अखाड़े में दिखा पहलवानों का दम, योगी ने विजेताओं को बांटे पुरस्कार
नागपंचमी पर गोरखनाथ मंदिर में प्रदेश स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता का समापन, 500 पदक विजेता युवाओं को नौकरी देने की घोषणा
गोरखपुर।। नागपंचमी के अवसर पर श्रीगोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित दो दिवसीय प्रदेश स्तरीय सीनियर प्राइजमनी पुरुष कुश्ती प्रतियोगिता का सोमवार को समापन हुआ। प्रतियोगिता में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से करीब साढ़े तीन सौ पहलवानों ने हिस्सा लिया। अखाड़े में पहलवानों के बीच जोरदार मुकाबले देखने को मिले। समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विजेता, उपविजेता और तीसरे स्थान पर रहे पहलवानों को सम्मानित किया।
कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, कुशीनगर सांसद विजय कुमार दुबे, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, जिला अध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर अध्यक्ष रमेश चंद्र गुप्ता, विधायकगण, खेल सचिव यूपी सुहास एलवाई, कुश्ती सचिव चंद्र विजय सहित जनप्रतिनिधि, खेल प्रेमी और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
अखाड़े में वीर अभिमन्यु वर्ग में सूरज और जनार्दन यादव के बीच मुकाबला हुआ। इसमें सूरज ने जीत हासिल की। उत्तर प्रदेश कुमार वर्ग में सौरभ और अमित के बीच मुकाबला हुआ, जिसमें सौरभ विजयी रहे। उत्तर प्रदेश केसरी वर्ग में प्रशांत कुमार और आकाश कुमार के बीच मुकाबला हुआ और आकाश कुमार ने बाजी मारी। मुख्यमंत्री ने विभिन्न वर्गों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले पहलवानों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बीते 12 वर्षों में देश में बदलाव के साथ खेलों के क्षेत्र में भी सकारात्मक परिवर्तन आया है। उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों ने विभिन्न स्तरों पर देश का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक हासिल किए हैं। उन्होंने कहा कि खेल व्यक्ति को अनुशासन और आत्मसंयम सिखाने के साथ सकारात्मक ऊर्जा का रास्ता भी दिखाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार लगातार सुविधाएं और अवसर उपलब्ध करा रही है। उन्होंने घोषणा की कि विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में पदक हासिल करने वाले 500 युवाओं को आगामी एक महीने में उत्तर प्रदेश पुलिस और अन्य विभागों में सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
खिलाड़ियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ी को छह करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता को चार करोड़ रुपये और कांस्य पदक विजेता को दो करोड़ रुपये दिए जाते हैं। ओलंपिक में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को 10 लाख रुपये तथा कॉमनवेल्थ और एशियाड में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को पांच-पांच लाख रुपये की सम्मान राशि दी जाती है। नेशनल गेम्स में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को भी सरकार प्रोत्साहित करती है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि खेल प्रतिभाओं की पहचान गांव से ही होनी चाहिए। इसके लिए सरकार का लक्ष्य हर गांव में खेल मैदान और हर ब्लॉक में स्पोर्ट्स मैदान उपलब्ध कराना है। ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर पर अभ्यास की सुविधा मिलने से उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। निजी प्रशिक्षण केंद्रों को भी सरकारी सहयोग देने की बात मुख्यमंत्री ने कही।
उन्होंने युवाओं को नशे और अपराध से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा कि माफियागिरी और नशे की प्रवृत्ति युवा शक्ति के लिए बड़ी चुनौती है। सरकार नशा माफिया के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपनी ऊर्जा को खेल, शिक्षा और रचनात्मक कार्यों में लगाने का आह्वान किया।
स्मार्टफोन के इस्तेमाल को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका बड़ा हिस्सा फिजूल की गतिविधियों में खर्च हो रहा है। युवाओं को तकनीक का उपयोग शिक्षा, खेल और रचनात्मक कार्यों के लिए करना चाहिए। उनके अनुसार आत्मसंयम से व्यक्ति में अनुशासन और सकारात्मक सोच विकसित होती है।
मुख्यमंत्री ने अखाड़े की परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि कुश्ती केवल मुकाबला नहीं, बल्कि संस्कार और अनुशासन से जुड़ी विधा है। पहलवान अपने गुरु और कोच का सम्मान करता है। उन्होंने पहलवानों को बजरंगबली का उपासक बताते हुए साहस, संयम और संघर्ष की भावना को उनकी पहचान बताया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले खेल और खिलाड़ियों को उतना महत्व नहीं मिला, जितना मिलना चाहिए था। वर्तमान सरकार युवाओं को सकारात्मक दिशा देने और उनकी प्रतिभा को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार नई युवा नीति लाने की दिशा में भी काम कर रही है। इसके जरिए शिक्षा, रोजगार, खेल, कौशल विकास और रचनात्मक गतिविधियों के क्षेत्र में युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
नागपंचमी के मौके पर गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित कुश्ती प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में पहलवानों की भागीदारी रही। दो दिनों तक चले आयोजन के समापन पर खिलाड़ियों का सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता में शामिल सभी पहलवानों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।













