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बलिया : सिकंदरपुर कांड : कही पुलिसिंग से गरीबो का तो नही उठ रहा है विश्वास , पहले बाँसडीहरोड का मैरीटार(डुमरी) , अब सिकन्दरपुर का सिसोटार ,क्यो बना संघर्ष का अखाड़ा ?


 बलिया : सिकंदरपुर कांड : कही पुलिसिंग से गरीबो का तो नही उठ रहा है विश्वास , पहले बाँसडीहरोड का मैरीटार(डुमरी) , अब सिकन्दरपुर का सिसोटार ,क्यो बना संघर्ष का अखाड़ा ?
मधुसूदन सिंह

 बलिया 23 जुलाई 2019 ।। गरीब तबके के लोगो खासकर महिलाओं और पुलिस के बीच हुआ रविवार को सिकन्दरपुर के सिसोटार में संघर्ष , वर्तमान पुलिसिंग व्यवस्था पर सोचने को मजबूर कर रहा है । सवाल यह है कि क्या कारण है कि जो गरीब तबका गांव के दबंगो , साहूकारों के आगे हाथ जोड़े सर झुकाये खड़ा रहता है , उसने पुलिस के साथ संघर्ष करने पर मजबूर हो गया । पहले बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के मैरीटार(डुमरी) अब सिकन्दरपुर के सिसोटार में महिलाओं द्वारा पुलिस टीम पर हमला करना , पुलिसिंग पर सवाल तो उठा ही रहा है । पुलिस अधीक्षक बलिया देवेन्द्र कुमार को इस तरफ ध्यान जरूर देना चाहिये और कोशिश करनी चाहिये कि बलिया का गरीब तबका पुलिस को अपना दुश्मन नही दोस्त समझे । जिले में अमनचैन की बहाली के लिये पुलिसिंग को जनता की मित्र वाली बनाने की कबायत होनी चाहिये । अगर ऐसा हो जाता है तो जनपद में ऐसी घटनाओ की पुनरावृत्ति पर हमेशा के लिये रोक लग जायेगी ।

बता दे कि सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के सिसोटार गांव में रविवार की शाम जमीन के विवाद की सूचना के बाद पहुंची पुलिस पर जानलेवा हमला करने व सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में पुलिस ने  8 महिलाओं पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर आरोपी महिलाओं की तलाश शुरू कर दिया। ज्ञात हो की सिसोटार गांव निवासी उपेन्द्र राय व उसी गांव के बालेश्वर पासवान श्री भगवान पासवान लल्लन पासवान के बीच जमीन का विवाद था दोनों पक्ष के सहमति के बाद उपजिलाधिकारी के निर्देश पर उक्त जमीन की पैमाइश राजस्व विभाग व चकबंदी विभाग की टीम के द्वारा किया गया था और रिपोर्ट उपजिला अधिकारी को दी गई थी उपजिलाधिकारी के निर्देश पर ही उपेन्द्र राय  द्वारा विगत 15 दिनों पहले से बाउंड्री का काम कराया जा रहा था तीन तरफ से बाउंड्री हो जाने के बाद जब आगे की बाउंड्री शुरू हुई तो दूसरे पक्ष के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया जिसके बाद उपेन्द्र राय द्वारा इसकी सूचना उपजिलाधिकारी व पुलिस को दी गई सूचना पाकर पुलिस जब मौके पर पहुंची और काम रोकने से मना करने लगी तो महिलाएं उग्र हो गई इसी दौरान दरोगा लाल साहब गौतम और महिला कांस्टेबल पल्लवी गुप्ता व प्रतीक्षा के साथ समझाने लगे तो महिलाएं महिला कांस्टेबल का बाल पकड़ कर जमीन पर पटक दी उसको छुड़ाने गए दरोगा पर भी पत्थर से हमला कर दिया गया, घटना देख अन्य पुलिसकर्मी भी बचाने के लिए दौड़े तो उनके ऊपर भी पत्थर चलाना शुरू कर दी पुलिस वहां से किसी तरह जान बचाकर पीछे हट गई और पूरी घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को दिया।  सूचना पर उपजिलाधिकारी सिकन्दरपुर राजेश कुमार यादव भी घटना के बाद मौके पर पहुंच गए घटना के बाबत जानकारी लिया वही घायल पुलिसकर्मियों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकन्दरपुर में किया गया । रविवार की देर शाम घायल दरोगा की तहरीर पर  8 महिलाओं के विरुद्ध  विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर कार्रवाई शुरू कर दी गई हैं।