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सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी के बयान :... कोई कोई तो भली वेश्या, ब्राह्मण भला न कोई, पर भड़के पूर्व मंत्री आनंद स्वरुप, रखा एक दिन का उपवास

 



मधुसूदन सिंह 

बलिया।। सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी द्वारा 5 मई को दिल्ली के जवाहर भवन में डॉ रफरफ शकील अंसारी और जावेद अनवर की किताब 'जाति और साम्प्रदायिकता के विषाणु' के लोकार्पण के बाद ब्राह्मणों पर दिया गया बयान सुर्खियों मे है। इस बयान की चारो तरफ निंदा व विरोध हो रहा है। श्री भाटी ने अपने बयान मे ब्राह्मणों की तुलना वेश्या से की थी। कहा था कि 

ब्राह्मण भला न वेश्या, इनमे भला न कोई।

कही कही तो भली वेश्या, ब्राह्मण भला न कोई।।



इसी को लेकर पूरे प्रदेश मे समाजवादी पार्टी व राजकुमार भाटी का विरोध हो रहा है। बलिया मे अपने कैंप कार्यालय पर एक दिवसीय उपवास धरने पर बैठे पूर्व मंत्री आनंद स्वरुप शुक्ला, समाजवादी पार्टी व राजकुमार भाटी पर जमकर भड़के। कहा कि कर्म से समाजवादी व चरित्र से नमाजवादी पार्टी का हिन्दू विरोधी, सनातन विरोधी चेहरा सामने आ गया है। असम, बंगाल मे 40 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम आबादी वाले क्षेत्रों मे भी बीजेपी की जीत से अखिलेश यादव यह समझ चुके है कि बीजेपी को जब 40 प्रतिशत मुस्लिम वोटो के सहारे नहीं हराया जा सकता है,तो यूपी मे 20 प्रतिशत से हराना कठिन है। इसलिए हिन्दुओं को बाँटने की मुहिम पर अपने प्रवक्ताओ को लगा दिये है। सपा सुनियोजित षड़यंत्र के तहत हिन्दू देवी देवताओ, साधु संतो, सनातन और ब्राह्मणों को निशाना बना रही है। सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी का ब्राह्मणों पर की गयी अभद्र टिप्पणी अस्वीकार्य और निंदनीय है।

      क्षमा याचना मे क्या कहा है राजकुमार भाटी ने 



राजकुमार भाटी ने अपने भाषण में कहा कि हमारे समाज में जातियों को लेकर बहुत खराब मुहावरे, लोकोक्तियां और कहावतें बनी हुई हैं। कहा कि ऐसी कहावतें दोनों तरफ से हैं, जो दूसरे समाज को अपमानित करती हैं।  बताया कि एक पत्रकार महोदय मुझे एक दोहा सुनाकर चिढ़ाते थे। "गुर्जर अहीर कंजर कुत्ता बिल्ली बंदर, ये छह ना होते तो खुले किवाड़ों सोते।


दूसरे पत्रकार ने मुझे एक दोहा बताया कि आप उन्हें यह सुना दिया करो। जिसमें ब्राह्मण और वेश्या का जिक्र है। साथ ही साथ मैंने यह भी बोला कि यह दोहा बहुत ज्यादा खराब था, इसलिए मैंने कभी नहीं सुनाया और मैं भी इसे ठीक नहीं मानता, क्योंकि ब्राह्मण भी बहुत भले होते हैं। लेकिन जिनके दिमाग में फितूर भरा होता है, ऐसे लोग इसकी कुछ सेकंड की क्लिप चलाकर मेरे ऊपर निशाना साधते है।