Breaking News

गोरखपुर : बीआरसी जंगल कौड़ियां पर मरम्मत के नाम पर लाखों की हेराफेरी , दीवारे चीख चीखकर कर रही है बयान ,फिर भी बीएसए कह रहे है जांच के बाद होगी कार्यवाई

बीआरसी जंगल कौड़ियां पर मरम्मत  के नाम पर लाखों की हेराफेरी , दीवारे चीख चीखकर कर रही है बयान ,फिर भी बीएसए कह रहे है जांच के बाद होगी कार्यवाई
ए कुमार की रिपोर्ट





जंगल कौडियाँ , गोरखपुर 8 मार्च 2019 ।।
 प्रदेश की सरकार चाहे जितना  भी प्रयास  करें परन्तु शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार व शिक्षण कार्य में गुणातमक सुधार होने के आसार बहुत कम दिखाई दे रहा है । सीएम सिटी गोरखपुर में जब प्राथमिक शिक्षा को बेपटरी करने और सरकारी धन का बंदरबांट हुआ साफ दिखने के बाद भी अगर बीएसए गोरखपुर को अभी जांच रिपोर्ट का ही इंतजार है तो विश्वास कीजिये कुछ भी होने वाला नही है । जब सीएम योगी के ही जनपद में सरकारी धन के बंदरबांट करने पर शासन का भय नही है तो अन्य जिलों की क्या स्थिति होगी आप स्वयं सोचिये ।ब्लॉक स्तर पर देखा जाए तो जंगल कौडियाँ बीआरसी एक बानगी के रूप में ही काफी है ।  यहाँ से पुरे विकास क्षेत्र के परिषदीय प्राथमिक विद्यालय व जूनियर हाई स्कूलो  का संचालन व विभागीय आदेश निर्देश का पालन कराया जाता है ।ऐसे जगह पर व्याप्त भ्रष्टाचार से विद्यालयो के भ्रष्टाचारों पर अंकुश लगा पाना सम्भव नहीं लगता । ब्लाक के जानकार शिक्षको ने नाम न प्रकाशित करनें के शर्त पर बताया कि बीआरसी जंगल कौडियाँ के  कण्टिंजेंसी में दस दिन पूर्व विभाग अनुसार अस्सी हजार भेजा गया है । प्रदत धनराशि का उपयोग कम्प्यूटर मरम्मत ,भवन मरम्मत रंगाई पोताई व खण्ड शिक्षाअधिकारी व एओ के टीए डीए पर व्यय होना है । इसके अलावा विगत दो वर्षो में अस्सी अस्सी हजार रुपए करके इन्हीं कार्यो के लिए और दिए जा चुके है, इसके बावजूद विभाग के अनुसार खण्ड शिक्षाअधिकारी केअनुसार एक भी रुपए का कार्य बीआरसी पर नहीं कराया गया , जिसका परिंणाम यह है कि स्थिति गौशाला से भी बदत्तर  है । भवन के अंदर व बाहर की दीवारों के प्लास्टर, फर्श टूटे हुये है । केन्द्र पर रखे फर्नीचर व अलमारियां टूटी पड़ी है तथा दूर से दिवारें बदसूरत दिखाई दे रही है । शिक्षको ने बताया कि दस दिन पूर्व शिक्षक प्रशिक्षण के लिए विभाग द्वारा दो लाख रुपए बीआरसी के खाते में भेजा गया है, जिसका उपयोग प्रशिक्षाणार्थी शिक्षक व प्रशिक्षक दाता के भुगतान, खाना चाय व स्टेशनरी पर व्यय किया जाना है परन्तु प्रशिक्षुको को मात्र चाय ही दिया जा रहा है ।इस प्रशिक्षण में विकास क्षेत्र के 169 विद्यालयो से एक एक शिक्षक को प्रशिक्षित किया जाना है । प्रशिक्षण का कार्य 5 मार्च से 16 मार्च तक संचालित होना है जोअनुचर के जिम्मे है ।  इस बीआरसी पर लिपिक का पद रिक्त होने के  कारण कार्यालय की जिम्मेदारी एक शिक्षामित्र व एक अनुचर के जिम्मे पर है जो क्षेत्र के विद्यालयो के लेखा जोखा व सूचना आदान प्रदान का कार्य देखते है ।खबर है कि अनुचर बीआरसी पर रहता है और दूसरा शिक्षामित्र खण्ड शिक्षाअधिकारी का  गाड़ी चलाता है ।
जिला बेसिक शिक्षाअधिकारी बीएन सिंह ने बताया कि विगत अप्रैल माह में मैंने यहाँ कार्य भार ग्रहण किया है ।मुझे कुछ खास जानकारी नहीं है यदि मरम्म्त व रंगाई पोताइ के नाम पर सरकरी धन का बंदरबाट हुआ है तो इसकी जांच कराई जाएगी और जो भी लिप्त पाया जाएगा उसके खिलाफ नियमानुसार करवाई की जाएगी ।