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बलिया में 9 से 15 जून तक श्री प्रदीप मिश्रा जी के श्रीमुख से पहली बार शिव महापुराण कथा का आयोजन, परिवहन मंत्री के आयोजकत्व मे तैयारियां अंतिम चरण में






श्री बालखंडी नाथ धाम मे हो रहा है यह आयोजन 

नहीं जारी होगा कोई वीवीआईपी पास 

मीडिया कर्मियों और आयोजन मे सहयोगियों (कार्यकर्ताओ )को ही मिलेगा पास 

सुबह शाम डेढ़ लाख लोगों को कराया जायेगा भोजन 

हर रूट की गाड़ियों के लिये अलग अलग स्टैंड 

मेडिकल टीम के साथ ही जगह जगह रहेगी पेयजल की व्यवस्था 

प्लास्टिक के सामानो को लाना प्रतिबंधित 

मधुसूदन सिंह 

बलिया।। जनपद के पावन एवं ऐतिहासिक बाबा बालखण्डी नाथ धाम में 9 से 15 जून 2026 तक भव्य शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जाना है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के सौजन्य से किए जा रहे आस्था और आध्यात्मिकता से परिपूर्ण इस आयोजन में अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक भागवत भूषण पंडित प्रदीप जी मिश्रा के श्रीमुख से प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक शिव महापुराण कथा का अमृतमय प्रवचन होगा। भव्य शिव महापुराण कथा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इस कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र ही नहीं बल्कि पूर्वाचल एवं पड़ोसी जनपदों के श्रद्धालुओं में भी विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।

अधिक मास मे श्रीराम कथा के बाद तीसरे साल परिवहन मंत्री करा रहे है शिव महापुराण कथा का ऐतिहासिक आयोजन 

बलिया नगर विधानसभा के विधायक व मंत्री बनने के बाद परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह का तीन साल के अंदर यह दूसरा धार्मिक महा आयोजन है। आज से तीन साल पहले अगस्त माह मे परिवहन मंत्री जी ने अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिलब्ध कथा वाच श्री प्रेम भूषण जी महाराज के श्रीमुख से श्रीराम कथा का श्रवण स्थानीय जनता जनार्दन को कराया था। उस समय भी अधिक मास चल रहा था और इस समय भी अधिक मास चल रहा है। इस बार परिवहन मंत्री ने ऐतिहासिक कार्य करते हुए (वाराणसी को छोड़कर ) पूर्वांचल वासियों के लिये श्री प्रदीप मिश्रा जी का कार्यक्रम कराने जा रहे है। पूर्वांचल मे श्री प्रदीप मिश्रा जी के द्वारा पहली बार (वाराणसी को छोड़कर )बलिया मे शिव महापुराण की कथा सुनाई जायेगी।

          50 एकड़ के क्षेत्रफल मे बन रहा है पांडाल 

आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लगभग 50 एकड़ क्षेत्रफल में विशाल कथा पंडाल का निर्माण कराया गया है, जहां एक साथ लाखों श्रद्धालु बैठ कर कथा श्रवण कर सकेंगे। कथा स्थल पर प्रवेश एवं निकास को सुगम बनाने के लिए 14 अलग-अलग मार्ग बनाए गए है, जिससे भीड़ प्रबंधन में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।पांडाल 3लाख वर्ग फिट का लगाया जा रहा है। यह जानकारी परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने आज प्रेस वार्ता के माध्यम से दी है।

