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दुर्गा पूजा-विसर्जन को लेकर गोरखपुर में प्रशासन अलर्ट, पंडालों का निरीक्षण










 विवाद हुआ तो बीपीओ की पहले तय होगी जवाबदेही


गोरखपुर।। दुर्गा पूजा और प्रतिमा विसर्जन के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गोरखपुर में प्रशासन और पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है। रविवार को मंडलायुक्त इन्द्र विक्रम सिंह, डीआईजी रेंज एस. चन्नप्पा, जिलाधिकारी दीपक मीणा और एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने शहर के विभिन्न दुर्गा पूजा पंडालों का निरीक्षण कर सुरक्षा इंतजामों की पड़ताल की। अधिकारियों ने अग्निशमन व्यवस्था, बिजली की वायरिंग, आपातकालीन निकास, भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। वहीं, एसएसपी ने प्रतिमा विसर्जन के दौरान किसी विवाद या घटना की स्थिति में संबंधित क्षेत्र के बीपीओ की जवाबदेही पहले तय करने के निर्देश दिए हैं।


वरिष्ठ अधिकारियों ने पंडालों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आयोजकों और संबंधित जिम्मेदारों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान आग से बचाव के इंतजाम, विद्युत तारों और उपकरणों की सुरक्षित व्यवस्था तथा आपात स्थिति में लोगों के बाहर निकलने के रास्तों पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि निकास मार्ग बाधामुक्त रहें और भीड़ बढ़ने पर श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित न हो। अग्निशमन सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए जरूरी प्रबंध पहले से तैयार रखें।


पंडालों के आसपास यातायात और भीड़ प्रबंधन को लेकर भी निर्देश दिए गए। प्रशासन ने आयोजकों से कहा कि श्रद्धालुओं के आने-जाने के रास्तों पर अवरोध न बनने दें और पुलिस के साथ समन्वय बनाए रखें। किसी भी विवाद, समस्या या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने को कहा गया, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। निरीक्षण में नगर आयुक्त अजय जैन, एसपी सिटी निमिष पाटील, एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


प्रतिमा विसर्जन की तैयारियों को लेकर एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने गूगल मीटिंग के जरिए सभी एडिशनल एसपी, क्षेत्राधिकारियों, थाना और चौकी प्रभारियों के साथ हेड कांस्टेबल तथा कांस्टेबल को भी स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने बीपीओ को अपने-अपने क्षेत्र में प्रतिमा विसर्जन का नोडल अधिकारी निर्धारित करते हुए पूरी जिम्मेदारी से ड्यूटी निभाने को कहा। एसएसपी के निर्देश के मुताबिक, विसर्जन के दौरान यदि किसी तरह का विवाद या घटना होती है तो सबसे पहले संबंधित क्षेत्र के बीपीओ की भूमिका और जवाबदेही की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद परिस्थितियों और ड्यूटी के दायित्वों के आधार पर अन्य संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी।


एसएसपी ने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्रों में विसर्जन से जुड़ी गतिविधियों पर लगातार नजर रखें। थाना और चौकी प्रभारी आवश्यकतानुसार मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालें और तैनात पुलिसकर्मी निर्धारित स्थानों पर मुस्तैद रहें। संभावित विवाद की सूचना मिलने पर उसे नजरअंदाज न किया जाए, बल्कि समय रहते जरूरी कदम उठाए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रतिमा विसर्जन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में लापरवाही मिलने पर संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की समीक्षा कर जवाबदेही तय की जाएगी।



इसी क्रम में क्षेत्राधिकारी गोरखनाथ रवि सिंह और एसीएम प्रथम पवन कुमार जायसवाल ने गोरखनाथ थाना क्षेत्र के विभिन्न दुर्गा पूजा पंडालों का निरीक्षण किया। उन्होंने आयोजकों से बातचीत कर सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था की तैयारियों की जानकारी ली। अधिकारियों ने पंडालों में लोगों की आवाजाही व्यवस्थित रखने, आसपास अनावश्यक भीड़ और अवरोध से बचने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा। आयोजकों से किसी भी समस्या या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई।


कैंट थाना क्षेत्र में भी सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया गया। सहायक पुलिस अधीक्षक एवं सीओ कैंट अरुण कुमार एस. ने विभिन्न पूजा पंडालों का निरीक्षण कर आयोजकों से व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु रखने, भीड़ बढ़ने की स्थिति में अव्यवस्था रोकने और यातायात प्रभावित न होने देने के निर्देश दिए। आयोजकों को पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम करने तथा किसी विवाद या सुरक्षा संबंधी समस्या की जानकारी तुरंत देने को कहा गया। निरीक्षण के दौरान कैंट थाना प्रभारी निरीक्षक सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।


त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गीडा पुलिस ने भी निरोधात्मक कार्रवाई की। रविवार को शांतिभंग की आशंका के मद्देनजर 12 लोगों का भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 170, 126 और 135 के तहत चालान कर न्यायालय भेजा गया। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई गीडा थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों और आसपास के इलाकों से संबंधित लोगों के खिलाफ की गई है। इनमें गाहासाड़ और नौसड़ के इंद्राचक क्षेत्र के लोग शामिल हैं। इसके अलावा खोराबार थाना क्षेत्र के भैंसड़ा बाढ़न और बेलीपार थाना क्षेत्र के चेरिया गांव के निवासी भी कार्रवाई के दायरे में आए। पुलिस ने सभी के विरुद्ध आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।


प्रशासन और पुलिस की इन तैयारियों का उद्देश्य दुर्गा पूजा, दशहरा और प्रतिमा विसर्जन के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकना तथा श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाए रखना है। वरिष्ठ अधिकारियों ने पंडाल आयोजकों और पुलिसकर्मियों को अपने-अपने दायित्वों के प्रति सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और विसर्जन के दौरान जवाबदेही तय करने पर जोर दिया गया है, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकें।