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बलिया की स्मृति सिंह ने दिल्ली में ‘पंचायत टू पार्लियामेंट’ पर दिया Keynote स्पीच

 






 महिला नेतृत्व को लेकर देशभर की महिलाओं को किया प्रेरित

नई दिल्ली।। उत्तर प्रदेश के बलिया की निवर्तमान ग्राम प्रधान एवं  सामाजिक कार्यकर्ता एवं महिला नेतृत्व की आवाज़ स्मृति सिंह ने नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित “Women Leaders Conclave” में “Panchayat to Parliament” विषय पर मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार रखे। उन्होंने अपने संबोधन में “मातृत्व और नेतृत्व” के बीच संतुलन, महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और समाज के हर क्षेत्र में महिलाओं की समान भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया।


स्मृति सिंह ने अपने संबोधन के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों से आई महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि महिलाओं की नेतृत्व क्षमता को केवल परिवार या समाज के सीमित दायरे तक नहीं रखा जा सकता। पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं की प्रभावी भागीदारी विकसित भारत के निर्माण के लिए आवश्यक है।


‘पंचायत टू पार्लियामेंट’ में महिला भागीदारी पर चर्चा


“Panchayat to Parliament” सत्र में स्मृति सिंह ने राजनीति में महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों के साथ-साथ राजनीतिक प्रतिनिधित्व, संसद एवं मंत्रिमंडल में महिलाओं की संख्या, कॉरपोरेट जगत के शीर्ष पदों पर महिलाओं की भागीदारी, सरकारी नौकरियों, खेल, महिला सुरक्षा तथा महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।


उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि महिलाओं की भागीदारी केवल संख्या तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी सार्थक और प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए।


स्मृति सिंह ने कहा कि “Women’s Equity in Viksit Bharat” का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब महिलाओं को जमीनी स्तर से लेकर देश के सर्वोच्च निर्णय लेने वाले संस्थानों तक समान अवसर और नेतृत्व की भूमिका मिले।


‘मातृत्व और नेतृत्व’ से हजारों महिलाओं को मिली प्रेरणा


अपने संबोधन में स्मृति सिंह ने मातृत्व और सामाजिक नेतृत्व के अपने अनुभवों को साझा किया। उनकी कहानी और संघर्ष ने कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं को विशेष रूप से प्रभावित किया। उन्होंने बताया कि परिवार और सामाजिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ महिलाएं सार्वजनिक जीवन, राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, व्यवसाय और अन्य क्षेत्रों में भी प्रभावी नेतृत्व कर सकती हैं।


उनके अनुभवों और विचारों ने देशभर से आई महिलाओं को अपने सपनों को आगे बढ़ाने तथा नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

Women Leaders Conclave इसी पहल की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जहां विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रही महिलाओं को एक मंच पर लाकर उनके अनुभवों, संघर्षों और नेतृत्व क्षमता को साझा करने का अवसर दिया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को केवल प्रेरित करना ही नहीं, बल्कि उन्हें नेतृत्व, निर्णय-निर्माण और राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा में आगे बढ़ने के लिए सशक्त बनाना है।

उत्तर प्रदेश के रतसर कला बलिया से निकलकर राष्ट्रीय मंच पर महिला नेतृत्व और समान भागीदारी की आवाज़ को मजबूती से उठाने वाली स्मृति सिंह की इस भूमिका को उत्तर प्रदेश के लिए भी गौरवपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।


उन्होंने अपने संबोधन के माध्यम से यह संदेश दिया कि महिलाओं को अवसर, समानता और नेतृत्व की भूमिका देकर ही भारत को वास्तविक अर्थों में विकसित और सशक्त बनाया जा सकता है।