कर-करेत्तर व राजस्व कार्यों की डीएम ने की गहन समीक्षा :अब नहीं टूटेंगी नई सड़कें, पहले बिछेगी जल पाइपलाइन
राजस्व वसूली में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, डीएम ने अधिकारियों को चेताया
रिक्त राशन दुकानों पर एसडीएम, बीडीओ और सप्लाई इंस्पेक्टर होंगे जिम्मेदार
लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले दो अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण
बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। खनन विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने भरौली क्षेत्र के पास कैमरे लगाए जाने के निर्देश दिए। खनन का नवीनीकरण कार्य संतोषजनक पाया गया। वहीं विद्युत विभाग द्वारा लक्ष्य के सापेक्ष कम राजस्व प्राप्त होने पर नाराजगी जताते हुए वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। मंडी समिति और परिवहन विभाग का राजस्व लक्ष्य भी कम पाए जाने पर सुधार के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि अब मासिक लक्ष्य के बजाय वार्षिक लक्ष्य को ध्यान में रखकर कार्य किया जाए। मार्च तक सभी विभाग अपने-अपने लक्ष्य हर हाल में पूरा करें और वसूली में तेजी लाएं। वाणिज्य कर विभाग की प्रगति 77 प्रतिशत ही पाए जाने पर स्पष्टीकरण मांगा गया। वहीं स्टांप एवं निबंधन (सदर) से भी स्पष्टीकरण तलब किया गया। साथ ही सरकारी राशन दुकानों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने जानकारी ली कि कितनी दुकानें रिक्त हैं और निर्देश दिया कि जो भी दुकानें खाली हैं, उनका आवंटन नियमों के अनुसार शीघ्र किया जाए। जहां मतभेद की स्थिति है, वहां तहसील स्तरीय समिति द्वारा निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि वर्ष 2024 से जो भी राशन दुकानें रिक्त पाई जाएंगी, उनके लिए संबंधित एसडीएम, बीडीओ एवं सप्लाई इंस्पेक्टर की जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में 15 दिनों के भीतर दुकान संचालन शुरू हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी क्षेत्रों में यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी दुकान के निरस्त होने की स्थिति में वह एक माह से अधिक समय तक रिक्त न रहे। इसके अलावा जिन स्थानों पर अन्नपूर्णा भवन का निर्माण हो चुका है, वहां कोटेदार द्वारा उसी भवन से राशन वितरण सुनिश्चित कराया जाए। किसी अन्य स्थान से अतिरिक्त वितरण न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए समयबद्ध लक्ष्य पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जल जीवन मिशन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: जिलाधिकारी
रसड़ा–कासिमाबाद मार्ग पर पाइपलाइन बिछाने में तेजी के निर्देश
अब नहीं टूटेंगी नई सड़कें, पहले बिछेगी जल पाइपलाइन
जिलाधिकारी ने जल जीवन मिशन समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए कि पहले सड़क का निर्माण कराया जाए और बाद में उसे खोदकर पानी की पाइपलाइन डाली जाए। जहां भी सड़क निर्माण की योजना हो, वहां पहले जल निगम से समन्वय स्थापित किया जाए और आपसी चर्चा के बाद ही कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि यदि कहीं सड़क में गड्ढा खोदकर पाइपलाइन डाली गई है, तो वहां तत्काल गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि जहां सड़क निर्माण प्रस्तावित नहीं है, वहां पहले पाइपलाइन बिछाई जाए। साथ ही जिन स्थानों पर जल जीवन मिशन के अंतर्गत विद्युत कनेक्शन के लिए धनराशि जमा हो चुकी है, वहां तुरंत विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए। यदि विद्युत विभाग धनराशि लेने के बाद भी कनेक्शन नहीं देता है, तो शासन को जिलाधिकारी की ओर से पत्र भेजा जाएगा।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जल जीवन मिशन के कार्यों में आ रही सभी बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। रसड़ा–कासिमाबाद मार्ग पर पाइपलाइन बिछाने में आ रही रुकावट को लेकर पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड को निर्देश दिए गए कि वे उपलब्ध संसाधनों के साथ सहयोग करते हुए पाइपलाइन कार्य को शीघ्र पूर्ण कराएं। साथ ही विद्युत विभाग के एस्टीमेट की धनराशि वर्ष 2024 में जल निगम को दोबारा उपलब्ध करा दी गई है, इसके बावजूद अब तक कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। इस पर जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि शीघ्र कार्य शुरू कराया जाए, अन्यथा शासन को पत्र भेजकर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। सिंचाई खंड नहर से संबंधित एनओसी के मामले में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि अधीक्षण अभियंता से वार्ता कर तत्काल एनओसी प्राप्त की जाए, ताकि जल जीवन मिशन के कार्यों में कोई बाधा न रहे। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण मिशन के कार्यों को प्राथमिकता पर लेते हुए समयबद्ध एवं समन्वय के साथ पूर्ण कराया जाए। बैठक में सीडीओ ओजस्वी राज, सीआरओ त्रिभुवन एवं संबंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।




