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पूर्वांचल की राजनीति को बड़ा झटका, बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का निधन : मुख्यमंत्री योगी, अखिलेश यादव और बहन मायावती समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

 






लखनऊ/नई दिल्ली/बलिया।। उत्तर प्रदेश की राजनीति, खासकर पूर्वांचल के राजनीतिक परिदृश्य को बुधवार देर रात बड़ा झटका लगा, जब बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट से लगातार तीन बार विधायक और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के वरिष्ठ नेता उमाशंकर सिंह का गुरुग्राम स्थित फोर्टिस अस्पताल में निधन हो गया। वह लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थे और विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा था। उनके निधन की सूचना मिलते ही बलिया सहित पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और हजारों समर्थकों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।


उमाशंकर सिंह उत्तर प्रदेश विधानसभा में बसपा के इकलौते विधायक थे। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने रसड़ा सीट पर जीत दर्ज कर पार्टी का खाता खोला था। इससे पहले वह वर्ष 2012 और 2017 में भी इसी सीट से निर्वाचित हुए थे। लगातार तीन बार विधानसभा पहुंचने वाले उमाशंकर सिंह को बसपा ने विधानमंडल दल का नेता भी बनाया था। बीमारी के कारण वह पिछले कुछ समय से विधानसभा की कार्यवाही और पार्टी की बैठकों में शामिल नहीं हो पा रहे थे।


2 जनवरी 1971 को बलिया जिले के नगरा क्षेत्र के खनवर गांव में जन्मे उमाशंकर सिंह ने छात्र राजनीति से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी। वर्ष 1990-91 में वह छात्रसंघ महामंत्री चुने गए और बाद में जिला पंचायत सदस्य बनने के बाद सक्रिय राजनीति में अपनी पहचान बनाई। वर्ष 2012 में पहली बार विधायक बनने के बाद उन्होंने रसड़ा क्षेत्र में मजबूत जनाधार कायम किया और लगातार तीन चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक स्वीकार्यता साबित की।


उमाशंकर सिंह केवल राजनीति तक सीमित नहीं रहे, बल्कि सामाजिक कार्यों के कारण भी व्यापक पहचान रखते थे। गरीबों और जरूरतमंदों की मदद के लिए वह हमेशा आगे रहते थे। वर्ष 2016 में उनके द्वारा 351 जोड़ों का सामूहिक विवाह कराना पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना था। हिंदू और मुस्लिम समुदाय के जोड़ों का एक साथ विवाह कराकर उन्होंने सामाजिक समरसता का संदेश भी दिया था। क्षेत्र के लोग उन्हें गरीबों का मसीहा और सहज उपलब्ध जनप्रतिनिधि मानते थे।


उनके निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि रसड़ा विधानसभा क्षेत्र के विधायक उमाशंकर सिंह का निधन अत्यंत दुखद है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।


समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी उमाशंकर सिंह के निधन को सार्वजनिक जीवन की बड़ी क्षति बताया। उन्होंने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।


बसपा प्रमुख मायावती ने अपने शोक संदेश में उमाशंकर सिंह को पार्टी का कर्मठ, ईमानदार और पूरी निष्ठा से कार्य करने वाला नेता बताया। उन्होंने कहा कि कठिन राजनीतिक परिस्थितियों में भी उमाशंकर सिंह ने पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखी। मायावती ने कहा कि उनका पूरा परिवार बसपा परिवार का हिस्सा है और इस कठिन समय में पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।


उमाशंकर सिंह के निधन से न केवल बलिया बल्कि पूरे पूर्वांचल की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है। जनसेवा, सामाजिक सरोकार और संगठनात्मक क्षमता के दम पर उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई थी। उनके समर्थकों और शुभचिंतकों का कहना है कि उन्होंने जीवनभर जनता के बीच रहकर राजनीति की और क्षेत्र के विकास को हमेशा प्राथमिकता दी। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए बलिया लाए जाने की तैयारी की जा रही है, जहां बड़ी संख्या में समर्थक और आमजन उन्हें अंतिम विदाई देंगे। उनके निधन को प्रदेश की राजनीति में एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है।