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श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन वामन भगवान के प्रसंग ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर

 







विनम्रता और समर्पण से होता है लोक कल्याण : पं. शीतल प्रकाश

तीन पग भूमि के प्रसंग से मिला जीवन का संदेश 


 पुर (बलिया): सहुलाई स्थित श्री सहूलेश्वर नाथ महादेव मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन काशी विश्वनाथ धाम से पधारे कथावाचक पं. शीतल प्रकाश जी महाराज ने भगवान वामन एवं राजा बलि के प्रसंग का वर्णन किया।

      कथा के शुभारंभ अवसर पर अभिषेक सिंह, विश्वामित्र तिवारी, मनु चौरसिया, हरेराम यादव, सत्यप्रकाश सिंह एवं भोजपुरी सरधा मंच के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. शैलेश सिंह शौर्य ने श्रीमद्भागवत भगवान को पुष्प अर्पित कर पूज्य कथावाचक पं. शीतल प्रकाश जी महाराज का माल्यार्पण किया।

      महाराज श्री ने बताया कि भगवान वामन द्वारा राजा बलि से तीन पग भूमि मांगने का प्रसंग विनम्रता, समर्पण और सदाचार का संदेश देता है। उन्होंने इसके आध्यात्मिक अर्थ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तीन पग भूमि का तात्पर्य रजोगुण, तमोगुण और सत्त्वगुण से है। मानव जीवन इन तीनों गुणों के प्रभाव में संचालित होता है।

      उन्होंने कहा कि जब मनुष्य अपने भीतर विद्यमान इन गुणों को पूर्ण समर्पण भाव से ईश्वर को अर्पित कर देता है, तब वह भगवान की कृपा का पात्र बन सकता है, जिस प्रकार राजा बलि को भगवान की कृपा प्राप्त हुई थी।

      महाराज श्री ने श्रद्धालुओं से अहंकार का त्याग कर विनम्रता, समर्पण और सदाचार के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

       इस अवसर पर सुरेश सिंह, पंचानंद तिवारी, हरेराम यादव, विश्वामित्र तिवारी, डॉ. शैलेश कुमार सिंह, सत्यप्रकाश सिंह, भुवाल गुप्ता, अभिषेक सिंह, मनु चौरसिया, कमन राजभर एवं लल्लू राजभर सहित गढ़मलपुर, डंडारी, सहरोजा, वीरा-भांटी तथा आसपास के दर्जनों गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों ने संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण किया।