहा है कि इसमें स्थानीय सफेदपोश लोगों का संरक्षण मिल रहा है और ये लोग चौराहे पर दिन के ढलते ही एकत्रित होकर ट्रकों को पास कराते हुए देखे जा सकते है। सूत्रों का तो ये भी कहना है कि स्थानीय पुलिस और खनन विभाग ऐसे स्थानीय सफ़ेशपोशो को बखूबी पहचानती है लेकिन कार्यवाही करने से बचती है, जो इनसे सांठगांठ की तरफ भी इशारा कर रही है।

सफ़ेद बालू का पहाड़, क्या डंप करने की है इजाजत 

वही दूसरी तरफ खनन विभाग के पट्टाधारक द्वारा भरौली के निकट गोविंदपुर मे सफ़ेद बालू  का पहाड़ खड़ा किया जा रहा है। इसको लेकर लोगों मे आक्रोश भी पनप रहा है। लोगों का कहना है कि पट्टा धारक को इतनी मात्रा मे सफ़ेद बालू के भंडारण की इजाजत नही है। लोगों का यह भी कहना है कि खनन विभाग की मिलीभगत से ऐसा किया जा रहा है। भंडारण लगभग 30-40 फिट की ऊंचाई तक किया जा चुका है और लगातार इसको ऊंचा किया भी जा रहा है।