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सनबीम स्कूल में उमड़ा पुस्तकों का सैलाब, डिजिटल दौर में किताबों से जुड़ा परिवार

 






बलिया।। जिले के प्रसिद्ध सनबीम स्कूल के प्रांगण में आयोजित रीडिंग महोत्सव कार्यक्रम के दौरान एक अनूठा दृश्य देखने को मिला, जहाँ विद्यालय में स्थित हर विद्यार्थी एवं विद्यालय में स्थित हर व्यक्ति के हाथ में पुस्तकें नजर आई।


बता दें कि सनबीम स्कूल की शिक्षण विधि अपने आप में अद्भुत है,विद्यालय पाठ्यक्रम में पुस्तकीय ज्ञान के साथ विविध गतिविधियों  भी शामिल है। इन गतिविधियों द्वारा विद्यार्थियों जीवन मूल्यों की सीख भी दी जाती है। इसी क्रम में विद्यालय में प्रत्येक वर्ष  13जुलाई से 25 जुलाई तक विद्यार्थियों में पढ़ने की रुचि उत्पन्न करने और पढ़ने के महत्व से रूबरू कराने के उद्देश्य से *रीडिंग महोत्सव* का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष इस महोत्सव के अंतर्गत अनेकों छोटी छोटी गतिविधियों को कराया जा रहा है। इसी के अंतर्गत विद्यालय प्रांगण में सामूहिक रीडिंग का आयोजन किया गया था जिसमें विद्यालय के सभी सदस्यों ने बढ़कर भाग लिया।इस कार्यक्रम के 1घंटे की अवधि निर्धारित थी जिसमें सभी ने अपनी रुचि के अनुसार कहानी, कविता आदि का पाठ किया। सत्र के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर काल के दौरान बच्चों ने पढ़ी गई कहानियों और उनके पात्रों के संबंध में अत्यंत सटीक उत्तर दिए।


इस समारोह में विद्यालय निदेशक डॉ कुंवर अरुण सिंह विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि *पुस्तकें पढ़ने से आँखों को जो सुकून और मानसिक शांति मिलती है, वह किसी भी डिजिटल स्क्रीन से संभव नहीं है। पुस्तकें पढ़ने से एकाग्रता का विकास होता है।उन्होंने सचेत किया कि डिजिटल उपकरणों के इस्तेमाल के लिए निरंतर संसाधनों (इंटरनेट, बिजली, गैजेट्स) की आवश्यकता होती है, और इनका अत्यधिक उपयोग बच्चों की आँखों को भी नुकसान पहुँचाता है। उन्होंने विद्यालय में स्थित पुस्तकालय पर चर्चा करते हुए कहा कि विद्यालय के नालंदा पुस्तकालय' में ज्ञान का एक बहुत बड़ा संग्रह मौजूद है। वर्तमान में इस पुस्तकालय में 17,341 से भी अधिक पुस्तकों का विशाल भंडार उपलब्ध है, जो आपके बौद्धिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन है।*


विद्यालय के सचिव श्रीवत्स सिंह ने भी पुस्तकों की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि समाचार पत्र हमें देश-दुनिया के प्रति जागरूक बनाते हैं। प्रधानाचार्या डॉ. अर्पिता सिंह ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें प्रतिदिन कोई न कोई ज्ञानवर्धक पुस्तक अवश्य पढ़नी चाहिए, क्योंकि स्वाध्याय की यह आदत जीवन को संवार देती है।


इस गरिमामयी अवसर पर उपप्रधानाचार्य श्री पंकज सिंह, ग्लोबल कोऑर्डिनेटर श्रीमती सहर बानो, हेडमिस्ट्रेस श्रीमती नीतू पांडेय, समन्वयक श्री  जयप्रकाश यादव, श्री प्रशांत उपाध्याय सहित सभी  सदस्य उपस्थित रहे।