अगस्त क्रांति : बापू की एक आवाज पर छिड़ी आजादी की अंतिम जंग
- 10 अगस्त 2018 ।।
देशभर में भारत छोड़ो या अगस्त क्रांति आंदोलन की शुरुआत 9 अगस्त 1948 को हुई थी । महात्मा गांधी ने 8 अगस्त को ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के बंबई महाअधिवेशन में इसकी घोषणा की ।
आंदोलन का मकसद भारत में ब्रिटिश शासन का खात्मा था. इसलिए इस दिन को अगस्त क्रांति या अगस्त आंदोलन के तौर पर भी मनाया जाता है । 76 साल पहले हुए आंदोलन के मुख्य 10 प्वाइंट में जानिए इस ऐतिहासिक आंदोलन से जुड़ी खास बातें ---
आंदोलन का मकसद भारत में ब्रिटिश शासन का खात्मा था. इसलिए इस दिन को अगस्त क्रांति या अगस्त आंदोलन के तौर पर भी मनाया जाता है । 76 साल पहले हुए आंदोलन के मुख्य 10 प्वाइंट में जानिए इस ऐतिहासिक आंदोलन से जुड़ी खास बातें ---

आंदोलन से जुड़ी खास बातें
1. महात्मा गांधी ने मुंबई के गोवालिया टैंक मैदान या अगस्त क्रांति मैदान में अपना ऐतिहासिक भाषण दिया था. उनके साथ तत्कालीन कांग्रेस के कई बड़े नेता मौजूद थे.
2. मुंबई में हुई रैली के दौरान ही महात्मा गांधी ने अपने भाषण में 'करो या मरो' का नारा दिया था ।
3. इस रैली के बाद ब्रिटिश सरकार ने कई बड़े नेता जैसे महात्मा गांधी, अब्दुल कलाम आजाद, जवाहर लाल नेहरू और सरदार वल्लभ भाई पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया था ।
4. आंदोलन छेड़ने के बाद ब्रिटिश सरकार ने कांग्रेस पर जमकर कहर ढहाया. नेताओं को बिना ट्रायल गिरफ्तार किया गया और देशभर में कांग्रेस के ऑफिसों पर छापे पड़े. उनके फंड सीज़ कर दिए गए ।
5. आंदोलन का पहला भाग काफी शांतिपूर्ण रहा. लोगों ने शांति के साथ प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया. ऐसा प्रदर्शन महात्मा गांधी के रिहा होने तक चला ।
6. आंदोलन का दूसरा हिस्सा अचानक से हिंसक हो गया. ब्रिटिश सरकार के छापेमारी से प्रदर्शनकारी हिसंक हो गए. उन्होंने पोस्ट ऑफिस, सरकारी बिल्डिंग और रेलवे स्टेशनों को निशाना बनाना शुरू किया । करो या मरो के नारे केे बाद 208 पुुुलिस थाने, 1275 सरकारी दफ्तर,382 रेलवे स्टेशन और 945 डाक घरों को जनता ने नष्ट कर दिया ।
7. इस आंदोलन के दौरान वायसराय काउंसिल ऑफ मुस्लिम्स, कम्युनिस्ट पार्टी और अमेरिकी समर्थकों ने ब्रिटिश सरकार का साथ दिया ।
8. सभी प्रमुख नेताओं की गिरफ्तारी के बाद AICC (ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी) के सेशन को अरुणा आसफ अली ने चलाया. पुलिस और सरकार की कई चेतावनियों के बाद भी मुंबई के गोवालिया टैंक मैदान में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हुए.
9. अरुणा आसफ अली ने इस भारी भीड़ के सामने पहली बार भारत का झंडा फहराया. जो आंदोलन के लिए एक प्रतीक साबित हुआ.
10. आंदोलन के आखिरी फेज़ यानि सितंबर 1942 में प्रदर्शनकारियों ने मिलकर मध्य प्रदेश और मुंबई में सरकारी स्थानों पर जमकर बमबाजी की ।
8. सभी प्रमुख नेताओं की गिरफ्तारी के बाद AICC (ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी) के सेशन को अरुणा आसफ अली ने चलाया. पुलिस और सरकार की कई चेतावनियों के बाद भी मुंबई के गोवालिया टैंक मैदान में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हुए.
9. अरुणा आसफ अली ने इस भारी भीड़ के सामने पहली बार भारत का झंडा फहराया. जो आंदोलन के लिए एक प्रतीक साबित हुआ.
10. आंदोलन के आखिरी फेज़ यानि सितंबर 1942 में प्रदर्शनकारियों ने मिलकर मध्य प्रदेश और मुंबई में सरकारी स्थानों पर जमकर बमबाजी की ।
अगस्त क्रांति : बापू की एक आवाज पर छिड़ी आजादी की अंतिम जंग
Reviewed by बलिया एक्सप्रेस
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August 10, 2018
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