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कारागार में विधि छात्रों को मिला व्यवहारिक प्रशिक्षण, बंदियों के अधिकारों और जेल व्यवस्था से कराया गया परिचय

 





गोरखपुर।। विधि शिक्षा को व्यवहारिक अनुभव से जोड़ने की दिशा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा एक विशेष पहल के तहत बड़ी संख्या में विधि छात्रों को जिला कारागार का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य भावी अधिवक्ताओं को जेल प्रशासन, बंदियों के अधिकारों तथा न्यायिक व्यवस्था के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराना रहा।


मा० जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष राजकुमार सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत 1 जून से 10 जून 2026 तक विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विधि छात्र-छात्राओं ने जिला कारागार का भ्रमण किया। इस दौरान पंडित दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय के 159, सेंट एंड्रयूज कॉलेज के 104 तथा अन्य महाविद्यालयों के 26 विधिक प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।


प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को जेल मैनुअल, बंदियों को उपलब्ध कानूनी सहायता, उनके संवैधानिक एवं विधिक अधिकारों तथा कारागार प्रशासन की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने छात्रों को बताया कि न्यायिक प्रक्रिया में विधिक सहायता की क्या भूमिका होती है और बंदियों के अधिकारों की सुरक्षा किस प्रकार सुनिश्चित की जाती है।



जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पूर्णकालिक सचिव श्रीमती प्रतिभा चौधरी ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का नेतृत्व किया। इस अवसर पर असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल संजय कुँवर निगम और अरविंद सिंह ने भी छात्रों को कानूनी प्रक्रियाओं और विधिक सहायता तंत्र के बारे में जानकारी प्रदान की।


कारागार प्रशासन की ओर से वरिष्ठ अधिकारियों ने भी छात्रों का मार्गदर्शन किया। जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय, जेलर अरुण कुमार कुशवाहा, डिप्टी जेलर नरेश कुमार, विजय कुमार तथा अमिता श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने कारागार की व्यवस्थाओं से छात्रों को अवगत कराया।


दस दिवसीय यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विधि के विद्यार्थियों के लिए केवल शैक्षणिक गतिविधि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्हें न्याय व्यवस्था के उस पक्ष को समझने का अवसर भी मिला, जो पुस्तकीय ज्ञान से परे वास्तविक परिस्थितियों से जुड़ा हुआ है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की इस पहल को भावी विधि व्यवसायियों के लिए उपयोगी और अनुभववर्धक कदम माना जा रहा है।