24 दिन का बेचा गया नवजात हुआ बरामद,भ्रूण बिक्री करने वाले रैकेट के सक्रिय होने की संभावना
बलिया ।। यूपी के बलिया में नर्सिंग होम से रुपयों के बदले नवजात को बेचने की घटना प्रकाश में आयी है । घटना के सामने आने के उपरांत तत्काल कार्यवाही करते हुए शहर कोतवाली पुलिस ने बांसडीह ऱोड थाना क्षेत्र के शंकरपुर गांव से 24 दिन के नवजात समेत इसको पालने वाली दूसरे धर्म की औरत को भी धर दबोचा।
बता दे कि बुधवार को दुबहड़ निवासी निरंजन कुमार सिंह पुत्र अजय सिंह ने पुलिस अधीक्षक बलिया को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि मेरी सास और मेरी साली ने दो दिन के नवजात शिशु को शंकर पुर निवासी मुस्लिम महिला को 80 हजार रूपये में बेच दिया है। प्रार्थना पत्र पर तत्काल पुलिस अधीक्षक ने जांच के आदेश दिए और मौके पर सीओ सदर,एसएचओ कोतवाली, एसओ महिला थाना मय फ़ोर्स के साथ आनंद नगर आरोपी महिला के किराये के क्वार्टर पर पहुंचने के लिये निर्देशित किया। पुलिस टीम ने आरोपी महिला और नवजात की मां को शंकरपुर ले जाकर पाल रही महिला के पास से नवजात को बरामद किया।
पुलिस का मानना है कि लड़की अविवाहित है ,लोक लाज के डर से और आर्थिक तंगी के दौरान हमीदा से मिले आर्थिक सहयोग के कारण नवजात को दे दिया था।जबकि गर्भवती महिला से एक माह पूर्व निरंजन सिंह ने गर्भ की बात को जानते हुए भी मनीष को पत्नी के रूप में स्वीकार किया था।लेकिन बच्चा तस्कर गिरोह सक्रीय रहा और बिन ब्याही माँ के बच्चे को एक दूसरे धर्म की महिला को दिला दिया।
नवजात बच्चे को खरीदने के मामले में पकड़ी गई महिला ने बताया कि मुझे बच्चा नही हो रहा रहा तो कुछ लोगो ने मुझसे संपर्क किया और बताया कि दो तीन माह बाद आपको बच्चा दिया जायेगा।तब से मैं इस बिन ब्याही माँ के संपर्क में थी और गर्भ में पल रहे बच्चे की देखरेख कर रही डॉक्टर शशिकला सिंह के यहाँ इलाज में हुए सारे खर्चो का भुगतान मेरे द्वारा किया गया और नर्सिंग होम में बच्चे के पैदा होते ही वही से ही बच्चे को लेकर चली आई।
भारत सरकार द्वारा बनाये गये लिव इन रिलेशनशिप के दुरुपयोग का यह बलिया में पहला उदहारण है । यह पकड़ में आया इस लिये जग जाहिर हैं नही तो इस तरह के न जाने कितने मामले मानव भ्रूण बिक्री के चल रहे होंगे ,यह कहा नही जा सकता।
बच्चे की मां का बयान
बाइट - निरंजन सिंह शिकायतकर्ता पति