 हर रूट के वाहनों के लिये निर्धारित किये गये है अलग अलग स्टैंड 

परिवहन मंत्री ने बताया कि श्रद्धालुओं के वाहनों के सुव्यवस्थित संचालन हेतु 7 बड़े पार्किंग स्थलों की व्यवस्था की गई है, जिनमें लगभग 20 हजार वाहनों के खड़े होने की क्षमता होगी। बस, कार एवं दोपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किग निर्धारित की गई है। छाता, सोनवानी, हल्दी, सहतवार एवं बैरिया की दिशा से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बांसडीह रेलवे स्टेशन के समीप स्थित सती माता मंदिर के पास पार्किग बनाई गई है। वहीं शहर एवं ब्यासी क्षेत्र की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बभनौली और पेट्रोल पंप के मध्य तीन पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं। बांसडीह, मनियर, रेवती, बैरिया एवं सिकंदरपुर क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सहपुरवा पुल के निकट विशेष पार्किंग की व्यवस्था की गई है। कहा कि मीडिया कर्मियों को कोई असुविधा न हो, इसके लिये पांडाल के निकट वाहन स्टैंड बनाया जायेगा, इसमें केवल प्रेस के लोगों के ही वाहन खड़े होंगे।

भव्य भंडारे की व्यवस्था, सुबह शाम वितरित होगा भोजन प्रसाद 

कथा में पधारने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन की भी विशेष व्यवस्था की गई है। प्रतिदिन लगभग 1.5 लाख श्रद्धालुओं को भोजन उपलब्ध कराये जाने की तैयारी की जा रही है। भोजन वितरण का समय प्रातः 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक तया सायं 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त बाबा बालखण्डी नाय मंदिर समिति द्वारा प्रतिदिन 15 से 20 हजार श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। भोजन में रोटी, सब्जी, दाल एवं चावल प्रमुख रूप से परोसे जाएंगे।

वीवीआईपी कल्चर नहीं, नहीं जारी होगा कोई पास, सिर्फ मीडिया आयोजन से जुड़े लोगों को ही मिलेगा पास 

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि इस महा आयोजन मे वीवीआईपी कल्चर को समाप्त कर दिया गया है। इस आयोजन मे किसी भी प्रकार का वीवीआईपी पास जारी नहीं किया जायेगा। जो पहले आयेगा, वह आगे बैठेगा। तीन लाख वर्ग फिट के लगने वाले जर्मन हैंगर मे बैठने वाले लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होंगी। जगह जगह एलईडी टीवी के माध्यम से कथा का प्रसारण सुगमता से सभी को देखने व सुनने को मिलेगा। पांडाल के बाहर भी ऐसी ही व्यवस्था की जायेगी, जिससे कोई भी शिवभक्त कथा को श्रवण करने व महराज जी का दर्शन लाभ से वंचित न रहें।

         प्लास्टिक के सामान लेना जाने की मनाही 

आयोजन समिति ने इस महाआयोजन को पर्यावरण संरक्षण से भी जोड़ा है। कथा स्थल पर प्लास्टिक के बर्तनों का प्रयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। श्रद्धालुओं को थाली में प्रसाद एवं भोजन ग्रहण कराया जाएगा, जिससे स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण दोनों सुनिश्चित हो सकें।

बलिया रेलवे स्टेशन व बस स्टेशन से कथा स्थल मात्र 10 किमी की दूरी पर 

यातायात की दृष्टि से भी कथा स्थल अत्यंत सुगम स्थान पर स्थित है। बाबा बालखण्डी नाय धाम बांसडीह रेलवे स्टेशन से मात्र 200 मीटर, बलिया रेलवे स्टेशन से लगभग 10 किलोमीटर तया बलिया बस स्टेशन से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जिससे दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा होगी।


आयोजन समिति एवं प्रशासन द्वारा सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधा के लिए मोबाइल संचालित मेडिकल सहायता, अग्निशमन व्यवस्था तवा अन्य आवश्यक सेवाओं को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। कथा स्थल पर श्रद्धालओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखी गई है।


यह शिव महापुराण कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, आस्था , सेवा और सामाजिक समरसता का विराट उत्सव बनने जा रही है। लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में बाबा बालखण्डी नाथ धाम शिवभक्ति के महासागर में परिवर्तित होगा, जहां भगवान भोलेनाथ की महिमा का गुणगान और शिवशक्ति की दिव्य धारा निरंतर प्रवाहित होगी।