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ई-लॉटरी से तय हुआ किसानों का भाग्य, कृषि यंत्रों पर मिलेगा अनुदान

 



कृषि यंत्रों पर मिलेगा 50 प्रतिशत तक अनुदान, ई-लॉटरी से चयन

बलिया। कृषि विभाग की ओर से संचालित कृषि यंत्रीकरण योजनाओं के तहत कृषि यंत्रों एवं कृषि रक्षा उपकरणों के लिए किसानों के चयन को लेकर शुक्रवार को विकास भवन सभागार में ई-लॉटरी कराई गई। मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित ई-लॉटरी में लक्ष्य से अधिक आवेदन वाले कृषि यंत्रों के लिए किसानों का चयन किया गया।

कृषि विभाग द्वारा नेशनल मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन के अंतर्गत सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन, प्रमोशन ऑफ क्रॉप रेजिड्यू तथा अन्य योजनाओं में कृषि यंत्रों के लिए किसानों से विभागीय पोर्टल पर 16 जुलाई से 10 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन बुकिंग कराई गई थी। लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत ई-लॉटरी के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया गया।

जिन विकासखंडों में लक्ष्य के बराबर ही बुकिंग हुई थी, वहां निदेशालय स्तर से ऑटो-कन्फर्म की प्रक्रिया पूरी कर दी गई। वहीं लक्ष्य से अधिक आवेदन वाले मामलों में जनपद स्तरीय कार्यकारी समिति के समक्ष ई-लॉटरी कराई गई। कार्यक्रम में उप कृषि निदेशक ने किसानों को कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं और कृषि यंत्रों पर मिलने वाले अनुदान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पात्र लाभार्थी किसान इम्पैनल्ड कंपनियों के अधिकृत विक्रेताओं से कृषि यंत्र खरीदने पर क्रय मूल्य का अधिकतम 50 प्रतिशत या निर्धारित अधिकतम अनुदान सीमा, जो भी कम हो, के अनुसार अनुदान प्राप्त कर सकेंगे।

उन्होंने किसानों को सावधान करते हुए कहा कि विभागीय पोर्टल पर पंजीकृत निर्माता कंपनियों के अधिकृत विक्रेताओं के अलावा किसी अन्य निर्माता, डिस्ट्रीब्यूटर या विक्रेता से खरीदे गए कृषि यंत्रों पर अनुदान देय नहीं होगा। सत्यापन के समय किसानों को कृषि यंत्र का बिल, ई-वे बिल, डीलर को 50 प्रतिशत या उससे अधिक भुगतान का बैंक स्टेटमेंट, 100 रुपये के स्टाम्प पेपर पर घोषणा पत्र सहित बैंक पासबुक, खतौनी, पासपोर्ट साइज फोटो और अन्य आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे। अधिकारियों ने बताया कि जिन कृषि यंत्रों पर अनुदान प्राप्त हो चुका है, उनमें मानव चालित एवं पशु चालित कृषि यंत्रों पर तीन वर्ष तक दोबारा अनुदान नहीं मिलेगा। 


वहीं शक्ति चालित कृषि यंत्रों के लिए संबंधित किसान पांच वर्ष की अवधि के बाद ही उसी प्रकार के कृषि यंत्र पर दोबारा अनुदान के लिए पात्र होगा। फार्म मशीनरी बैंक, एग्रीगेटर एवं कस्टम हायरिंग सेंटर के साथ अथवा अलग से खरीदे गए ट्रैक्टर और कंबाइन हार्वेस्टर पर पुनः अनुदान के लिए 10 वर्ष की अवधि निर्धारित है। ई-लॉटरी में रोटावेटर, सुपर सीडर, जीरो टिल सीड ड्रिल, कस्टम हायरिंग सेंटर, कंबाइन हार्वेस्टर सहित अन्य कृषि यंत्रों के लिए लक्ष्य से अधिक प्राप्त आवेदनों का चयन किया गया। चयनित किसानों को अधिकारियों ने बधाई दी और योजना का लाभ निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लेने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित किसानों का आभार व्यक्त करते हुए ई-लॉटरी कार्यक्रम के समापन की घोषणा की गई।