जाने आम चुनाव 1952 में कांग्रेस के अलावा कितनी और पार्टियों ने लड़ा था चुनाव !

19 फरवरी 2019 ।।
2019 के आम चुनाव जैसे-जैसे पास आते जा रहे हैं, न्यूज चैनलों से लेकर चाय की दुकानों पर अनुमानों और दावों का बाजार गर्म होता जा रहा है. पार्टी कार्यकर्ता प्रत्याशियों के समर्थन में कैंपेनिंग शुरू कर चुके हैं और जनता समझने की कोशिश कर रही है कि किसे चुनना समझदारी होगी. इस बीच हम भारत में चुनावों के इतिहास पर एक नजर डाल रहे हैं क्योंकि इसी इतिहास में छुपे हैं वो किस्से जो हमें सिखा सकते हैं भारत को एक सहज, सजग और समर्थ लोकतंत्र बनाए रखने में कितने लोगों ने अपनी जिंदगी होम कर दी. और हमारे लिए कितना जरूरी है कि भारत ऐसे ही दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के साथ-साथ एक सजग लोकतंत्र भी बना रहे तो पढ़िए कैसा था भारत का पहला आम चुनाव -
# पहले आम चुनाव 25 अक्टूबर, 1951 से 27 मार्च, 1952 के बीच कराए गए थे.
# पहले आम चुनाव 25 अक्टूबर, 1951 से 27 मार्च, 1952 के बीच कराए गए थे.
# इन चुनावों में 53 पार्टियों के 1874 लोगों ने हिस्सा लिया था.
# पहले आम चुनावों में कुल लोकसभा सीटों की संख्या 489 थी.
# इन चुनावों में कांग्रेस को 364 सीटों पर जीत मिली थी. साथ ही जैसा कि जाहिर है इन चुनावों में कांग्रेस का नेतृत्व जवाहरलाल नेहरू कर रहे थे.
# कांग्रेस के बाद इन चुनावों में दूसरे नंबर पर आने वाली पार्टी CPI थी. इसने 16 सीटों पर जीत दर्ज की थी. साथ ही CPI को कुल वोटों के 3.29 परसेंट वोट मिले थे.
# सोशलिस्ट पार्टी इन चुनावों में तीसरे नंबर पर रही थी. हालांकि इस पार्टी को 10.59 परसेंट वोट मिले थे लेकिन मात्र 12 सीटों पर जीत मिली थी.
# पहली लोकसभा में कुल वोटों के करीब 45 परसेंट कांग्रेस को मिले थे.
# उस वक्त भारत की कुल जनसंख्या करीब 36 करोड़ थी. जिसमें से 17.32 करोड़ लोग मतदाता बने थे.
# जिनमें से 10 करोड़ 59 लाख मतदाताओं ने वोट डाले थे.
# आजादी के बाद भारत में एक ही पार्टी थी कांग्रेस. लेकिन चुनावों से पहले जवाहरलाल नेहरू के ही दो साथियों ने दो नई पार्टियां बना लीं. ये दोनों लोग थे, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और बीआर अंबेडकर. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अक्टूबर, 1951 में जनसंघ नाम की पार्टी बनाई तो बीआर अंबेडकर ने शिड्यूल कास्ट फेडरेशन नाम की पार्टी बनाई. बाद में इसी पार्टी का नाम बदलकर रिपब्लिकन पार्टी कर दिया गया. इसके अलावा आचार्य कृपलानी के नेतृत्व में किसान मजदूर प्रजा परिषद्, राम मनोहर लोहिया के नेतृत्व में सोशलिस्ट पार्टी जैसे कुछ औ दल भी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को हराने के लिए मैदान में उतरे.
# भारत के पहले मुख्य चुनाव आयुक्त सुकुमार सेन थे, जो आईसीएस अफसर और गणितज्ञ थे.
# इन चुनावों के लिए भारत के वैज्ञानिकों ने एक विशेष तरह की स्याही बनाई थी जिसे उंगली पर लगाने के बाद वह कई दिनों तक नहीं जाती थी. इसका प्रयोग इसलिए किया गया था ताकि एक ही व्यक्ति दो बार वोट न डाल सके. तबसे आज तक इसका प्रयोग हो रहा है.
(साभार न्यूज18)
जाने आम चुनाव 1952 में कांग्रेस के अलावा कितनी और पार्टियों ने लड़ा था चुनाव !
Reviewed by बलिया एक्सप्रेस
on
February 19, 2019
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