मासूम अर्श सहित सात लोगों का खून करने वाली शबनम का अब नया ठिकाना रामपुर जेल
मासूम अर्श सहित सात लोगों का खून करने वाली शबनम का अब नया ठिकाना रामपुर जेल
ए कुमार
रामपुर 8 जुलाई 2019 ।।
अमरोहा के बहुचर्चित बावनखेड़ी कांड में न्यायालय से मुत्युदंड की सजा पा चुकी शबनम सहित 15 महिला कैदियों का नया ठिकाना अब रामपुर जेल हो गया है मुरादाबाद जेल में मानक से ज्यादा बंदियों के होने की वजह से शासन के निर्देश पर इन कैदियों को रविवार सुबह रामपुर जेल में भेजा गया है पिछले चार माह में 135 कैदियों को मुरादाबाद जेल से अलग अलग जेलों में शिफ्ट किया जा चुका है।
शबनम अमरोहा के बावनखेड़ी गांव की रहने वाली थी। उसने प्रेमी सलीम के साथ मिलकर अपने माता, पिता एक मासूम सहित सात लोगों की हत्या की थी वारदात को 14/15 अप्रैल 2008 की रात को अंजाम दिया गया था इस मामले में मृत्युदंड की सजा पा चुका सलीम सेंट्रल जेल आगरा में बंद है।
जेल अधीक्षक उमेश सिंह ने बताया कि रविवार को शासन के निर्देश पर जेल में बंद महिला कैदी शबनम, विदुषी त्यागी, मधु, नरैनिया, कुसुम, आरती शर्मा, जीनत, यासमीन, रुकसाना, नईमा, लज्जावती, साधना, मुन्नी, नफीसा व रानी को मुरादाबाद जेल से रामपुर जेल में भेजा गया है इन महिलाओं के साथ ही जेल में रह रहे तीन बच्चों को भी रामपुर जेल भेजा गया है।
जेल अधीक्षक ने बताया कि शबनम को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है,जबकि विदुषी,मधु, नरैनिया,कुसुम,आरती,जीनत रुकसाना,नईमा, लज्जावती, मुन्नी और रानी को आजीवन कैद की सजा न्यायालय से दी जा चुकी है। जेल अधीक्षक ने बताया कि मुरादाबाद जेल में 611 बंदियों की क्षमता है लेकिन तीन हजार से ज्यादा बंदी इस जेल में बंद है। जिस वजह से बंदियों को परेशानी होती है। इस वजह से जेल से बंदियों को दूसरे जेल में शिफ्ट किया जा रहा है। जल्द ही कुछ अन्य बंदियों को भी दूसरी जेलों में शिफ्ट किया जा सकता है।
ए कुमार
रामपुर 8 जुलाई 2019 ।।
अमरोहा के बहुचर्चित बावनखेड़ी कांड में न्यायालय से मुत्युदंड की सजा पा चुकी शबनम सहित 15 महिला कैदियों का नया ठिकाना अब रामपुर जेल हो गया है मुरादाबाद जेल में मानक से ज्यादा बंदियों के होने की वजह से शासन के निर्देश पर इन कैदियों को रविवार सुबह रामपुर जेल में भेजा गया है पिछले चार माह में 135 कैदियों को मुरादाबाद जेल से अलग अलग जेलों में शिफ्ट किया जा चुका है।
शबनम अमरोहा के बावनखेड़ी गांव की रहने वाली थी। उसने प्रेमी सलीम के साथ मिलकर अपने माता, पिता एक मासूम सहित सात लोगों की हत्या की थी वारदात को 14/15 अप्रैल 2008 की रात को अंजाम दिया गया था इस मामले में मृत्युदंड की सजा पा चुका सलीम सेंट्रल जेल आगरा में बंद है।
जेल अधीक्षक उमेश सिंह ने बताया कि रविवार को शासन के निर्देश पर जेल में बंद महिला कैदी शबनम, विदुषी त्यागी, मधु, नरैनिया, कुसुम, आरती शर्मा, जीनत, यासमीन, रुकसाना, नईमा, लज्जावती, साधना, मुन्नी, नफीसा व रानी को मुरादाबाद जेल से रामपुर जेल में भेजा गया है इन महिलाओं के साथ ही जेल में रह रहे तीन बच्चों को भी रामपुर जेल भेजा गया है।
जेल अधीक्षक ने बताया कि शबनम को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है,जबकि विदुषी,मधु, नरैनिया,कुसुम,आरती,जीनत रुकसाना,नईमा, लज्जावती, मुन्नी और रानी को आजीवन कैद की सजा न्यायालय से दी जा चुकी है। जेल अधीक्षक ने बताया कि मुरादाबाद जेल में 611 बंदियों की क्षमता है लेकिन तीन हजार से ज्यादा बंदी इस जेल में बंद है। जिस वजह से बंदियों को परेशानी होती है। इस वजह से जेल से बंदियों को दूसरे जेल में शिफ्ट किया जा रहा है। जल्द ही कुछ अन्य बंदियों को भी दूसरी जेलों में शिफ्ट किया जा सकता है।

