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रसड़ा विधानसभा बनी राजनीति की रणशाला : रसड़ा विधायक व परिवहन मंत्री की जुबानी जंग अब कार्यकर्ताओ तक पहुंची, बसपा कार्यकर्त्ता ने महंत कौशलेन्द्र गिरी पर ही लगा दिया आरोप

 






रसड़ा बलिया।। रसड़ा मे विकास का श्रेय किसको? विधायक उमाशंकर सिंह को या सरकार को?। यह सवाल और राजनैतिक लड़ाई अब धीरे धीरे कार्यकर्ताओ के बीच पहुंच गयी है। इस राजनैतिक लड़ाई की शुरुआत प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री व बलिया नगर विधायक दयाशंकर सिंह व रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह के बीच एक सड़क को लेकर हुई थी। दोनों तरफ से खूब आरोप प्रत्यारोप लगाये गये। कुछ दिनों के अंतराल के बाद रसड़ा स्थित श्रीनाथ मठ के महंथ श्री कौशलेन्द्र गिरी ने रसड़ा विधायक को क्षेत्र मे विकास के लिये विकास पुरुष के उपनाम को कटघरे मे खड़ा करते हुए कहा कि विकास विधायक जी ने नही प्रदेश सरकार ने किया है, विधायक जी तो ठेकेदार है और मुनाफा कमाने का काम किये है।



महंथ जी के इस बयां के बाद बसपा विधायक के समर्थको मे उबाल देखने को मिल रहा है। बसपा समर्थक पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अभिषेक सिंह रिशु ने रविवार को मीडिया कर्मियों से बात करते हुए महंथ श्री कौशलेन्द्र गिरी पर ही गंभीर आरोप लगाया है। कहा है कि महंथ जी जब विद्यालय के प्रबंधक बने तो एक दिन के लिये दूसरे को प्रबंधक बनाकर अपने ही सगे भाई को अध्यापक बनवा दिया। कहा कि ये कैसे सन्यासी है जो परिवार के मोह मे आज भी पड़े हुए है। वही श्री रिशु ने सीएम योगी की तारीफ करते हुए कि जब श्री योगी जी के पिता जी की मौत कोरोना काल मे हुई थी तो उन्होंने वहाँ न जाकर कहा था कि पूरा देश व प्रदेश मेरा परिवार है, इसको कहते है सन्यासी।




कहा कि रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह अगर ठेकेदार है तो क्या हुआ, रसड़ा विधानसभा को सड़कों के जाल से जोड़ने का तो काम किये है। अन्य विधानसभाओ के विधायक लोग ऐसा विकास क्यों नही करा पा रहे है? जबकि वे लोग सरकार के विधायक व मंत्री है। कहा कि पूरे विधानसभा का एक भी ऐसा गांव नही है जो डबल लेन सड़क से न जुड़ा हो। कहा कि रसड़ा विधायक के खिलाफ कोई कमी नही दिखने पर अब लोग विकास पुरुष की छवि को निशाना बना रहे है।