सीएम डैशबोर्ड में खराब रैंकिंग पर डीएम सख्त, विलंबित परियोजनाएं जल्द पूरी करने के निर्देश
बलिया।। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड की प्रगति की समीक्षा को लेकर जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की। समीक्षा के दौरान कई विभागों की रैंकिंग संतोषजनक न पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में जननी सुरक्षा योजना एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की रैंकिंग ‘सी’ तथा पंचायती राज विभाग और सेतु निर्माण की रैंकिंग ‘बी’ पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कहा कि विभागीय कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने विभागों की रैंकिंग सुधारने के लिए प्रभावी कदम उठाएं।
जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को जिले के सभी जर्जर विद्यालयों की सूची तैयार कर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों के निर्माण कार्य का भुगतान हो चुका है लेकिन अब तक बिजली कनेक्शन नहीं मिला है, उनकी अलग सूची तैयार की जाए। इस पर विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि ऐसे सभी विद्यालयों में तत्काल बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए। साथ ही उन्होंने पांच करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली विलंबित परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मनियर का निर्माण कार्य जुलाई माह तक पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा पर्यटन विभाग की छह लंबित परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने को कहा गया। उन्होंने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, बेलहरी के निर्माण कार्य को जल्द पूरा करने तथा राजकीय आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय, हुसैनाबाद का कार्य जून माह के भीतर पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि लंबित परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में देरी और लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
आईजीआरएस में लापरवाही पर डीएम सख्त, वेतन रोकने की चेतावनी
जिलाधिकारी ने आईजीआरएस की समीक्षा की। जिसमें विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। समीक्षा के दौरान समाज कल्याण विभाग, विद्युत विभाग एवं ग्राम्य विकास विभाग में आईजीआरएस निस्तारण में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए। साथ ही पांच विभागों द्वारा आईजीआरएस पर फीडबैक शून्य दर्ज किया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि जिन विभागों का फीडबैक 50 प्रतिशत से कम रहेगा, वहां संबंधित अधिकारी एवं कंप्यूटर ऑपरेटर का वेतन रोक दिया जाएगा।
समीक्षा के दौरान पीएचसी/सीएचसी नगरा, रेवती, सीयर एवं चिलकहर से संबंधित शिकायतों में शिकायतकर्ताओं से संपर्क स्थापित न किए जाने का मामला भी सामने आया। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों की सही एवं तथ्यात्मक आख्या रिपोर्ट अपलोड की जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसी विभाग द्वारा आईजीआरएस पोर्टल पर गलत या भ्रामक आख्या अपलोड की गई तो संबंधित विभागीय अधिकारी और रिपोर्ट अपलोड करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर दोनों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी तथा उनका वेतन रोका जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि आख्या रिपोर्ट में किसी प्रकार की अनियमितता या गलत जानकारी पाए जाने पर संबंधित कर्मियों का उतने दिनों का वेतन काटा जाएगा, जितने मामलों में गलत रिपोर्ट अपलोड की गई होगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ ओजस्वी राज, एडीएम अनिल कुमार, डीडीओ आनंद प्रकाश, सीआरओ गुलशन जी एवं जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।











