देवरिया कांड में नया मोड़, लड़की का पिता आया सामने, कहा लड़की की मानसिक स्थिति ठीक नहीं
अमित कुमार की रिपोर्ट
गोरखपुर 12 अगस्त 2018 : देवरिया बालगृह बालिका काड में हर दिन कोई न कोई नई बात सामने आ रही है। सह गवाह लड़की के पिता ने पुलिस के सामने आकर अपनी लड़की की मानसिक स्थिति ठीक न होने का दावा किया है। एसपी आवास पर लड़की के पिता द्वारा गुहार लगाने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है। एसपी का कहना है कि इस बात की जांच कराई जा रही है कि लड़की कहां से बालगृह में दाखिल हुई थी।
बता दें कि 5 अगस्त की रात पुलिस ने बालगृह बालिका से सेक्स रैकेट संचालित होने का राजफाश बिहार की एक 10 साल की लड़की के बयान पर किया था। अगले ही दिन मुक्त कराई गई गोरखपुर जनपद की एक किशोरी पुलिस के लिए सह गवाह बनते हुए बताया था कि हर दिन लग्जरी गाड़िया शाम को बालगृह आती थीं और उन गाड़ियों से 15 से 18 वर्ष की लड़कियों को बाहर भेजा जाता था। किशोरी के इस दावे के बाद पुलिस की कहानी और मजबूत हो गई। लेकिन सीबीआइ जांच शुरू होने से पहले ही गोरखपुर जनपद के बड़हलगंज थाना क्षेत्र के छपिया गाँव निवासी रामकुंवर यादव रविवार को एसपी आवास पर पहुंच गया। उसका दावा है कि सह गवाह उसकी बेटी है। वह लखनऊ में मेट्रो में काम करता है। उसकी इकलौती बेटी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और उसका इलाज गोरखपुर के डा. प्रकाश बेरी के यहां चल रहा है। दो माह पहले वह शाम को घर से गायब हो गई। इसके बाद हमें सूचना गई तो हम घर आए और उसकी खोजबीन की, लेकिन पता नहीं चल सका। हम इस मामले में थाने पर कोई तहरीर नहीं दिए और लखनऊ वापस लौट गए। मेरी बेटी का चेहरा टीवी पर देखने को मिला तो हम आए हैं। उसने एसपी के पीआरओ से इसकी शिकायत दर्ज कराई और बेटी से मिलने की बात कही। एसपी के पीआरओ ने बताया कि वह लड़की गैर जनपद भेज दी गई है। उधर इस व्यक्ति के दावे के बाद पुलिस की परेशानी और बढ़ती जा रही है। इस बाबत पुलिस अधीक्षक रोहन पी कनय ने कहा कि एक व्यक्ति के आने तथा किशोरी के बेटी होने का दावा करने की बात मेरे संज्ञान में आई है। यह जांच
करा रहा हूं कि वह बालगृह कैसे आई थी। किसी थाने से उसे दाखिल किया गया है या फिर किसी समाजसेवी ने उसे बालगृह भेजा।

