ट्रेजरी व स्वास्थ्य विभाग के बाबुओं का विवाद : सीएमओ और वरिष्ठ कोषाधिकारी हुए आमने सामने,दोनो ने डीएम को पत्र लिखकर एक दूसरे के बाबुओं पर की कार्यवाही की मांग
बलिया ।। ट्रेजरी में स्वास्थ्य विभाग का पटल देखने वाले बाबू धर्मनाथ गोस्वामी और स्वास्थ्य विभाग के बाबू मनोज सिंह यादव के बीच अब सीधी लड़ाई शुरू हो गयी है । इसके पहले मजोज यादव द्वारा ट्रेजरी के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सोनू गिरी पर बिल की आपत्तियों के सम्बंध में सम्बंधित लिपिक धर्मनाथ गोस्वामी से बातचीत के दौरान मारपीट का आरोप लगाया था और इस संबंध में सीएमओ बलिया से लिखित शिकायत की थी । मनोज यादव की शिकायत के बाद सीएमओ बलिया ने जिलाधिकारी बलिया को पत्र लिखकर स्वास्थ्य विभाग का पटल देख रहे बाबू का पटल परिवर्तन करने का अनुरोध किया था । साथ ही पुलिस अधीक्षक बलिया व प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली को पत्र भेजकर सोनू गिरी व उसके साथी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही का अनुरोध किया था ।
लेकिन इस प्रकरण में शुक्रवार की शाम को तब नया मोड़ आया जब ट्रेजरी के बाबू धर्मनाथ गोस्वामी की स्वास्थ्य विभाग के बाबू मनोज सिंह यादव के खिलाफ शिकायत पर वरिष्ठ कोषाधिकारी बलिया ममता सिंह ने जिलाधिकारी बलिया को पत्र भेजकर स्वास्थ्य विभाग के बाबू मनोज यादव के खिलाफ कार्यवाही करने का अनुरोध किया ।
इस पत्र के बाद अब यह लड़ाई अब दो विभागों में वर्चस्व स्थापित करने की होती जा रही है । जिलाधिकारी बलिया अगर शीघ्र बड़ा कदम नही उठाते है तो सोमवार से यह कोरोना के संक्रमण काल मे भी विस्फोटक हो सकती है जिससे कई काम बाधित हो सकते है । साथ ही ट्रेजरी की विश्वसनीयता बनाये रखने के लिये किसी भी विभाग के बिलों में त्रुटियां मिलने पर उसको तत्काल रजिस्टर में दर्ज कर अपने या सम्बंधित विभाग के डाक वाहक से वापस करने की परंपरा शुरू करने की जरूरत है जिससे कोई भी बिल अनावश्यक रूप से ट्रेजरी में पड़ी न रहे । यह कहकर कि सम्बंधित विभाग का डाक वाहक नही ले गया है,से काम नही चलना चाहिये क्योंकि चाहे ट्रेजरी का डाक वाहक हो या किसी भी अन्य विभाग का, सभी उत्तर प्रदेश सरकार के ही कर्मचारी है ।
चल रहे घटना क्रम के सम्बंध में बता दे कि सीएमओ बलिया द्वारा अपने लिपिक के साथ हुई घटना के सम्बंध में जिलाधिकारी बलिया को जो 8 अक्टूबर 2020 को पत्र भेजा था उसी के बाद सीएमओ कार्यालय के लिपिक मनोज सिंह यादव के खिलाफ वरिष्ठ कोषाघिकारी ममता सिंह ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर कार्रवाई का अनुरोध किया है। वहीं, उत्तर प्रदेश कोषागार कर्मचारी संघ भी उक्त लिपिक के अमर्यादित व्यवहार पर नाराजगी जाहिर किया है।
जिलाधिकारी को भेजे गये पत्र में वरिष्ठ कोषाधिकारी ने कोषागार कर्मचारी संघ बलिया के पत्र का हवाला देते हुए लिखा है 'मुख्य चिकित्साधिकारी बलिया के लिपिक मनोज सिंह यादव 8 अक्टूबर 2020 की सायं 5.30 बजे कोषागार कार्यालय आया एवं बिल पारित कराने का दबाव बनाने लगा। संबंधित कोषागार लेखाकार धर्मनाथ गोस्वामी द्वारा संबंधित बिल में आवश्यक त्रुटि संशोधन किए जाने के बाद बिल प्रस्तुत करने एवं कोषागार के सहयोगी सोनू गिरी को उक्त बिल आपत्ति रजिस्टर पर दर्ज कर श्री यादव को वापस करने के लिए कहा गया, पर श्री यादव बिना आपत्ति दर्ज कराएं ही बिल लेकर जाने लगा। सोनू गिरी द्वारा बिल आपत्ति रजिस्टर पर दर्ज कर एवं प्राप्त करने के बाद ले जाने हेतु कहने पर श्री यादव द्वारा उसके साथ अपशब्दों का प्रयोग करते हुए गाली गलौज दी गई। मना करने पर उसके साथ मारपीट भी की गई।' श्री यादव के इस कृत्य से स्पष्ट है कि इस प्रकार के कर्मचारियों के कोषागार में आने जाने से कोषागार के कार्यों में बाधा उत्पन्न होती है। कोषागार के नियमों की अवहेलना होती है, जिससे सही प्रकार से कार्य संपादित किए जाने में असुविधा उत्पन्न होती है। ऐसे में उक्त लिपिक के खिलाफ कार्रवाई अपेक्षित है।
यह है मामला
वरिष्ठ कोषाधिकारी ने लिखा है कि कोषागार संघ बलिया एवं सोनू गिरी द्वारा दिए गए पत्र के आधार पर मनोज सिंह यादव लिपिक, कोषागार कार्यालय में आया एवं 27 लाख 65 हजार 849 रुपये का त्रुटिपूर्ण बिल दिया, जिसमें यह आपत्ति की गई थी कि वेतन देयक में जीपीएफ शेड्यूल 14000 संलग्न किया जाए, जिससे कोषागार लेखा में अंतर ना हो। इसी बात पर मनोज सिंह यादव उलझ गया ।





