वशीकरण का मूल मंत्र है प्रेम : डॉ. रागिनी मिश्रा
- पिपरा पट्टी बहोरापुर में श्रीमद्भागवत कथा और रुद्र महायज्ञ में उमड़ा श्रद्धा का सागर
- प्रातः काल प्रधान वेदी लिंगोतोभद्र, नवग्रह मंगल, क्षेत्रफाल मंडल, योगिनी वेदी और वास्तुपीठ मंडल का हुआ पूजन
नगरा (बलिया)।। चिलकहर ब्लॉक के पिपरा पट्टी बहोरापुर गांव में आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा एवं पंचकुंडीय रुद्र महायज्ञ के पांचवें दिन मंगलवार को श्रद्धा और आस्था का अनोखा संगम देखने को मिला। प्रातः काल यज्ञशाला में वेदी पूजन का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण और धार्मिक विधि-विधान के साथ हुआ। आचार्य विवेक शुक्ल एवं रितेश मिश्रा जी महाराज के निर्देशन में प्रातः काल प्रधान वेदी लिंगोतोभद्र, नवग्रह मंगल, क्षेत्रफाल मंडल, योगिनी वेदी और वास्तुपीठ मंडल की पूजन संपन्न कराई गई।
इस पूजन में 21 यजमान अपने-अपने परिवार सहित उपस्थित रहे। पूरे वातावरण में वैदिक ध्वनि और घी की आहुति से उठता धुआं आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। इसी क्रम में बुढ़वा शिव जी मंदिर परिसर में षडांग रुद्राभिषेक का आयोजन भी हुआ, जिसमें श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए और भगवान शिव का जलाभिषेक किया। दोपहर 3 बजे से पूजन की दूसरी पाली में भी लोगों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही।
शाम को चल रही श्रीमद्भागवत कथा में व्यासपीठ पर विराजमान कथा वाचक मानस मंदाकिनी रागिनी सरस्वती (डॉ. रागिनी मिश्रा) ने अपने मधुर वचनों और भक्ति संगीत से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। उन्होंने कथा के दौरान कहा कि “वशीकरण का मूल मंत्र प्रेम है।” उन्होंने समझाया कि जब मनुष्य प्रेम से प्रेरित होकर भगवान का स्मरण करता है, तो उसकी आत्मा शुद्ध और शांत होती है।
डॉ. रागिनी मिश्रा ने आगे कहा कि भगवान का गुणगान करते समय शरीर और मन को प्रसन्न रखना चाहिए। उनकी इस बात ने श्रद्धालुओं के हृदय में गहरी छाप छोड़ी। कथा के बीच प्रस्तुत संगीतमय भक्ति गीतों ने पूरे वातावरण को भक्ति रस से सराबोर कर दिया।
पंचकुंडीय रुद्र महायज्ञ और श्रीमद्भागवत कथा का यह आयोजन गांव में धार्मिक चेतना और सामाजिक एकता का संदेश प्रसारित कर रहा है। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह, भक्ति और अनुशासन की मिसाल देखने को मिल रही है। इस धार्मिक अनुष्ठान में जिला पंचायत सदस्य मनीष सिंह, परिवहन विभाग के अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित हुए।




