मुजफ्फरपुर : कृष्णा बम जिनको देखने के लिये लग जाती है भीड़ ,68 वर्ष की आयु में भी 16 से 18 घण्टे में चढ़ा देती है देवघर में जल
मुजफ्फरपुर : कृष्णा बम जिनको देखने के लिये लग जाती है भीड़ ,68 वर्ष की आयु में भी 16 से 18 घण्टे में चढ़ा देती है देवघर में जल
ए कुमार
मुजफ्फरपुर 8 जुलाई 2019 ।। मुजफ्फरपुर बिहार की अध्यापिका कृष्णा रानी जो सावन के प्रत्येक रविवार को सुल्तानगंज बिहार से जल उठा कर 108 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ को जलार्पण करती हैं।
सावन भर चलने वाले कांवड़ यात्रा में एक डाक बम का भी नियम होता है। डाक बम का मतलब होता है जल उठाने से 24 घंटा के अंदर बिना रुके जल चढ़ाना। कृष्णा रानी जिन्हें अब कृष्णा बम के नाम से प्रसिद्धि मिली है वे प्रत्येक रविवार को जल उठाती हैं और 16 से 18 घंटे के बीच में देवघर पहुंचकर जल चढ़ा देती है।
68 वर्षीय कृष्णा बम का यह कार्य पिछले कई वर्षों से अनवरत चलता आ रहा है लेकिन बहुत कम लोगों को जानकारी थी।इधर चार-पांच वर्षों से अन्य कांवड़िए और श्रद्धालु यात्रा में उनकी एक झलक पाने के लिए व्याकुल रहते हैं और जो जहां से देख लेता है वहीं से नमन करते हुए आशीर्वाद लेता है। पहले यह अकेले चलती थी कोई जान नहीं पाता था लेकिन अब पिछले कुछ वर्षों से प्रशासन ने इनके सुरक्षा में पुलिस कर्मियों को लगा दिया है सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी भी परेशान हो जाते हैं। क्योंकि कृष्णा बम जब जल को उठा लेती हैं तो अपने बेग को कम नहीं होने देती हैं उनका कदम सीधे देवघर स्थित बाबा बैजनाथ के मंदिर में ही रुकता है।
ए कुमार
मुजफ्फरपुर 8 जुलाई 2019 ।। मुजफ्फरपुर बिहार की अध्यापिका कृष्णा रानी जो सावन के प्रत्येक रविवार को सुल्तानगंज बिहार से जल उठा कर 108 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ को जलार्पण करती हैं।
सावन भर चलने वाले कांवड़ यात्रा में एक डाक बम का भी नियम होता है। डाक बम का मतलब होता है जल उठाने से 24 घंटा के अंदर बिना रुके जल चढ़ाना। कृष्णा रानी जिन्हें अब कृष्णा बम के नाम से प्रसिद्धि मिली है वे प्रत्येक रविवार को जल उठाती हैं और 16 से 18 घंटे के बीच में देवघर पहुंचकर जल चढ़ा देती है।
68 वर्षीय कृष्णा बम का यह कार्य पिछले कई वर्षों से अनवरत चलता आ रहा है लेकिन बहुत कम लोगों को जानकारी थी।इधर चार-पांच वर्षों से अन्य कांवड़िए और श्रद्धालु यात्रा में उनकी एक झलक पाने के लिए व्याकुल रहते हैं और जो जहां से देख लेता है वहीं से नमन करते हुए आशीर्वाद लेता है। पहले यह अकेले चलती थी कोई जान नहीं पाता था लेकिन अब पिछले कुछ वर्षों से प्रशासन ने इनके सुरक्षा में पुलिस कर्मियों को लगा दिया है सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी भी परेशान हो जाते हैं। क्योंकि कृष्णा बम जब जल को उठा लेती हैं तो अपने बेग को कम नहीं होने देती हैं उनका कदम सीधे देवघर स्थित बाबा बैजनाथ के मंदिर में ही रुकता है।

