बलिया स्वास्थ्य विभाग की बड़ी उपलब्धि : पहले चरण में 98 फीसदी बच्चों को पिलाई पोलियो की दवा
बलिया स्वास्थ्य विभाग की बड़ी उपलब्धि : पहले चरण में 98 फीसदी बच्चों को पिलाई पोलियो की दवा
बलिया 22 अप्रैल 2019 : नए वित्तीय वर्ष में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सघन पल्स पोलियो अभियान का पहला चरण 7 से 15 अप्रैल तक चलाया गया जिसमें 17 विकास खण्ड सहित अरबन क्षेत्र में भी पल्स पोलियो की दवा पिलाई गयी। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ० विजय यादव ने बताया कि इस अभियान के तहत 0-5 वर्ष तक के 4.76 लाख सम्भावित बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित था। उक्त के सापेक्ष कुल 4.70 लाख बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई गयी जो लक्ष्य के सापेक्ष उपलब्धि 98.7 प्रतिशत रही।
वर्ष 2011 में पोलियो का अन्तिम प्रकरण प्राप्त हुआ था जिसके पश्चात् वर्ष 2014 में भारत को विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा पोलियो मुक्त घोषित किया जा चुका है। इसके बावजूद पड़ोसी देशों से भारत में पोलियो वायरस फिर से प्रवेश न करें, इसके लिये भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय पल्स पोलियो कार्यक्रम का आयोजन हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 07 अप्रैल 2019 को किया गया। इस अभियान को सफल बनाने के लिए 1,601 बूथ बनाये गये थे। घर-घर भ्रमण हेतु 834 टीम बनायी गयी और 320 पर्यवेक्षक लगाये गये थे। वहीं ट्रांजीट एवं मोबाइल टीम की संख्या 90 निर्धारित की गयी थी जिससे पोलियो दवा आसानी से प्रत्यके क्षेत्रों में पहुंचाई जा सके।
बलिया 22 अप्रैल 2019 : नए वित्तीय वर्ष में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सघन पल्स पोलियो अभियान का पहला चरण 7 से 15 अप्रैल तक चलाया गया जिसमें 17 विकास खण्ड सहित अरबन क्षेत्र में भी पल्स पोलियो की दवा पिलाई गयी। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ० विजय यादव ने बताया कि इस अभियान के तहत 0-5 वर्ष तक के 4.76 लाख सम्भावित बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित था। उक्त के सापेक्ष कुल 4.70 लाख बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई गयी जो लक्ष्य के सापेक्ष उपलब्धि 98.7 प्रतिशत रही।
वर्ष 2011 में पोलियो का अन्तिम प्रकरण प्राप्त हुआ था जिसके पश्चात् वर्ष 2014 में भारत को विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा पोलियो मुक्त घोषित किया जा चुका है। इसके बावजूद पड़ोसी देशों से भारत में पोलियो वायरस फिर से प्रवेश न करें, इसके लिये भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय पल्स पोलियो कार्यक्रम का आयोजन हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 07 अप्रैल 2019 को किया गया। इस अभियान को सफल बनाने के लिए 1,601 बूथ बनाये गये थे। घर-घर भ्रमण हेतु 834 टीम बनायी गयी और 320 पर्यवेक्षक लगाये गये थे। वहीं ट्रांजीट एवं मोबाइल टीम की संख्या 90 निर्धारित की गयी थी जिससे पोलियो दवा आसानी से प्रत्यके क्षेत्रों में पहुंचाई जा सके।


