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बैरिया मे अवैध निजी अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन की संयुक्त टीम ने किया सील, मरीजों को किया सोनबरसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मे भर्ती




बलिया।।  स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा बैरिया में अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम को पुलिस और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सील कर दिया। यह अस्पताल बैरिया बाजार में गोविंद मेडिकल स्टोर के नाम से संचालित होलसेल मेडिकल स्टोर के लाइसेंस पर चल रहा था।

जांच टीम ने पाया कि इस अवैध अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन किए जा रहे थे। टीम ने अस्पताल में भर्ती मरीजों को तत्काल सीएचसी सोनबरसा में स्थानांतरित किया।

स्थानांतरित किए गए मरीजों में तीन महिलाएं शामिल थीं, जिनका सिजेरियन ऑपरेशन कर बच्चा पैदा कराया गया था। एक अन्य महिला की बच्चेदानी (यूटरस) की सफाई की गई थी। इन सभी महिलाओं को उनके नवजातों के साथ सीएचसी सोनबरसा भेजा गया।सीएचसी सोनबरसा के अधीक्षक डॉ. राजेश सरोज ने बताया है कि इस प्रकरण में एफआईआर दर्ज करा दी गई है।

यह अवैध अस्पताल बैरिया कस्बे में खाकी बाबा के पोखरे के पास शिव दयाल राम के गोविंद मेडिकल स्टोर के पीछे संचालित हो रहा था। जांच टीम के सदस्यों के अनुसार, शिवदयाल स्वयं मरीजों को एनेस्थीसिया देते थे और ऑपरेशन कर बच्चे पैदा कराते थे।

अस्पताल पहुंचने पर जांच टीम को बैरिया थाना क्षेत्र की चांदपुर निवासी मुस्कान देवी मिलीं, जिन्होंने बताया कि उनका ऑपरेशन 23 फरवरी को यहीं हुआ था। सिताबदियारा निवासी पिंकी देवी और तिवारी के मिल्की निवासी प्रीति मिश्रा का 22 फरवरी को ऑपरेशन कर बच्चा पैदा कराया गया था। दोकटी थाना क्षेत्र की धतूरी टोला निवासी मधु, जो जीएनएम की पढ़ाई की है, उसके द्वारा सिताबदियारा निवासी नेहा की बच्चेदानी की सफाई की गई थी।

                 इनको किया जांच टीम ने सील 

जांच टीम ने अस्पताल के दो कमरे और एक ऑपरेशन थिएटर को जांच के बाद सील कर दिया। टीम में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी बलिया डॉ. पद्मावती गौतम, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. योगेंद्र दास, सीएचसी सोनबरसा के अधीक्षक डॉ. राजेश सरोज और सीएमओ कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारी योगेश पांडेय शामिल थे। मजिस्ट्रेट के तौर पर बैरिया के नायब तहसीलदार दीपक सिंह और बैरिया के चौकी इंचार्ज अजय कुमार पुलिस बल के साथ मौजूद थे।

समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा के अधीक्षक डॉ राजेश सरोज ने बताया कि बलिया से एडिशनल सीएमओ की टीम आई थी। प्रशासन के अधिकारी भी आये थे। सूचना थी कि गोविंद मेडिकल  स्टोर के नाम से अवैध अस्पताल चलाया जा रहा है। जब वहां टीम पहुंची तो देखा गया कि वहां पर तीन महिलाओं का आपरेशन करके बेड पर सुलाया गया था । जिनका आपरेशन तीन दिन से चार दिन के अंदर किया गया था। वहां पर ना कोई चिकित्सक था और ना ही स्टाफ नर्स थी, जिसके बाद कार्रवाई की गई। वहां पर दो कमरे में महिलाओं को भर्ती किया था। जबकि एक कमरे में आपरेशन थियेटर था,सभी कमरों को सील कर दिया गया।

इस संबंध में पूछने पर नायब तहसीलदार/मजिस्ट्रेट दीपक कुमार सिंह ने बताया कि जो मरीज अस्पताल में मिले थे,उन्हें सीएचसी सोनबरसा में भर्ती करा दिया गया है। वहीं अस्पताल को सील कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट में दोषियों के खिलाफ कार्यवाई करने की संतुति की गई हैं।