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उभाँव कांड के आरोपी क्राइम इंस्पेक्टर को कोर्ट से जमानत मिलने पर पीड़िता निराश, कहा -मुझे अब खतरा, उच्च न्यायालय व योगी जी से ही न्याय मिलने की आस

 

 


जांच अधिकारी सीओ रसड़ा, एसओ उभाँव व कोतवाली बलिया के पूर्व कोतवाल पर लगाया गंभीर आरोप 

बोली -जितने लोगों ने धमकाया है, सबकी है रिकॉर्डिंग 

बलिया।। चार्ज शीट कोर्ट मे जमा करने के बदले हमविस्तर होने का दबाव बनाने वाले और कॉल रिकॉर्डिंग वायरल होने के बाद निलंबित होने के बाद गंभीर धाराओं मे दर्ज मुक़दमे के आरोपी तत्कालीन निलंबित क्राइम इंस्पेक्टर उभाँव नरेश मलिक को कोर्ट से जमानत मिल गयी है। जमानत मिलने के बाद पीड़िता अपसेट दिखी। पीड़िता ने कहा कि कोर्ट से पुख्ता सबूतों के होने के वावजूद जमानत मिलने से मै निराश हूं। कहा कि मुझे लगने लगा है कि अब यहां से न्याय नहीं मिलेगा। मुझे न्याय उच्च न्यायालय और मुख्यमंत्री योगी जी से ही न्याय मिलने की उम्मीद है।

पीड़िता के अधिवक्ता गोरख नाथ वर्मा ने कहा कि आरोपियों पर लगी धाराएं ऐसी है, जिसमे सेशन कोर्ट से ही जमानत मिल सकती है। कहा कि वैसे यह एक ऐसा केस है जिसमे जांच कर्ता भी पुलिस और आरोपी भी पुलिस है। ऐसे मे पुलिस से निष्पक्ष जांच होनी दिख नही रही है।

पीड़िता ने आरोप लगाया है कि जब मैंने मुकदमा दर्ज कराया था तो थानाध्यक्ष संजय शुक्ला का नाम निकालने के लिये मेरे पास कई फोन धमकाने वाले आये थे। कहा कि जितने लोगों ने मुझे धमकाया है, सबकी कॉल रिकॉर्डिंग मेरे पास सुरक्षित है। कहा कि अभी तो मै मिली जमानत को ख़ारिज कराने के लिये उच्च न्यायालय और सीएम योगी जी के पास जाने की तैयारी कर रही हूं।



जांच अधिकारी सीओ, थानाध्यक्ष उभाँव और कोतवाली बलिया के पूर्व कोतवाल पर लगाया गंभीर आरोप 

नरेश मलिक को जमानत मिलने से नाराज पीड़िता ने कहा कि स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से ही जमानत मिली है। कहा कि एसओ उभाँव और जांच अधिकारी सीओ रसड़ा जांच के नाम पर मुझे ही प्रताड़ित कर रहे है। जांच के नाम पर मेरे घर बार बार पुलिस भेजकर परेशान किया जा रहा है। कहा कि सोमवार को मेरे घर एक महिला और पुरुष सिपाही ने सीओ रसड़ा के हस्ताक्षर से जारी एक नोटिस दिया है, जिसमे लिखा है कि तीन दिनों के अंदर पेन ड्राइव मे साक्ष्य उपलब्ध कराये, नहीं तो जांच को गुण दोष के आधार पर निस्तारित कर दिया जायेगा। कहा कि मैंने पुलिस अधीक्षक महोदय को साक्ष्य वाली पेन ड्राइव बहुत पहले ही सौप दी थी, फिर भी मुझसे मांगने का क्या मतलब?

कहा कि उभाँव थानाध्यक्ष व सीओ रसड़ा साहब मुझे बस आश्वासन देकर समय निकाल रहे है। आरोप लगाया कि कोतवाली बलिया के पूर्व कोतवाल ने भी मेरे बारे मे सार्वजनिक रूप से अभद्र टिप्पणी की है। कहा कि जब पुलिस अधिकारी ही मेरे संबंध मे ऐसी सोच रखते है, तो आम आदमी क्या सोचता होगा? ऐसी सोच वाले अधिकारियों से न्याय मिलना असंभव है।

धमकाने वालों की कॉल रिकॉर्डिंग सुरक्षित 

पीड़िता ने कहा कि जमानत मिलने के बाद मुझे खतरा महसूस होने लगा है। जब ये लोग फरार थे तब मुझे दूसरे दूसरे लोगों से धमकवा चुके है। जब ये खुलेआम घूमने लगेंगे तो कुछ भी कर व करा सकते है। कहा कि मैंने उन सभी लोगों की कॉल रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रख लिया है और अपने ऊपर हमला होने पर सभी को सार्वजनिक कर दूंगी।