नवरात्र की अष्टमी पर गोरखनाथ मंदिर पहुंचे सीएम योगी, गुरु गोरखनाथ का पूजन कर मांगी सुख-शांति
पोषण माह में गोरखपुर फिर बना यूपी का नंबर वन जिला
गोरखपुर।। शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर रविवार को मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने श्री गोरखनाथ मंदिर में शिवावतारी महायोगी गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन किया। उन्होंने अपने पूज्य गुरुदेव राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के समाधि स्थल पर भी पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की और श्रद्धा निवेदित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए लोककल्याण के लिए प्रार्थना की। वहीं, पोषण अभियान के क्षेत्र में भी गोरखपुर ने प्रदेश में अपनी अग्रणी स्थिति कायम रखी है। नौवें राष्ट्रीय पोषण माह-2026 में जिले ने करीब 4.05 लाख गतिविधियों की फीडिंग के साथ उत्तर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, विभागीय अधिकारियों और सहयोगी संस्थाओं के समन्वित प्रयासों की अहम भूमिका रही।
नवरात्र की अष्टमी पर गोरक्षपीठ में मुख्यमंत्री का दर्शन-पूजन धार्मिक आस्था और गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति सम्मान का प्रतीक रहा। मंदिर में गुरु गोरखनाथ के दर्शन के बाद उन्होंने ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के समाधि स्थल पर पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने सभी के कल्याण और जीवन में सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की।
दूसरी ओर, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के माध्यम से संचालित पोषण अभियान में गोरखपुर ने एक बार फिर प्रदेश स्तर पर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। नौ सितंबर से आठ अक्टूबर तक चले राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान जिले में पोषण से संबंधित लगभग 4.05 लाख गतिविधियां आयोजित कर उनकी ऑनलाइन फीडिंग की गई। इसी प्रदर्शन के आधार पर गोरखपुर प्रदेश की रैंकिंग में पहले स्थान पर रहा। लखीमपुर खीरी को दूसरा और वाराणसी को तीसरा स्थान मिला। जिले की यह उपलब्धि बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के पोषण से जुड़े कार्यक्रमों को जमीनी स्तर पर पहुंचाने के प्रयासों को दर्शाती है।
जिलाधिकारी दीपक मीणा और मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी के मार्गदर्शन में जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अभिनव मिश्र के नेतृत्व में पोषण माह की गतिविधियां संचालित की गईं। अभियान को सफल बनाने में बाल विकास परियोजना अधिकारियों, सुपरवाइजरों, ब्लॉक समन्वयकों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने भागीदारी निभाई। विकासखंडों से लेकर गांवों और शहरी बस्तियों तक लोगों को पोषण के महत्व, संतुलित आहार और मातृ-शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
गोरखपुर का प्रदर्शन इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण है कि जिले ने पिछले वर्षों में भी पोषण माह और पोषण पखवाड़ा के दौरान बेहतर परिणाम दिए हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अभिनव मिश्र के मुताबिक, वर्ष 2023 में पोषण माह की ओवरऑल फीडिंग में जिले ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया था। वर्ष 2024 में पोषण माह के दौरान विभागीय फीडिंग और पोषण पखवाड़ा की ओवरऑल फीडिंग में भी गोरखपुर शीर्ष पर रहा। वर्ष 2025 में जिले का प्रदर्शन अग्रणी रहा, जबकि वर्ष 2026 के पोषण पखवाड़ा में भी गोरखपुर ने प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया था। राष्ट्रीय पोषण माह-2026 की रैंकिंग में फिर शीर्ष स्थान मिलने से इस उपलब्धि की कड़ी आगे बढ़ी है।
डॉ. अभिनव मिश्र ने सफलता का श्रेय आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं, सुपरवाइजरों, ब्लॉक समन्वयकों और बाल विकास परियोजना अधिकारियों के सामूहिक प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि पोषण अभियान की योजनाओं को प्रभावी बनाने में जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां सीधे परिवारों, बच्चों और महिलाओं से जुड़ी होती हैं। वे पोषण संबंधी जानकारी पहुंचाने, योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने और पात्र लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचाने में अहम योगदान देती हैं।
