युवाओं के लिए बनेगी एकीकृत नीति, कानून-व्यवस्था से रोजगार तक हर मोर्चे पर सरकार का फोकस: मुख्यमंत्री योगी
लखनऊ।। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के युवाओं के सर्वांगीण विकास और सुशासन को नई दिशा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को लखनऊ स्थित सरकारी आवास से उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी मंडलों और जिलों के अधिकारियों के साथ विस्तृत संवाद किया। बैठक में युवाओं के लिए एकीकृत राज्य युवा नीति तैयार करने से लेकर महिला सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, बाढ़, कांवड़ यात्रा, आगामी त्योहारों की तैयारियां, कृषि, रोजगार, कौशल विकास और विभिन्न विभागों की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तक कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता युवाओं को अवसर, किसानों को सुविधा, महिलाओं को सुरक्षा और आम जनता को जवाबदेह प्रशासन उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदेश के 16 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की जरूरतों, अपेक्षाओं और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक एवं व्यवहारिक युवा नीति तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि नीति निर्माण केवल सरकारी स्तर तक सीमित न रहे, बल्कि इसमें विद्यार्थियों, खिलाड़ियों, शोधार्थियों, स्टार्टअप उद्यमियों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इसके लिए सार्वजनिक स्तर पर सुझाव भी आमंत्रित किए जाएं, ताकि तैयार होने वाली नीति युवाओं की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप हो।
उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं से जुड़े कार्यक्रमों की नियमित मॉनिटरिंग और मूल्यांकन के लिए विशेषज्ञों की सहभागिता वाला स्वतंत्र राज्य युवा आयोग गठित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विभिन्न विभागों में संचालित युवा कल्याण योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रत्येक पात्र युवा तक उनका लाभ समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पहुंचाया जाए।
बैठक में भविष्य की तकनीकों पर आधारित कौशल विकास को विशेष प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स, साइबर सुरक्षा, ड्रोन, सेमीकंडक्टर और अन्य उभरते क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षित करने, प्रत्येक जिले में स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने, यूथ इन्क्यूबेशन सेंटर विकसित करने तथा रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने युवाओं के लिए एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार करने को कहा, जहां करियर मार्गदर्शन, छात्रवृत्ति, रोजगार और अन्य आवश्यक सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध हो सकें।
मुख्यमंत्री ने 'मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना' को और प्रभावी बनाने पर बल देते हुए इसके दायरे को विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों तक विस्तारित करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने युवा आईएएस, आईपीएस अधिकारियों तथा विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को इस योजना से जोड़ने के निर्देश दिए। इसके अलावा आधुनिक पुस्तकालय, अध्ययन केंद्र और रीडिंग स्पेस विकसित करने पर भी जोर दिया, ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को बेहतर वातावरण मिल सके। खेलों को सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बताते हुए उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायत में खेल मैदान, प्रत्येक विकास खंड में मिनी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, प्रत्येक जिले में खेल उत्कृष्टता केंद्र और प्रत्येक मंडल में हाई परफॉर्मेंस सेंटर विकसित करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मिशन शक्ति अभियान को और प्रभावी बनाने, एंटी रोमियो स्क्वॉड की सक्रियता बढ़ाने तथा सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस गश्त मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के विरुद्ध किसी भी अपराध में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बाढ़ और जलभराव की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए। उन्होंने जल निकासी व्यवस्था मजबूत करने, नालों की सफाई, पंपिंग स्टेशनों की निगरानी, राहत सामग्री की उपलब्धता तथा संवेदनशील क्षेत्रों में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने को कहा। कांवड़ यात्रा और आगामी त्योहारों को लेकर भी उन्होंने सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा, यातायात प्रबंधन और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
कृषि क्षेत्र की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, जमाखोरी एवं कालाबाजारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने तथा किसानों को समय पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कानून-व्यवस्था की समीक्षा में अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को और सख्ती से लागू करने, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी तेज करने तथा प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में प्रदेश के सभी प्रमुख विभागों की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रत्येक विभाग शासन की योजनाओं का पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करे तथा अधिकारी नियमित रूप से फील्ड में जाकर व्यवस्थाओं की निगरानी करें। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है और प्रशासन की सफलता इसी कसौटी पर आंकी जाएगी। अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, सुशासन की मजबूती और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से ही उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।








