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भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ, जिसने शुरू किया है अपने सदस्यों के लिये पत्रकार सेल्फ केयर स्कीम, व नेवता स्कीम,जाने क्यों है देश का सबसे भरोसेमंद संगठन

 




प्रयागराज।।  देशभर के माननीय संपादकों पत्रकारों और पत्रकार संगठनों के हितों की रक्षा के लिए कृत संकल्पित *भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ की स्थापना 15 जुलाई सन 2000 को की गई थी* ।  भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ वर्ष 2025 में अपना रजत जयंती वर्ष मना चुका है ,और देश के 14 प्रदेशों में इसकी शाखाएं कार्यरत हैं । संगठन में पत्रकार साहित्यकार कवि लेखक और समाजसेवी सदस्य बनाए जाते हैं  । जिनका विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान  रहता है उन्हें समय-समय पर सम्मानित भी किया जाता है ।  इसमें किसी भी समाचार पत्र अथवा चैनल से जुड़े पत्रकार बंधु जुड़ सकते हैं , इसके साथ-साथ साहित्यकार कवि लेखक समीक्षक संपादक भी सदस्य बनाए जा सकते हैं ।

सदस्यों के हित के लिये शुरू की गयी दो योजनाएं 

भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ केवल अपनी सदस्य संख्या को बढ़ाने मे विश्वास नही करता है बल्कि महासंघ अपने सदस्यों की कैसे मुश्किल घड़ी मे संबल बनकर खड़ा हुआ जाय, इसके लिये सदैव चिंतनशील रहता है। महासंघ के राष्ट्रीय संयोजक डॉ भगवान प्रसाद उपाध्याय की चिंतनशीलता और समर्पण से यह 14 राज्यों मे पत्रकार हितों की रक्षा करने वाला सर्वमान्य संगठन बन गया है।

यही कारण है कि महासंघ ने अपने सदस्यों के लिये दो नयी स्कीम की शुरुआत की है। ये स्कीम है - पत्रकार सेल्फ केयर स्कीम और नेवता स्कीम। पत्रकार सेल्फ केयर स्कीम मे किसी भी सदस्य की आकस्मिक मौत होने पर परिजनों को आर्थिक संबल प्रदान किया जायेगा। इसमें महासंघ के सभी साथी मृतक साथी के परिजन के खाते मे सीधे सहायता राशि भेजेंगे। सहायता राशि भेजनें के लिये महासंघ की तरफ से पीड़ित परिजन के खाते का बारकोड जारी करके तीन दिनों मे सहयोग करने की अपील की जायेगी। सहयोग भेजनें के बाद स्क्रीनशॉट महासंघ के मुख्यालय पर भेजना होगा।

नेवता स्कीम मे साथी पत्रकार की बिटिया की शादी मे सहयोग किया जायेगा। इसमें भी सहयोग सीधे साथी पत्रकार के खाते मे ही भेजनी होंगी। इस स्कीम की शुरुआत हो चुकी है और इस स्कीम के पहले लाभार्थी राष्ट्रीय संगठन सचिव श्री सत्य प्रकाश गुप्ता (सुल्तानपुर निवासी ) बने है।

                       ये है सदस्यता के नियम 

   भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ का वार्षिक सदस्यता शुल्क मात्र ₹500 रखा गया है और आजीवन सदस्यता शुल्क अभी मात्र 5100 रखा गया है । भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ की विभिन्न बैठकों में यद्यपि पिछले 2 वर्षों से निरंतर महासंघ के वार्षिक एवं आजीवन सदस्यता शुल्क में वृद्धि के लिए प्रस्ताव पारित किया जाता रहा है , किंतु संगठन की संचालन समिति ने अभी इसको औपचारिक रूप से स्वीकृति नहीं दी है ।  इसीलिए अभी वर्तमान शुल्क ही चल रहा है । संभव है कि निकट भविष्य में शुल्क वृद्धि सदस्य हितों की रक्षा के लिए की जा सकती है । आप अपने क्षेत्र में अपने संपर्क के पत्रकार साहित्यकार कवि लेखक संपादक बंधुओं  को सदस्य बना सकते हैं । वार्षिक सदस्य तहसील जिला और मंडल स्तर के पदाधिकारी बनाए जाते हैं और राष्ट्रीय इकाई में तथा प्रत्येक प्रकोष्ठ प्रभारी और प्रांतीय कार्यकारिणी में केवल आजीवन सदस्य ही रखे जाते हैं । विषेश  परिस्थिति में यदि कोई भी आजीवन सदस्य नहीं है और वह संगठन में पिछले 10 वर्षों से निरंतर जुड़ा हुआ है तो केंद्रीय संचालन समिति के विवेक पर उसे प्रांतीय अथवा राष्ट्रीय कार्यकारिणी में रखा जा सकता है  । 

लगातार 2 वर्षों तक नवीनीकरण नहीं करने पर सदस्यता निरस्त कर दी जाती है और फिर नए सिरे से सदस्यता फॉर्म भरना पड़ता है । प्रत्येक सदस्य और पदाधिकारियों को वर्ष में कम से कम एक बार संगठन से जुड़े समाचार अथवा केंद्र से भेजी गई सूचना अपने समाचार पत्र या चैनल से प्रकाशित प्रसारित करना अनिवार्य है ।भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ समय-समय पर तहसील जिला मंडल प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर के आयोजन करके अपने सदस्यों एवं पदाधिकारी को सम्मानित भी करता है । महासंघ द्वारा अपने पूर्वज पत्रकारों की  स्मृति में प्रायः सम्मान समारोह रखा जाता है । राष्ट्रीय स्तर की संगोष्ठी और विचार गोष्ठी का भी आयोजन स्मृति शेष पत्रकारों की पुण्यतिथि अथवा जन्म तिथि पर रखा जाता है। अन्य विशेष जानकारी के लिए आप भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय संयोजक से उनके फोन नंबर 8299 280 381 अथवा 9935 205341 पर कार्य दिवसों में प्रातः 10:00 बजे से लेकर शाम 5:00 बजे तक परामर्श ले सकते हैं ।