आरोपी चिकित्सकों को गिरफ्तार करने मे असफल बलिया पुलिस का बड़ा कारनामा, न्याय न मिलने पर आत्मदाह करने की कोशिश करने वाले को ही भेजा जेल
पुलिस की असफलता से बौखलाया पीड़ित, कलेक्ट्रेट पर किया आत्मदाह का प्रयास, पुलिस
अपूर्वा नर्सिंग होम केस, 24 दिन बाद भी आरोपी डॉक्टरों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोश, मृतका अनीशा के पति ने कलेक्ट्रेट पर किया की आत्मदाह का प्रयास
बलिया।। लगभग 24 दिन पूर्व शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित अपूर्वा नर्सिंग होम में इलाज के दौरान हुई अनीशा राय की मौत के मामले में न्याय की गुहार लगा रहे पीड़ित परिवार का धैर्य अब जवाब देने लगा है। घटना के लगभग 24 दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी डॉक्टरों की गिरफ्तारी न होने से क्षुब्ध होकर मृतक अनीशा के पति शिवांश ने आज कलेक्ट्रेट परिसर में आत्मदाह करने की कोशिश की।
तत्परता से बची शिवांश की जान
मौके मौके पर मौजूद लोगों और परिवार जनों ने बताया कि शिवांश आज कलेक्ट्रेट पहुंचे और अचानक अपने शरीर पर ज्वलंत पदार्थ डाल लिया। इससे पहले कि वह खुद को आग लगा पाए मौके पर मौजूद पुलिस बल और सतर्क लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें पकड़ लिया और अनहोनी को टाल दिया। पुलिस शिवांश को हिरासत में लेकर कोतवाली ले गई।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन की मिली भगत से आरोपी डॉक्टरों को बचाया जा रहा है। अनीशा राय की मौत को 24 दिन बीतने के बाद भी अभी तक पुलिस के हाथ खाली है। परिवार लगातार मांग कर रहा है कि लापरवाही बरतने वाले डॉक्टर को तुरंत जेल भेजा जाए। पीड़ित पति का कहना है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद उन्हें सिर्फ आश्वासन मिल रहा है, न्याय नहीं। आपको बता दे अनीशा राय केस में कुल चार नामजद डाक्टरों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज है।
परिजनों ने कहा कि रक्षक बन गये है भक्षक
परिजनों ने भावुक होकर कहा कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाए और प्रशासन मौन रहे, तो आम आदमी के पास अपना जीवन समाप्त करने के अलावा क्या विकल्प बचता है? हद तो तब हो गयी जब पुलिस ने आनन फानन मे पीड़ित शिवांश राय को ही खड़े खड़े जमानत मिलने वाली दफाओ मे जेल भेज दिया।
डॉक्टर्स पर रहम, पीड़ित पर कहर
न्याय की मांग को लेकर आत्मदाह करने का प्रयास करने वाले शिवांश राय की आवाज को शुक्रवार को पुलिस ने अपने जोर से बंद कराने का पूरा प्रयास किया गया। अब लोग बलिया पुलिस पर तंज कसते हुए कह रहे है -वाह रे बलिया पुलिस :आरोपी डॉक्टर्स पर रहम और पीड़ित को ही जेल।
इसके अलावा पुलिस ने बुधवार की शाम को एक ऐसा कार्य किया जिसको सुनने के बाद आम लोगों मे बलिया पुलिस को लेकर तरह तरह की बातें बना रही है। बुधवार शाम को सीओ सिटी ने शिवांश के घर पर नोटिस चस्पा करके कलेक्ट्रेट पर नहीं आने के लिये धमकाया भी। लेकिन अनिशा की मौत के आरोपियों के घर ऐसा नहीं कर रही है। चर्चा है कि लगता है पुलिस भूल गयी है, उसको चिकित्सकों को गिफ्तार करना है, शिवांश राय को नहीं। शिवांश को जेल भेजना कोतवाली पुलिस के लिये सिरदर्द न बन जाये।






