लखनऊ : तकनीक का उपयोग करके किसी भी आयोजन का कुशल प्रबंधन किया जा सकता है: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
तकनीक का उपयोग करके किसी भी आयोजन का कुशल प्रबंधन किया जा सकता है: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
ए कुमार
लखनऊ 26 जुलाई 2019 ।। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज का समय तकनीक का है। तकनीक का उपयोग करके किसी भी आयोजन का कुशल प्रबंधन किया जा सकता है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण कुम्भ 2019 है, जिसके सफल आयोजन में तकनीक का सबसे बड़ा योगदान है।
मुख्यमंत्री यहां डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) के पहले स्थापना दिवस समारोह में छात्रों एवं शिक्षकों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि कुंभ में 264 सड़कें, 10 फ्लाई ओवर, 6 अंडर पास बनाए। शुद्ध पेय जल की आपूर्ति, पार्किंग जैसी मुश्किलों को समाप्त किया गया, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी के जरिये बिना किसी हादसे और असुविधा के कुम्भ सफलता से संपन्न हो गया। तकनीक का उपयोग करते हुए देश की 130 करोड़ की आबादी के जीवन में व्यापक परिवर्तन लाने के साथ ही खुशहाली भी लाई जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2016 में उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भूख से मौत के मामले सामने आए थे। प्रदेश की सत्ता संभालते ही मैंने विभाग के साथ पहली बैठक इसी मुद्दे को लेकर की। उसके बाद तकनीक का इस्तेमाल करते हुए 13 करोड़ राशन कार्ड को आधार से जोड़ा गया और 80 हजार दुकानों पर ईपॉश मशीनें लगवाई गई। जिससे सरकारी खजाने की 700 करोड़ रुपये की बचत हुई। तकनीक के जरिए ही आज सरकारी योजनाओं का पैसा लाभार्थियों के खाते में सीधे जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध पर लगाम और अपराधियों के मन में भय भी हम तकनीक के माध्यम से पैदा करने में सफल रहे हैं। तकनीक के जरिए ऐसा कार्य हर क्षेत्र में किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन कई मायनों में महत्वपूर्ण है। पूरा देश कारगिल विजय दिवस मना रहा है। मई 1999 में पाकिस्तान ने हमारे देश पर हमला किया था। जिसका हमारे वीर जवानों ने मुंहतोड़ जवाब दिया था। उसके एक साल बाद यह विश्वविद्यालय देश के गौरव मिसाइल मैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर वास्तविक धरातल पर आया और आज के दिन हम इसका पहला स्थापना दिवस मना रहे हैं। सही मायने में तीन बातें आपस में काफी जुड़ी हुई हैं।
विश्वविद्यालय के संस्थापक और उनके बाद के कुलपति की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक मजबूत इमारत के लिए नींव का पक्की होना बहुत आवश्यक है, क्योंकि शुरुआत अच्छी होगी, तो सफर भी अच्छा होगा। जिस नींव को कुलपति दुर्ग सिंह चौहान ने रखा था, उसके बाद प्रो. प्रेमव्रत ने उसे मजबूती प्रदान करने का काम किया। तकनीकी विश्वविद्यालय का सौभाग्य है कि इसे स्थापना काल से ही अच्छे कुलपति मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा जल संचयन और प्रदेश के प्रत्येक घर तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए तकनीक की आवश्यकता है। एकेटीयू और इसके जैसे अन्य संस्थानों को तकनीक को सस्ती, सरल और आमजन उपयोगी बनाने की दिशा में प्रयास करना चाहिए।
इस दौरान प्राविधिक एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष ‘टंडन गोपाल जी’ ने कहा कि किसी भी संस्थान के लिए उसका स्थापना दिवस बहुत महत्वपूर्ण होता है। मेरी शुभकामनाएं है कि यह विश्वविद्यालय विश्व के अग्रणी यूनिवर्सिटियों में शामिल हो। उन्होंने कहा कि दो दशकों से खाली पड़े 280 शिक्षकों की भर्ती मुख्यमंत्री जी के निर्देश के बाद निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की गई।
प्राविधिक शिक्षा एवं चिकित्सा राज्य मंत्री संदीप सिंह ने मुख्यमंत्री समेत कार्यक्रम में शामिल सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान टेक्नीकल शिक्षा सचिव भुवनेश कुमार, एकेटीयू के पूर्व कुलपति दुर्ग सिंह चौहान, प्रो. प्रेमव्रत, वर्तमान कुलपति विनय कुमार पाठक, 22 संस्थानों के चेयरमैन के साथ कई शिक्षक एवं छात्र मौजूद रहे।