इस वर्ष राष्ट्रीय पोषण माह की थीम ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ रखी गई थी। इसका उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों को पोषण, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और बच्चों के समग्र विकास के प्रमुख केंद्र के रूप में मजबूत करना रहा। अभियान के दौरान संतुलित और पौष्टिक भोजन, बच्चों के स्वास्थ्य, गर्भवती महिलाओं की देखभाल और धात्री माताओं के पोषण जैसे विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए। लोगों को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सरकारी सेवाओं के साथ परिवार और समुदाय की भागीदारी भी जरूरी है।
राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान गोरखपुर की एक आंगनबाड़ी कार्यकत्री को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी मिली। खजनी विकासखंड के बसियाखोर गांव में तैनात संध्या सिंह को टेक होम राशन वितरण में उत्कृष्ट कार्य के लिए सराहना मिली। वाराणसी में आयोजित पोषण माह के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री और प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री की मौजूदगी में उनके काम को मान्यता दी गई।
कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से चयनित चार उत्कृष्ट आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को शामिल किया गया था। इनमें तमिलनाडु, गुजरात, ओडिशा और उत्तर प्रदेश की प्रतिनिधि शामिल थीं। उत्तर प्रदेश की ओर से गोरखपुर की संध्या सिंह ने सहभागिता की। टेक होम राशन वितरण में उनके कार्य की सराहना से जिले की आंगनबाड़ी व्यवस्था को राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिली। यह उपलब्धि उन कार्यकत्रियों के योगदान को भी रेखांकित करती है, जो गांवों और बस्तियों में पात्र लाभार्थियों तक पोषण सेवाएं पहुंचाने के लिए लगातार काम करती हैं।
पोषण माह के साथ सेवा संकल्प अभियान के तहत भी जिले के सभी विकासखंडों में कई तरह की गतिविधियां आयोजित की गईं। इनमें पोषण रेसिपी प्रतियोगिता, पोषण क्विज, पोषण रंगोली, पोषण मेहंदी और अनुपयोगी सामग्री से स्वदेशी खिलौने बनाने के प्रदर्शन शामिल रहे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से पोषण संबंधी संदेशों को सरल और रोचक तरीके से लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की गई। स्थानीय खाद्य सामग्री से पौष्टिक व्यंजन तैयार करने की जानकारी साझा की गई, जबकि क्विज और रंगोली जैसी गतिविधियों के जरिए बच्चों और परिवारों को पोषण के प्रति जागरूक किया गया।
बेकार सामग्री से खिलौने तैयार करने के प्रदर्शन के माध्यम से कम लागत में बच्चों के लिए उपयोगी शिक्षण सामग्री बनाने और उनकी रचनात्मकता को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को साड़ी और प्री-स्कूल किट भी वितरित की गईं। उत्कृष्ट कार्य करने वाली कार्यकत्रियों को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया गया। प्री-स्कूल किट से आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की शुरुआती शिक्षा और सीखने की गतिविधियों को मजबूत करने का प्रयास किया गया।
पोषण अभियान को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ने के लिए जनप्रतिनिधियों ने भी विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा जिले के प्रभारी मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, राज्यसभा सांसद डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल, जिले के विधायक और ब्लॉक प्रमुख अभियान से जुड़े कार्यक्रमों में सहभागी रहे। यूनिसेफ, रॉकेट लर्निंग सहित सहयोगी संस्थाओं ने भी गतिविधियों के आयोजन और संचालन में सहयोग किया। विभागीय अधिकारियों, स्थानीय कार्यकर्ताओं और सहयोगी संस्थाओं के बीच समन्वय से अभियान को गांवों और शहरी क्षेत्रों तक पहुंचाने में मदद मिली।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने जिले को प्रदेश में पहला स्थान मिलने पर अभियान से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने इस उपलब्धि में योगदान देने वाले कर्मियों को शीघ्र सम्मानित करने की बात कही है। विभाग को उम्मीद है कि इस प्रदर्शन से कर्मचारियों का उत्साह बढ़ेगा और आने वाले समय में पोषण संबंधी योजनाओं को और प्रभावी तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी।
गोरखपुर को राष्ट्रीय पोषण माह-2026 में प्रदेश में प्रथम स्थान मिलना गतिविधियों के आयोजन और उनकी फीडिंग के साथ-साथ विभागीय समन्वय तथा जमीनी स्तर पर किए गए प्रयासों की उपलब्धि है। हालांकि, इस सफलता को स्थायी प्रभाव में बदलने के लिए जरूरी होगा कि पोषण संबंधी जागरूकता परिवारों के रोजमर्रा के व्यवहार का हिस्सा बने और बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा धात्री माताओं तक योजनाओं का लाभ लगातार पहुंचता रहे।










