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जैसी करनी वैसी भरनी : उच्च न्यायालय से जमानत के बाद भी हरकतों से नहीं आया बाज वन दरोगा, अब पहुंचा फिर से जेल, दोनों निरीक्षकों पर भी लटकी तलवार


 




बेल्थरा रोड बलिया।। कोर्ट मैरज के नाम पर यौन शोषण के आरोप मे जेल जा चुके वन दरोगा उग्रसेन जायसवाल एक बार फिर से अपनी करनी के कारण जेल पहुंच गया है। बता दे कि युवती से मंदिर मे शादी का दिखावा करके यौन शोषण करने वाले वन दरोगा को युवती की तहरीर पर उभाँव थाने द्वारा जेल भेजा गया था। 18 दिन जेल मे रहने के बाद यह जमानत पर बाहर आकर पीड़िता को धमकाना शुरू कर दिया। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि यह तत्कालीन थानाध्यक्ष और क्राइम इंस्पेक्टर से मिल कर चार्जशीट दाखिल नहीं होने दे रहा था। साथ ही पीड़िता ने क्राइम इंस्पेक्टर का ऑडियो जारी कर डीआईजी आजमगढ़ से मिलकर आरोप लगाया कि थानाध्यक्ष और क्राइम इंस्पेक्टर चार्जशीट कोर्ट भेजनें के लिये एक एक रात हम विस्तर होने की डिमांड कर रहे है। डीआईजी के आदेश के बाद पुलिस अधीक्षक बलिया ने सीओ रसड़ा से जांच कराकर आरोपी थानाध्यक्ष व क्राइम इंस्पेक्टर को पहले निलंबित किया फिर उग्रसेन जायसवाल के साथ मुकदमा दर्ज कराकर आरोपी बना दिया।



पीड़िता ने लगाया था यह आरोप 

दोनों इंस्पेक्टर के निलंबित होने व मुक़दमे मे आरोपी बनाये जाने के बाद पीड़िता ने अपने बयान मे आरोप लगाया कि मुझे अंजान नंबरों से धमकी भरी कॉल आ रही है और मुकदमा वापस लेने के लिये धमकाया जा रहा है। पीड़िता ने वन दरोगा उग्रसेन जायसवाल, निलंबित थानाध्यक्ष संजय शुक्ला और निलंबित क्राइम इंस्पेक्टर नरेश मलिक को इसके लिये जिम्मेदार ठहराया था। इस आरोप के बाद उभाँव पुलिस हरकत मे आयी और उग्रसेन जायसवाल को उसकी पत्नी के घर से गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।

पीड़िता ने दर्ज कराया 164 का बयान, आरोपी संजय शुक्ला व नरेश मलिक पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार 

एक महिला पुलिस कर्मी समेत तीन पर भी हो सकती है निलंबन की कार्यवाही 

शुक्रवार को पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज करा दिया। सूत्रों की माने तो पीड़िता ने तहरीर के आरोपों को अपने बयान मे दोहराया है। इसका मतलब यह हुआ कि निलंबित थानाध्यक्ष संजय शुक्ला और निलंबित क्राइम इंस्पेक्टर नरेश मलिक की गिरफ्तारी का रास्ता खुल गया है। इसके साथ ही वर्तमान थानाध्यक्ष दिनेश पाठक के स्वागत समारोह मे आरोपी उग्रसेन जायसवाल को पहचानने के बाद भी शामिल होने से न रोकने वाले कम से कम तीन पुलिस कर्मियों पर भी निलंबन की तलवार लटक गयी है। सूत्रों की माने तो पीड़िता ने इन पुलिस कर्मियों पर आरोप लगाया है।