सीतापुर/बलिया में पुरानी पेंशन बहाली के लिए कर्मचारी,अधिकारी, शिक्षकों ने भारी हुंकार
बलिया/सीतापुर 9 अगस्त 2018 ।। अगस्त क्रांति( 9 अगस्त)के पहले दिन जिस तरह अंग्रेजो के खिलाफ आंदोलन में जनसैलाब उमड़ पड़ा था , ठीक वैसा ही जनसैलाब आज कर्मचारी, अधिकारी और शिक्षकों के पुरानी पेंशन की बहाली के लिये सड़को पर उतरे संयुक्त प्रदर्शन को देखने से एहसास हुआ । पूरे प्रदेश में आज राज्य सरकार के कार्यालयों में सन्नाटा रहा । इन लोगो द्वारा आगामी चुनाव के पूर्व शक्ति प्रदर्शन भाजपा नेतृत्व के माथे पर चिंता की लकीरें तो उकेर ही दी है ।पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कर्मचारी, अधिकारी,शिक्षक पुरानी पेंशन बहाली मंच सीतापुर के जिलाध्यक्ष राजकिशोर सिंह ,जिला संयोजक दीनबन्धु सिंह के नेतृत्व में हज़ारो कर्मचारियों का हुजूम पुरानी पेंशन बहाली के लिये नारे बाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंच कर सभा मे तब्दील हो गया । मंच से अपने भाषणों में सभी नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि पेंशन हमारी साठ साल की सेवा का हक है , इसको किसी भी कीमत पर देना होगा , अगर ऐसा नही होता है तो आगामी चुनाव में राज्यकर्मचारी भाजपा को सबक सिखाने का काम करेंगे ।सभा को संबोधित करने वालो में राजकिशोर सिंह ,दीनबन्धु सिंह,पवन कुमार सिंह,रविन्द्र दीक्षित,फुरकान अली,मो इरशाद,विपिन बिहारी यादव, अरुण कुमार श्रीवास्तव,अशोक कुमार सिंह,संजय श्रीवास्तव,पंकज कुमार पांडेय,सीके वर्मा,जीडी निरंकारी,प्रद्युम्न त्रिवेदी,अवधेश कुमार सिंह,हरद्वारी लाल वर्मा ,रामलोचन यादव प्रमुख रहे । सभा के बाद जिलाधिकारी सीतापुर के माध्यम से सीएम पीएम को पुरानी पेंशन बहाल करने का पत्रक भेजा गया ।
बलिया में भी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हजारों शिक्षक-शिक्षिकाएं जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में जिला परिषद से रैली निकालकर 'पुरानी पेंशन बहाली' की आवाज बुलंद की। शहर के हर मोड़ पर अलख जगाते हुए रैली कलेक्ट्रेट स्थित धरना स्थल पर पहुंचकर सभा में तब्दील हो गयी। रैली में पुरानी पेंशन प्राप्त अध्यापकों ने भी अपने भाइयों व बहनों की मांगों का जोरदार समर्थन देकर रैली में सम्पूर्ण सहभागिता दी। जितेंद्र सिंह ने जोरदार नारों के साथ प्रदेश व केंद्र सरकार को खुली चुनौती दी। कहा कि पुरानी पेंशन यदि बहाल नहीं की गई तो हर स्तर की लड़ाई लड़ेंगे। कहा कि यह कैसी विडम्बना है कि कोई एक दिन के लिए एमपी-एमएलए बनकर पेंशन का हकदार हो जाता है और कर्मचारी 60 साल सेवा करने के बाद भी पेंशन से वंचित कर दिया जाता है। उसके लिए सम्मुख बजट का रोना रोती है। इस मौके पर उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के डॉ. राजेश पाण्डेय, तेज प्रताप सिंह, सुनील सिंह अध्यक्ष बैरिया, प्रवीण ओझा मंत्री बैरिया, चन्दन सिंह अध्यक्ष मुरली छपरा, अजेय किशोर सिंह अध्यक्ष बेलहरी, शशिकान्त ओझा मंत्री बेलहरी, समरजीत बहादुर सिंह मंत्री दुबहर, अजीत कुमार पाण्डेय अध्यक्ष दुबहर, संजय दुबे मंत्री, जितेंद्र प्रताप सिंह अध्यक्ष बेरुरबारी, सैफुद्दीन अंसारी मंत्री, ज्ञानेंद्र प्रसाद गुप्त अध्यक्ष पंदह, उदय नारायण राम मंत्री, तेजप्रपाप सिंह अध्यक्ष रसड़ा, ओमप्रकाश राम मंत्री, वीरेंद्र यादव अध्यक्ष नगरा, सुरेश आजाद मंत्री, राधेश्याम सिंह अध्यक्ष चिलकहर, विनोद कुमार मंत्री, तुषारकान्त राय अध्यक्ष सोहांव, टुनटुन प्रसाद मंत्री, अनिल कुमार पाण्डेय अध्यक्ष गड़वार, विनय कुमार यादव मंत्री, सुशील कुमार अध्यक्ष नवानगर, सतीश चंद्र शर्मा मंत्री, अजय कुमार सिंह अध्यक्ष मनियर, अवधेश प्रसाद मंत्री, अशोक यादव अध्यक्ष सीयर, सैफुद्दीन अंसारी मंत्री, नारायण जी यादव अध्यक्ष रेवती, शिक्षा मित्र संघ के जिला मन्त्री पंकज सिंह, विशिष्ट बीटीसी वेलफ़ेयर एसोसियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश सिंह के अलावा गुरुनाम सिंह, बृजकिशोर पाठक, राजेश पाण्डेय, प्रवीण सिंह, तेज बहादुर पाण्डेय, विद्यासागर दुबे, कमला सिंह, शीला सिंह, विद्यासागर गुप्त, महफूज़ आलम, नौशाद आलम, सुभाष पाण्डेय, रामेश्वर उपाध्याय, सुधीर ओझा, विक्की सिंह, मनोज सिंह, मनीष चौधरी, रमेश तिवारी, भरत गुप्ता, दीपू सिंह, जहीर आलम, अखिलेश सिंह, ज्ञानेश्वर श्रीवास्तव, सुधीर श्रीवास्तव, अनिल राय, बलिराम जी, अखिलेश राय, राम बहादुर राय, विकास सिंह, धनन्जय सिंह, विजय सिंह, चंदन गौतम, राजकुमार शशि भूषण शुक्ल, अनिल कुमार श्रीवास्तव, अनिल द्विवेदी, विमल मिश्र, शशिकान्त पाण्डेय, जुबेर अहमद खां, मनिंद्र कुमार राय, दीलिप कुमार सिंह, अनूप तिवारी, जगत ओझा, प्रतिमा गुप्ता, चित्रलेखा सिंह, विजेता सिंह, कुंवर राजेश सिंह, अरमान अली, सुनील मिश्र, मुक्तेश तिवारी, मुकेश सिंह आदि उपस्थित रहे।








