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काशी से दिल्ली का सफर अब 8-9 घंटे में, वंदे भारत स्लीपर समेत तीन ट्रेनों को सीएम योगी और रेल मंत्री ने दिखाई हरी झंडी

 




वाराणसी, 31 अक्टूबर।। दीपावली और छठ पर्व से पहले वाराणसी के लोगों को रेल कनेक्टिविटी की तीन नई सुविधाओं की सौगात मिली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, बनारस-प्रयागराज रामबाग ट्रेन और वाराणसी सिटी-राजातालाब ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के कोचों में जाकर यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्कूली बच्चों और लोको पायलट से बातचीत भी की। एक छात्र ने ट्रेन को लेकर बनाई गई अपनी पेंटिंग मुख्यमंत्री और रेल मंत्री को भेंट की। मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट बांटी और काशीवासियों को तीन नई रेल सेवाएं मिलने पर बधाई दी।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 कोच लगाए गए हैं और इसमें एक साथ 823 यात्री सफर कर सकते हैं। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह ट्रेन काशी को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से जोड़ेगी। उन्होंने कहा कि पहले रेल से वाराणसी से दिल्ली पहुंचने में करीब 13 से 14 घंटे लगते थे, लेकिन नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से यह सफर लगभग 8 से 9 घंटे में पूरा हो सकेगा। इससे यात्रियों के समय और श्रम दोनों की बचत होगी। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि 15 फरवरी 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली से वाराणसी के बीच देश की पहली वंदे भारत ट्रेन को रवाना किया था। उस समय चेयरकार की सुविधा थी, जबकि अब यात्रियों को स्लीपर ट्रेन का विकल्प भी मिल रहा है।








सीएम योगी ने कहा कि काशी भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी के रूप में पहचानी जाती है। वंदे भारत स्लीपर के माध्यम से इसका राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से जुड़ाव और सुविधाजनक होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि दिल्ली और वाराणसी के बीच बुलेट ट्रेन चलाने की कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके लिए योजना को मंजूरी देने पर उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। मुख्यमंत्री के मुताबिक बुलेट ट्रेन शुरू होने पर दिल्ली से वाराणसी की दूरी लगभग साढ़े तीन घंटे में पूरी की जा सकेगी। उन्होंने इसे हवाई यात्रा की तुलना में सरल, सुगम और सस्ता विकल्प बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।


मुख्यमंत्री ने काशी से प्रयागराज और वाराणसी सिटी से राजातालाब के बीच शुरू की गई मेमू सेवाओं को भी आम लोगों के लिए उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि काशी और प्रयागराज दोनों आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व के शहर हैं। प्रयागराज में उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट होने के कारण बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं, वादकारियों, छात्रों और श्रद्धालुओं को वहां जाना पड़ता है। नई ट्रेन सेवा से इन यात्रियों को सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि काशी से प्रयागराज तक एक महीने की यात्रा के लिए 220 रुपये और वाराणसी से राजातालाब तक महीने भर की यात्रा के लिए 95 रुपये का किराया निर्धारित है। इससे किसान, नौजवान, व्यापारी, अधिवक्ता और स्थानीय नागरिक कम खर्च में नियमित आवागमन कर सकेंगे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले लोगों को विकास के नाम पर केवल आश्वासन मिलते थे, लेकिन अब आम जनता को लगातार नई सुविधाएं और सौगातें मिल रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को नए भारत के निर्माण का आधार बताते हुए कहा कि आज लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती है। पटेल ने 563 रियासतों को भारतीय गणराज्य का हिस्सा बनाकर देश की एकता और अखंडता को मजबूत किया था। उसी तरह भारतीय रेल उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक देश को जोड़ने का काम कर रही है।


