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गोरखपुर से कृषि और उद्योग को मिली नई रफ्तार: मुख्यमंत्री ने किसानों को दिया उत्पादन का मंत्र, युवाओं के लिए खोले रोजगार के नए द्वार

 





गोरखपुर।। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तीन दिवसीय गोरखपुर प्रवास का अंतिम दिन विकास, कृषि और औद्योगिक विस्तार को समर्पित रहा। सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन के दौरान लोगों की समस्याएं सुनने और अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश देने के बाद मुख्यमंत्री ने दिनभर दो बड़े कार्यक्रमों में भाग लिया। एक ओर उन्होंने गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ मंडल की संयुक्त मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी-2026 का शुभारंभ किया, तो दूसरी ओर गीडा क्षेत्र में 208 करोड़ रुपये की लागत वाली विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर पूर्वांचल के औद्योगिक विकास को नई दिशा दी।




महायोगी गुरु श्री गोरखनाथ की पावन नगरी में आयोजित खरीफ उत्पादकता गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले बारह वर्षों में कृषि क्षेत्र में अभूतपूर्व सकारात्मक बदलाव हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज देश का अन्नदाता केवल खाद्यान्न उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने किसानों को गोष्ठी की सफलता की शुभकामनाएं देते हुए अधिक उत्पादन, आधुनिक खेती और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया।





उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मनुष्य के स्वास्थ्य की जांच आवश्यक होती है, उसी प्रकार धरती माता के स्वास्थ्य का परीक्षण भी जरूरी है। इसी सोच के साथ किसानों को निःशुल्क सॉइल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराए गए, जिससे मिट्टी की वास्तविक स्थिति के अनुसार खेती संभव हो सकी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के लिए लखनऊ में भारत रत्न चौधरी चरण सिंह के नाम पर सीड पार्क का निर्माण कराया जा रहा है।


कृषि क्षेत्र में सरकार की पहलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहली बार सरकारी नलकूपों के साथ-साथ निजी नलकूपों को भी मुफ्त बिजली योजना से जोड़ा गया है। इसके लिए राज्य सरकार लगभग तीन हजार करोड़ रुपये का व्यय स्वयं वहन कर रही है, ताकि किसानों को सिंचाई में अधिकतम राहत मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाणसागर नहर परियोजना, सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना और बुंदेलखंड क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण सिंचाई योजनाओं को पूरा कर प्रदेश की लगभग 24 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई है।






उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत और सरकार की योजनाओं के समन्वित प्रयासों का परिणाम है कि प्रदेश की कृषि विकास दर में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश आज कृषि उत्पादन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को ट्रैक्टर की चाबियां, प्रमाण-पत्र और सहायता राशि के चेक भी वितरित किए गए।


इसके बाद मुख्यमंत्री गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) क्षेत्र पहुंचे, जहां उन्होंने 208 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स, ईडब्ल्यूएस और एलआईजी आवासीय परिसर सहित कई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर आवास और औद्योगिक भूखंड के आवंटियों को आवंटन पत्र तथा एनआईईएलआईटी कौशल केंद्र से प्रशिक्षित युवाओं को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में पहली बार फ्लैटेड फैक्ट्री का शुभारंभ किया गया है। यह परियोजना एमएसएमई क्षेत्र के लिए एक आधुनिक और उपयोगी मॉडल साबित होगी, जहां एक ही परिसर में 100 से अधिक उद्योग संचालित किए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि रेडीमेड गारमेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों और अन्य लघु एवं मध्यम उद्योगों को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा और नए निवेश आकर्षित होंगे।


मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले नौ वर्षों में केवल गीडा क्षेत्र में स्थापित उद्योगों के माध्यम से लगभग 50 हजार युवाओं को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि गीडा अब केवल औद्योगिक क्षेत्र नहीं, बल्कि पूर्वांचल के आर्थिक परिवर्तन का केंद्र बन चुका है। धुरियापार क्षेत्र में सात हजार एकड़ में गीडा का विस्तार तेजी से आगे बढ़ रहा है, जहां नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के साथ सीमेंट, पेंट और बायो-सीएनजी जैसे क्षेत्रों में भी निवेश हो रहा है।


अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि उद्योग और विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता सुरक्षा है। यदि सुरक्षा नहीं होगी तो न सुशासन संभव होगा और न ही समृद्धि। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में सरकार ने अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई थी, जिसके सकारात्मक परिणाम आज निवेश और औद्योगिक विकास के रूप में दिखाई दे रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि फ्लैटेड फैक्ट्री पूर्वी उत्तर प्रदेश के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने वाली परियोजना साबित होगी। एक ही कैंपस में उद्योगों के संचालन की सुविधा से उत्पादन लागत कम होगी, निवेश बढ़ेगा और स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।


गोरखपुर में आयोजित इन दोनों बड़े कार्यक्रमों ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार कृषि और उद्योग को समान महत्व देते हुए विकास की दोहरी रणनीति पर कार्य कर रही है। एक ओर खेतों की उत्पादकता बढ़ाने की योजना है, तो दूसरी ओर उद्योगों के माध्यम से रोजगार और निवेश का नया आधार तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के इस दौरे को पूर्वांचल के कृषि एवं औद्योगिक भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।