जंगली बाबा धाम में गूंजे वैदिक मंत्र, 41 जोड़ों का संपन्न हुआ सामूहिक विवाह
बलिया में 41 जोड़े विवाह बंधन में बंधे, डीएम ने दिया विवाह प्रमाण पत्र और आम का पौधा
डीएम ने नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद, सरकारी योजनाओं से आत्मनिर्भर बनने की दी सीख
बलिया। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत शुक्रवार को विकासखंड गड़वार स्थित श्री जंगली बाबा धाम पर सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में जिले के छह विकासखंडों के कुल 41 वर-वधू विवाह बंधन में बंधे। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने भगवान गणेश की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर हिंदू रीति-रिवाजों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने नवदंपतियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखमय वैवाहिक जीवन की कामना की।
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्रति जोड़ा एक लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है। इसमें 64 हजार रुपये कन्या के खाते में भेजे जाते हैं, जबकि शेष सहायता सामग्री के रूप में प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत नवदंपतियों को कपड़े, साड़ी, पेटीकोट, शर्ट का कपड़ा, ट्रॉली बैग, कढ़ाई, दीवार घड़ी, सेविंग फैन, गद्दे, कंबल सहित कुल 27 प्रकार की सामग्री दी जाती है। जिलाधिकारी ने सभी नवदंपतियों को विवाह प्रमाण पत्र और आम का एक-एक पौधा भी प्रदान किया। साथ ही पुष्प अर्पित कर उन्हें सम्मानित किया। इस समारोह के दौरान जिलाधिकारी ने नवदंपतियों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का ऋण लेकर अपना रोजगार शुरू किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि निर्धारित शर्तों के अनुसार चार वर्ष तक ब्याज में छूट का प्रावधान है। इच्छुक लाभार्थी जिला उद्योग विभाग में संपर्क कर पंजीकरण करा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि जो युवक-युवतियां निजी क्षेत्र में नौकरी करना चाहते हैं, वे सेवायोजन पोर्टल और संबंधित रोजगार संगम पोर्टल पर पंजीकरण कराएं। जिले में आयोजित होने वाले रोजगार मेलों में प्रतिभाग कर रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकते हैं।
जिलाधिकारी ने पात्र परिवारों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के माता-पिता एवं अन्य पात्र वरिष्ठ नागरिकों का आयुष्मान कार्ड बनवाएं, जिससे उन्हें निर्धारित पात्रता के अनुसार पांच लाख रुपये तक के मुफ्त उपचार की सुविधा मिल सके। उन्होंने यह भी बताया कि पात्र परिवार आवासहीन होने की स्थिति में मुख्यमंत्री आवास योजना तथा शौचालय निर्माण के लिए संबंधित योजनाओं के तहत आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने आवास के लिए 1.20 लाख रुपये और शौचालय के लिए 12 हजार रुपये की सहायता का भी उल्लेख किया।
आम का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
जिलाधिकारी ने सभी नवदंपतियों से अपील की कि उन्हें उपहार में दिया गया आम का पौधा अपने घर या आंगन में अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल करें। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे ऑक्सीजन प्रदान करते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं। पौधरोपण से पर्यावरण को सुरक्षित रखने के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य तैयार किया जा सकता है। उन्होंने नवदंपतियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे स्वयं को कमजोर न समझें। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनें और प्रदेश के विकास में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग और सहभागिता से ही उत्तर प्रदेश को विकसित प्रदेश बनाने का लक्ष्य पूरा किया जा सकता है। इस कार्यक्रम में सीडीओ आलोक कुमार एवं जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।