ए कुमार
लखनऊ 26 जुलाई 2019 ।। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज का समय तकनीक का है। तकनीक का उपयोग करके किसी भी आयोजन का कुशल प्रबंधन किया जा सकता है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण कुम्भ 2019 है, जिसके सफल आयोजन में तकनीक का सबसे बड़ा योगदान है।
मुख्यमंत्री यहां डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) के पहले स्थापना दिवस समारोह में छात्रों एवं शिक्षकों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि कुंभ में 264 सड़कें, 10 फ्लाई ओवर, 6 अंडर पास बनाए। शुद्ध पेय जल की आपूर्ति, पार्किंग जैसी मुश्किलों को समाप्त किया गया, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी के जरिये बिना किसी हादसे और असुविधा के कुम्भ सफलता से संपन्न हो गया। तकनीक का उपयोग करते हुए देश की 130 करोड़ की आबादी के जीवन में व्यापक परिवर्तन लाने के साथ ही खुशहाली भी लाई जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2016 में उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भूख से मौत के मामले सामने आए थे। प्रदेश की सत्ता संभालते ही मैंने विभाग के साथ पहली बैठक इसी मुद्दे को लेकर की। उसके बाद तकनीक का इस्तेमाल करते हुए 13 करोड़ राशन कार्ड को आधार से जोड़ा गया और 80 हजार दुकानों पर ईपॉश मशीनें लगवाई गई। जिससे सरकारी खजाने की 700 करोड़ रुपये की बचत हुई। तकनीक के जरिए ही आज सरकारी योजनाओं का पैसा लाभार्थियों के खाते में सीधे जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध पर लगाम और अपराधियों के मन में भय भी हम तकनीक के माध्यम से पैदा करने में सफल रहे हैं। तकनीक के जरिए ऐसा कार्य हर क्षेत्र में किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन कई मायनों में महत्वपूर्ण है। पूरा देश कारगिल विजय दिवस मना रहा है। मई 1999 में पाकिस्तान ने हमारे देश पर हमला किया था। जिसका हमारे वीर जवानों ने मुंहतोड़ जवाब दिया था। उसके एक साल बाद यह विश्वविद्यालय देश के गौरव मिसाइल मैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर वास्तविक धरातल पर आया और आज के दिन हम इसका पहला स्थापना दिवस मना रहे हैं। सही मायने में तीन बातें आपस में काफी जुड़ी हुई हैं।
विश्वविद्यालय के संस्थापक और उनके बाद के कुलपति की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक मजबूत इमारत के लिए नींव का पक्की होना बहुत आवश्यक है, क्योंकि शुरुआत अच्छी होगी, तो सफर भी अच्छा होगा। जिस नींव को कुलपति दुर्ग सिंह चौहान ने रखा था, उसके बाद प्रो. प्रेमव्रत ने उसे मजबूती प्रदान करने का काम किया। तकनीकी विश्वविद्यालय का सौभाग्य है कि इसे स्थापना काल से ही अच्छे कुलपति मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा जल संचयन और प्रदेश के प्रत्येक घर तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए तकनीक की आवश्यकता है। एकेटीयू और इसके जैसे अन्य संस्थानों को तकनीक को सस्ती, सरल और आमजन उपयोगी बनाने की दिशा में प्रयास करना चाहिए।
इस दौरान प्राविधिक एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष ‘टंडन गोपाल जी’ ने कहा कि किसी भी संस्थान के लिए उसका स्थापना दिवस बहुत महत्वपूर्ण होता है। मेरी शुभकामनाएं है कि यह विश्वविद्यालय विश्व के अग्रणी यूनिवर्सिटियों में शामिल हो। उन्होंने कहा कि दो दशकों से खाली पड़े 280 शिक्षकों की भर्ती मुख्यमंत्री जी के निर्देश के बाद निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की गई।
प्राविधिक शिक्षा एवं चिकित्सा राज्य मंत्री संदीप सिंह ने मुख्यमंत्री समेत कार्यक्रम में शामिल सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान टेक्नीकल शिक्षा सचिव भुवनेश कुमार, एकेटीयू के पूर्व कुलपति दुर्ग सिंह चौहान, प्रो. प्रेमव्रत, वर्तमान कुलपति विनय कुमार पाठक, 22 संस्थानों के चेयरमैन के साथ कई शिक्षक एवं छात्र मौजूद रहे।

