बलिया : छह माह में कालाजार के मिले 22 मरीज ,कालाज़ार से निपटने के लिए मलेरिया विभाग सतर्क
छह माह में मिले कालाजार के 22 मरीज, कालाज़ार से निपटने के लिए मलेरिया विभाग सतर्क
बलिया, 26 जुलाई 2019 ।। जनपद में कालाज़ार से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क है। पिछले 6 माह में कालाज़ार के 22 मरीज मिलने के बाद सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। इससे पूर्व में मलेरिया विभाग के अधिकारियों ने प्रभावित गांवों को चिन्हित किया था और इन गांवों में कीटनाशक दवा का छिड़काव भी किया गया।
जिला मलेरिया अधिकारी आर पी निरंजन ने बताया 2017 में कालाज़ार के 29 मरीज पाए गए 2018 में कालाज़ार के 60 मरीज पाए गए। वहीं 1 जनवरी 2019 से अभी तक प्रभावित 8 गांव में 22 मरीज मिले हैं। कालाज़ार से निपटने के लिए विभाग सतर्क है। लगातार टीम द्वारा खोजी अभियान जारी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कैंप आयोजित कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है एवं साथ ही कालाज़ार रोगियों की खोज की जा रही है। रोगियों का बेहतर इलाज हो सके इसके लिए दो डॉक्टरों सहित 8 लोगों की टीम 12 एवं 13 जुलाई को दो दिवसीय प्रशिक्षण के लिए वाराणसी गई थी।
कालाजार के लक्षण
जिला मलेरिया अधिकारी आर पी निरंजन ने बताया कालाजार बालू मक्खी से फैलने वाली बीमारी है। यह मक्खी नमी वाले स्थानों पर अंधेरे में पाई जाती हैं। यह पांच से छ:फीट ही उड़ पाती हैं। इसके काटने के बाद मरीज बीमार हो जाता है। बुखार अक्सर रुक-रुककर या तेजी से तथा तथा दोहरीगति से आता है।भूख न लगना, वजन में कमी, शरीर में पीलापन और कमजोरी, तेजी से शरीर में खून का कम होना इसके लक्षण हैं।
बचाव
· अपने घरों की भीतरी दीवारों और बथानों में कीटनाशक का छिड़काव कराएँ।
· अपने आस-पास स्वच्छता रखें।
· सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।
· दिन में पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
बलिया, 26 जुलाई 2019 ।। जनपद में कालाज़ार से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क है। पिछले 6 माह में कालाज़ार के 22 मरीज मिलने के बाद सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। इससे पूर्व में मलेरिया विभाग के अधिकारियों ने प्रभावित गांवों को चिन्हित किया था और इन गांवों में कीटनाशक दवा का छिड़काव भी किया गया।
जिला मलेरिया अधिकारी आर पी निरंजन ने बताया 2017 में कालाज़ार के 29 मरीज पाए गए 2018 में कालाज़ार के 60 मरीज पाए गए। वहीं 1 जनवरी 2019 से अभी तक प्रभावित 8 गांव में 22 मरीज मिले हैं। कालाज़ार से निपटने के लिए विभाग सतर्क है। लगातार टीम द्वारा खोजी अभियान जारी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कैंप आयोजित कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है एवं साथ ही कालाज़ार रोगियों की खोज की जा रही है। रोगियों का बेहतर इलाज हो सके इसके लिए दो डॉक्टरों सहित 8 लोगों की टीम 12 एवं 13 जुलाई को दो दिवसीय प्रशिक्षण के लिए वाराणसी गई थी।
कालाजार के लक्षण
जिला मलेरिया अधिकारी आर पी निरंजन ने बताया कालाजार बालू मक्खी से फैलने वाली बीमारी है। यह मक्खी नमी वाले स्थानों पर अंधेरे में पाई जाती हैं। यह पांच से छ:फीट ही उड़ पाती हैं। इसके काटने के बाद मरीज बीमार हो जाता है। बुखार अक्सर रुक-रुककर या तेजी से तथा तथा दोहरीगति से आता है।भूख न लगना, वजन में कमी, शरीर में पीलापन और कमजोरी, तेजी से शरीर में खून का कम होना इसके लक्षण हैं।
बचाव
· अपने घरों की भीतरी दीवारों और बथानों में कीटनाशक का छिड़काव कराएँ।
· अपने आस-पास स्वच्छता रखें।
· सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।
· दिन में पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।

