बलिया : दयाशंकर वर्मा उर्फ दया बाबू प्रकरण में खुलासा : सीएमओ बलिया ने कहा - माननीय न्यायालय ने नही दिया है बहाली का आदेश , कर्मचारी उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर करना है गलत , उच्चाधिकारियों को करा दिया गया है अवगत
बलिया : दयाशंकर वर्मा उर्फ दया बाबू प्रकरण में खुलासा : सीएमओ बलिया ने कहा - माननीय न्यायालय ने नही दिया है बहाली का आदेश , कर्मचारी उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर करना है गलत , उच्चाधिकारियों को करा दिया गया है अवगत
मधुसूदन सिंह
बलिया 22 जुलाई 2019 ।। बलिया के सीएमओ कार्यालय के चर्चित बड़े बाबू दयाशंकर वर्मा उर्फ दयाबाबू का प्रकरण एक बार फिर उलझता जा रहा है । एक तरफ दया बाबू पिछले 2 जुलाई से कर्मचारी उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर करके अपने आप को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा बहाल किया जाने को साबित करने पर लगे हुए है । तो वही मुख्य चिकित्साधिकारी बलिया डॉ पीके मिश्र ने इनकी बहाली को ही सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि इनके द्वारा रजिस्टर पर हस्ताक्षर करना गलत है । डॉ मिश्र ने कहा है कि उच्चाधिकारियों के आदेश पर मैने दयाबाबू के द्वारा हस्ताक्षर किये गये रजिस्टर को जब्त कर लिया है और विभागीय उच्चाधिकारियों के पास अवलोकनार्थ भेज रहा हूं । कहा कि माननीय उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कही नही लिखा है कि इनको पुनः पद पर बहाल कर दिया गया है । साथ ही इनके पास किसी भी उच्चाधिकारी द्वारा निश्चित कार्यालय में योगदान देने को कहने वाला कोई भी आदेश भी नही है । ऐसे में अभी ये हमारे यहां के कर्मचारी नही है । जब इनके केस का निस्तारण हो जाएगा और इनको पुनः सेवा में रखे जाने का आदेश होगा ,तो इनको तत्काल सेवा में ले लिया जाएगा । अभी इनको नोटिस रिसीव कराकर जबाब मांगा गया है । निदेशक प्रशासन के यहां इनके वाद की सुनवाई चल रही है । निदेशक प्रशासन के यहां से अभी इनके पक्ष में कोई भी निर्णय नही हुआ है ।
इसके बाद बलिया एक्सप्रेस द्वारा दयाबाबू से संपर्क करने और बयान लेकर पक्ष जानने की कोशिश की गयी लेकिन संपर्क नही हो पाया है । जैसे ही संपर्क होगा उनका भी पक्ष यहां जोड़ दिया जाएगा ।
मधुसूदन सिंह
बलिया 22 जुलाई 2019 ।। बलिया के सीएमओ कार्यालय के चर्चित बड़े बाबू दयाशंकर वर्मा उर्फ दयाबाबू का प्रकरण एक बार फिर उलझता जा रहा है । एक तरफ दया बाबू पिछले 2 जुलाई से कर्मचारी उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर करके अपने आप को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा बहाल किया जाने को साबित करने पर लगे हुए है । तो वही मुख्य चिकित्साधिकारी बलिया डॉ पीके मिश्र ने इनकी बहाली को ही सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि इनके द्वारा रजिस्टर पर हस्ताक्षर करना गलत है । डॉ मिश्र ने कहा है कि उच्चाधिकारियों के आदेश पर मैने दयाबाबू के द्वारा हस्ताक्षर किये गये रजिस्टर को जब्त कर लिया है और विभागीय उच्चाधिकारियों के पास अवलोकनार्थ भेज रहा हूं । कहा कि माननीय उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कही नही लिखा है कि इनको पुनः पद पर बहाल कर दिया गया है । साथ ही इनके पास किसी भी उच्चाधिकारी द्वारा निश्चित कार्यालय में योगदान देने को कहने वाला कोई भी आदेश भी नही है । ऐसे में अभी ये हमारे यहां के कर्मचारी नही है । जब इनके केस का निस्तारण हो जाएगा और इनको पुनः सेवा में रखे जाने का आदेश होगा ,तो इनको तत्काल सेवा में ले लिया जाएगा । अभी इनको नोटिस रिसीव कराकर जबाब मांगा गया है । निदेशक प्रशासन के यहां इनके वाद की सुनवाई चल रही है । निदेशक प्रशासन के यहां से अभी इनके पक्ष में कोई भी निर्णय नही हुआ है ।
इसके बाद बलिया एक्सप्रेस द्वारा दयाबाबू से संपर्क करने और बयान लेकर पक्ष जानने की कोशिश की गयी लेकिन संपर्क नही हो पाया है । जैसे ही संपर्क होगा उनका भी पक्ष यहां जोड़ दिया जाएगा ।


