पत्रकार अग्निवेश सिंह की मृत्यु पर भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ प्रदेश अध्यक्ष मधुसूदन सिंह ने जताया दुःख, की हत्यारों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की मांग
परिजनों को 50 लाख की सहायता व एक सरकारी नौकरी देने की रखी मांग
बलिया।। भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ उत्तरप्रदेश के प्रांतीय अध्यक्ष मधुसूदन सिंह ने गोरखपुर के बांसगांव मे अग्निवेश सिंह नामक युवा पत्रकार की नाली के विवाद मे मारपीट के कारण हुई मौत पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए आरोपियों के खिलाफ कठोरतम कार्यवाही की मांग की है।
श्री सिंह ने कहा है कि आज स्थिति यह हो गयी है कि ऐरा गैरा कोई भी पत्रकारों पर हमला ही नही कर रहा है बल्कि हत्या कर दे रहा है और प्रशासन चुप चाप तमाशा देखता रह रहा है। श्री सिंह पत्रकारों पर बढ़ रही हमलों की घटनाओ पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पत्रकार सुरक्षा क़ानून लगाने की मांग की है। कहा है कि जबतक पत्रकार सुरक्षा क़ानून लागू नही होगा, पत्रकारों पर हमलों को पुलिस रोकने मे अक्षम है ।
साथ श्री सिंह ने पत्रकारों के शस्त्र लाइसेंस के आवेदन पर तत्काल लाइसेंस जारी किया जाय। प्रतापगढ़ जैसे सामवेदनशील जनपद मे पत्रकारों के शस्त्र लाइसेंस के आवेदन को महीनों से लटका कर रखा गया है। लगता है जिला प्रशासन यहां भी किसी पत्रकार के ऊपर हमला होने का इंतजार कर रहा है।
भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ उत्तरप्रदेश के प्रांतीय अध्यक्ष ने प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री श्री आदित्यनाथ जी मृत पत्रकार अग्निवेश सिंह के परिजनों को 50 लाख की आर्थिक सहायता और एक परिजन को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। श्री सिंह ने कहा कि मृतक साथी के परिजनों को अगर शासन प्रशासन आर्थिक सहायता, नौकरी नही देता है और जिला प्रशासन हत्यारों को कठोर दंड नही देता है तो महासंघ पूरे प्रदेश मे आंदोलन का बिगुल फूँक देगा।
यह है घटना क्रम
गोरखपुर।।बांसगांव क्षेत्र में हुए विवाद में घायल पत्रकार अग्निवेश सिंह के निधन की खबर फैलते ही जिला अस्पताल में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में पत्रकार वहां पहुंच गए और पूरी चिकित्सीय व कानूनी प्रक्रिया पर नजर रखी।
अग्निवेश सिंह, गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब से जुड़े थे, कुछ दिन पूर्व नाली को लेकर हुए विवाद में घायल हुए थे। इलाज के दौरान उनकी स्थिति गंभीर बनी रही और अंततः उनका निधन हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पत्रकार संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य अस्पताल पहुंच गए।
मौजूद पत्रकारों की निगरानी में आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की गई और पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेजा गया। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से मिलकर चिकित्सकीय परीक्षण के लिए विशेषज्ञ टीम गठित करने की मांग की, जिस पर तत्काल कदम उठाया गया।
अस्पताल परिसर में जुटे पत्रकारों ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच, आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी और पूर्व में की गई शिकायतों पर कार्रवाई न करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। उनका कहना था कि यदि पहले की शिकायतों पर समय रहते ठोस कदम उठाए गए होते तो स्थिति यहां तक नहीं पहुंचती।
इस घटना के बाद पत्रकार समुदाय में गहरा दुख और आक्रोश है। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि न्यायोचित कार्रवाई नहीं हुई तो आगे सामूहिक निर्णय लिया जाएगा।





