भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं ने मोहा भक्तों का मन
- पिपरा पट्टी बहोरापुर नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा एवं पंचकुंडीय रुद्र महायज्ञ का छठवें दिन
नगरा (बलिया)।। चिलकहर ब्लॉक के पिपरा पट्टी बहोरापुर गांव में चल रहे नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा एवं पंचकुंडीय रुद्र महायज्ञ के छठवें दिन बुधवार को भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और उनकी बाल लीलाओं का अद्भुत वर्णन किया गया। पूरा परिसर “जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा और श्रद्धालुओं ने जन्मोत्सव को झूमकर मनाया।
प्रातःकाल वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच यज्ञशाला में वेदी पूजन का अनुष्ठान संपन्न हुआ। आचार्य विवेक शुक्ल एवं रितेश मिश्रा जी महाराज के निर्देशन में प्रधान वेदी लिंगोतोभद्र, नवग्रह मंगल, क्षेत्रफाल मंडल, योगिनी वेदी और वास्तुपीठ मंडल की विधिवत पूजन कराई गई। इस पूजन में 21 यजमान अपने-अपने परिवार के साथ शामिल हुए। घी की आहुतियों से उठता धुआं और वैदिक ध्वनियों की गूंज से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
इसी दौरान बुढ़वा शिव मंदिर परिसर में षडांग रुद्राभिषेक का आयोजन भी हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया और मंगलकामनाएं मांगी। दोपहर की दूसरी पाली में भी लोग पूजन में उत्साहपूर्वक जुड़े रहे।
शाम को कथा स्थल पर व्यासपीठ से मानस मंदाकिनी रागिनी सरस्वती (डॉ. रागिनी मिश्रा) ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि बालक कृष्ण के हर कार्य में परम रहस्य और भक्ति का संदेश छिपा है। चाहे वह माखन चोरी हो, ग्वाल-बालों के साथ की चेष्टाएं हों या पूतना और त्रिणावर्त जैसे दैत्यों का वध। उनकी बाल लीलाएं केवल खेल नहीं, बल्कि अधर्म के अंत और धर्म की स्थापना का प्रतीक हैं।
कथा के दौरान मंच सजावट, गुब्बारे और झिलमिल रोशनी से सजे कार्यक्रम स्थल पर श्रद्धालु भक्ति में डूबे रहे। महिलाएं झूमर और नृत्य करते हुए कृष्ण जन्म का उत्सव मनाती रहीं, वहीं बाल गोपाल के रूप में सजे बच्चों ने सभी का मन मोह लिया।
छठे दिन की कथा ने न केवल भक्तों के हृदय को भक्ति से भर दिया बल्कि लोगों के बीच यह संदेश भी दिया कि जीवन में कृष्ण जैसी निष्कलुषता और प्रेम भावना ही सच्ची भक्ति का आधार है। आयोजन समिति के अध्यक्ष फूल बदन सिंह, उपाध्यक्ष हरिंदर सिंह, कोषाध्यक्ष संतोष कुमार तिवारी, सह कोषाध्यक्ष सत्य प्रकाश पांडेय, मीडिया समन्वयक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि कार्यक्रम में इस धार्मिक अनुष्ठान के सातवें दिन दिपोत्सव और भव्य गंगा आरती का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।



