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बलिया :लोक रंग उत्सव का आज दूसरा और अंतिम दिन ,संकल्प साहित्यिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था ने किया है आयोजन

 लोकगीत कलाकार बिखेर रहे है जलवा ,आज पहुंचे कलेक्ट्रेट ड्रामा हाल , नही तो चूक जायेगे बेहतरीन मौका अपनी लोक संस्कृति की सोंधी महक पाने का



बलिया 7 अप्रैल 2019 ।। संकल्प साहित्यिक ,  सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था बलिया  द्वारा 6 , 7 अप्रैल को दो दिवसीय लोकरंग उत्सव का आयोजन किया गया है। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय आयोजन में परंपरागत लोकगीत ,लोक नृत्य और लोकनाटकों  की प्रस्तुति होगी।  बलिया कलेक्ट्रेट स्थित ड्रामा हाल  में यह आयोजन किया गया है।. प्रतिदिन शाम 6:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक चलने वाले इस आयोजन में परंपरागत लोक गीत लोक नृत्य और लोक नाटकों की प्रस्तुति होगी ।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि देश के जाने-माने  रंग निर्देशक व मध्यप्रदेश स्कूल आफ ड्रामा के पूर्व निदेशक श्री संजय उपाध्याय है। कल से आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम में पूर्वांचल का सुप्रसिद्ध धोबिया नृत्य , हुरूका ,  आल्हा गायन के अलावा दो नाटकों की प्रस्तुति होगी जिसमें संकल्प बलिया द्वारा भिखारी ठाकुर के सुप्रसिद्ध नाटक गबरघिचोर का पहले दिन मंचन किया गया तथा आज आजमगढ़ की  सूत्रधार संस्था द्वारा बूढ़ी काकी का मंचन  किया जायेगा। लोकगीत गायकों में छपरा के श्री उदय नारायण सिंह , सृष्टि सिंह गाजीपुर से बंटी वर्मा बलिया से शैलेंद्र मिश्र सुनीता पाठक एवं श्री राम प्रसाद सरगम होंगे कार्यक्रम स्थल पर लोक प्रदर्शनी भी लगायी गयी है जो आकर्षण का केंद्र बनी हुई है । संकल्प के सचिव रंगकर्मी आशीष त्रिवेदी ने इस संदर्भ में बताया कि विलुप्त हो रही  लोक परंपरा को जीवंत करने तथा उसे नई पीढ़ी से अवगत कराने के लिए यह एक छोटा सा प्रयास है जिसमें भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने सहयोग किया है। उन्होंने जनपद के सभी रंग प्रेमियों कलाकारों बुद्धिजीवियों से अपील किया है इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर लोक कलाकारों का हौसला बढ़ाएं तथा उन लोककलाओं से परिचित हों  जो अब धीरे धीरे विलुप्त होने के कागार पर है। कार्यक्रम को बेहतर स्वरूप  देने के लिए संकल्प के रंगकर्मी पिछले एक महीने से दिन रात लगे हैं इसके साथ  समाज के विभिन्न  वर्ग के लोगों का इन रंगकर्मियों को  भरपूर सहयोग व समर्थन मिल रहा है ।