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विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर सीएमओ कार्यालय में हुई गोष्ठी

 



बलिया ।। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर शनिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय पर गोष्ठी आयोजित की गयी। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ जितेंद्र पाल ने बताया कि जब एक व्यक्ति ठीक से सोच नहीं पाता उसका अपनी भावनाओं और व्यवहार पर काबू नहीं रहता तो ऐसी हालत को मानसिक रोगी कहते हैं। मानसिक रोग आसानी से दूसरों को समझ नहीं पाते साथ ही रोजमर्रा के काम ठीक से करने में मुश्किल होती है। अगर मानसिक रोगी अच्छे तरीके से व्यवहार किया जाए और नियमित इलाज कराएं तो वह ठीक हो सकता है। वह एक अच्छी और खुशहाल जिंदगी जी सकता है। उन्होंने बताया कि इस बदलते परिवेश में सबसे ज्यादा प्रभाव युवाओं की मानसिक स्थिति पर पड़ता है । युवाओं के अंदर नशीले पदार्थों के सेवन एवं टेक्नोलॉजी पर निर्भरता के परिणाम स्वरूप यह समस्या उत्पन्न हुई है। युवावस्था ऐसी अवस्था है जिसमें युवा का दिमाग कई प्रकार के परिवर्तन से गुजरता है । इस समय उसमें कई प्रकार की मनोवृतियां पैदा हो जाती हैं जो उसके स्वयं परिवार एवं समाज के लिए काफी हानिकारक होती है।

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर बी पी सिंह ने कहा कि कोरोना काल मे मनोचिकित्सक एवं मानसिक रोग विशेषज्ञ के पास लोगों के जाने का ग्राफ बढ़ा है । इस दौरान डिप्रेशन के मामले भी बढ़ गए हैं। नौकरी जाने से लेकर एकाकीपन, आर्थिक तंगी, लंबे समय तक घर में कैद रहना आदि वजह है। लिहाजा इस बार इन बिंदुओं पर हम सभी को मिलकर काम करना है।

इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ जे आर तिवारी, अपर मुख्य चिकिसाधिकारी डॉ हरिनन्दन प्रसाद, अपर मुख्य चिकिसाधिकारी / जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉक्टर ए के मिश्रा, डॉ तोसिक सिंह, डॉ अनुराग सिंह, डॉ संतोष सिंह, डॉ मिथलेश सिंह, डॉ मनोज कुमार, डॉ रितेश सोनी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉक्टर आरबी यादव साथ ही स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।