योगी आदित्यनाथ ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय रेल का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। कभी उत्तर प्रदेश में ब्रॉडगेज और मीटरगेज दोनों तरह की लाइनें थीं। उस समय रेलवे से जुड़ी समस्याओं को लेकर संसद में मुद्दे उठाए जाते थे, लेकिन लोगों को बार-बार आश्वासन ही मिलता था। अब प्रदेश की सभी रेल लाइनें ब्रॉडगेज हो चुकी हैं और उनका विद्युतीकरण भी किया गया है। उन्होंने कहा कि नमो भारत, वंदे भारत और अमृत भारत जैसी ट्रेनों का संचालन आधुनिक रेल व्यवस्था की दिशा में बदलाव को दर्शाता है। स्वदेशी कोचों के निर्माण का काम भी समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है।


मुख्यमंत्री ने रेलवे में सुरक्षा और यात्री सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग पर हादसों का खतरा बना रहता था। ट्रेन और वाहनों की टक्कर में लोगों के साथ पशुओं की भी जान जाती थी। अब ऐसी क्रॉसिंगों पर फ्लाईओवर और अंडरपास बनाकर दुर्घटनाओं को रोकने की व्यवस्था की गई है। रेलवे स्टेशनों और ट्रेन के डिब्बों में स्वच्छता तथा आधुनिक शौचालयों की सुविधा बढ़ी है। उन्होंने कहा कि रेल संचालन को केवल औपचारिक व्यवस्था तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि कौशल और आधुनिक तकनीक के साथ उसका विस्तार किया गया है, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल रही है।


माल परिवहन में सुधार का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का करीब एक हजार किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश में पड़ता है। पहले मालगाड़ियों को यात्री ट्रेनों के साथ ही रेल लाइन साझा करनी पड़ती थी, जिससे उनकी रफ्तार प्रभावित होती थी। अलग कॉरिडोर बनने से मालगाड़ियों को स्वतंत्र लाइन मिली है और सामान तथा कच्चा माल पहले की तुलना में अधिक तेजी से पहुंचाया जा सकता है। इससे परिवहन के समय में कमी आई है और माल की सुरक्षित आवाजाही को भी मदद मिली है।


सीएम योगी ने कहा कि भारतीय रेल में बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर का असर देश के अलग-अलग हिस्सों में दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश में 157 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया गया है। काशी का रेलवे स्टेशन भी आधुनिक सुविधाओं से युक्त है और उसके स्वरूप में शहर की सांस्कृतिक पहचान को स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के बाद रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पहले पटरियों और स्टेशनों पर गंदगी तथा दुर्गंध की शिकायतें रहती थीं, लेकिन अब साफ-सफाई और यात्री सुविधाओं में सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी बड़े बदलाव के लिए साफ नीयत, स्पष्ट नीति और दृढ़ संकल्प जरूरी है।


मुख्यमंत्री ने काशी में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां रेल कनेक्टिविटी के साथ सड़क और हवाई सेवाओं का भी विस्तार हुआ है। काशी विश्वनाथ धाम और अन्य तीर्थस्थलों के विकास के प्रयास किए गए हैं। घाटों का स्वरूप भी बदला है और शहर को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने का काम जारी है। उन्होंने 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काशी दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि नमो घाट पर आयोजित एयर शो में करीब 25 लाख लोगों ने भारतीय रक्षा सेनाओं की क्षमता और आत्मनिर्भर भारत की झलक देखी थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इच्छाशक्ति के साथ काम किया जाए तो विकास के बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली और छठ से ठीक पहले शुरू हुई ये रेल सेवाएं आम यात्रियों के लिए उपयोगी साबित होंगी। उन्होंने प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और रेल मंत्री के नेतृत्व में रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में हो रहे कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम से प्रयागराज से प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य वर्चुअल रूप से जुड़े। वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर, रविंद्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, हंसराज विश्वकर्मा, महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत प्रशासक पूनम मौर्या, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, नीलकंठ तिवारी, अवधेश सिंह, सुनील पटेल तथा विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र सिंह, अन्नपूर्णा सिंह और विनीत सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।