अंतिम मतदाता सूची जारी, बलिया में पंचायत चुनाव की सुगबुगाहट तेज
अंतिम प्रकाशित पंचायत मतदाता: 26,97,200
पुनरीक्षण के बाद मतदाताओं की संख्या में वृद्धि
गांवों में चुनावी गतिविधियां तेज
पंचायत चुनाव की अधिसूचना का इंतजार जारी
मधुसूदन सिंह
लखनऊ/बलिया। उत्तर प्रदेश में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियों को बड़ा बल तब मिला, जब राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत निर्वाचन नामावली 2025-26 का अंतिम प्रकाशन जारी कर दिया। अंतिम सूची के अनुसार प्रदेश में कुल 12 करोड़ 58 लाख 51 हजार 570 मतदाता दर्ज किए गए हैं। मतदाता पुनरीक्षण अभियान के दौरान 2 करोड़ 32 लाख 24 हजार 805 नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए, जबकि 2 करोड़ 3 लाख 23 हजार 287 नाम विभिन्न कारणों से सूची से हटाए गए। इस प्रकार प्रदेश में 29 लाख 1 हजार 518 मतदाताओं की शुद्ध बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान प्राप्त दावों और आपत्तियों का निस्तारण कर मतदाता सूची को अंतिम रूप दिया गया है। आयोग का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना था।
बलिया में बढ़ी चुनावी हलचल
अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद बलिया जिले में भी पंचायत चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार जिले में पंचायत मतदाताओं की संख्या बढ़ी है, जिससे ग्रामीण राजनीति में नई सक्रियता देखने को मिल रही है। गांवों में संभावित प्रधान, बीडीसी और जिला पंचायत सदस्य पद के दावेदारों ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ानी शुरू कर दी हैं।
स्थानीय राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन पंचायत चुनाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि अभी चुनाव कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां आगे बढ़ने लगी हैं।
रणनीति बनाने में जुटे राजनीतिक दल
नई मतदाता सूची सामने आने के बाद राजनीतिक दल और स्थानीय स्तर के दावेदार नए मतदाता आधार का आकलन करने में जुट गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या में हुए बदलाव को देखते हुए चुनावी समीकरणों पर भी चर्चा शुरू हो गई है। कई संभावित उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क बढ़ाने लगे हैं।
आयोग की अगली घोषणा पर नजर
फिलहाल पंचायत चुनाव की तारीखों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से कोई आधिकारिक कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है। लेकिन अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन को चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। ऐसे में अब राजनीतिक दलों, संभावित प्रत्याशियों और ग्रामीण मतदाताओं की निगाहें आयोग की अगली घोषणा पर टिकी हैं।
(यह खबर उपलब्ध आधिकारिक मतदाता सूची के आंकड़ों और निर्वाचन आयोग द्वारा जारी जानकारी पर आधारित है।)





