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नगर पंचायत ने की 1953 मे रजिस्ट्री, अब कब्जा दखल के लिये दौड़ रही है अधिकारियों के पास बेवा, बोले चेयरमैन कागजात सौपे सही होने पर मिलेगा कब्जा

 


नगर पंचायत ने की 1953 मे रजिस्ट्री, अब कब्जा दखल के लिये दौड़ रही है अधिकारियों के पास बेवा, बोले चेयरमैन कागजात सौपे सही होने पर मिलेगा कब्जा 

सरकारी कागजात में दर्ज तालाब ,हाशिया तालाब भीटा मौके पर खड़ी इमारतें, डीएम के आदेश पर चल रहा है अतिक्रमण का मुकदमा 


बलिया ।। नगर पंचायत चितबड़ागांव मे एक अलग तरह का मामला प्रकाश मे आया है। एक बेवा रेहाना ने जिलाधिकारी बलिया को पत्रक देकर नगर पंचायत चितबड़ा गांव पर गंभीर आरोप लगाया है। रेहाना का कहना है कि नगर पंचायत उसके भू खंड पर जबरदस्ती कब्जा कर रही है जबकि नगर पंचायत ने ही कोर्ट के आदेश पर मेरा पिता स्व शमी उस्मानी को 4 हजार रूपये मे 15 डिसमिल रजिस्ट्री सन 1953 मे की थी। वही नगर पंचायत के चेयरमैन अमरजीत सिंह ने कहा कि यह प्रकरण अभी तक मेरे संज्ञान मे नहीं आया है, आते ही राजस्व विभाग से रेहाना जी की अगर जमीन है तो उसको चिन्हित कराके कब्जा दखल करा दिया जायेगा। यह प्रकरण मीडिया के माध्यम से ही मुझे मालूम हुआ है।

क्यों और कैसे हुई थी उस्मानी को रजिस्ट्री 

बताया जा रहा है कि शमी उस्मानी ठेकेदारी करते थे। इस समय इनकी पुत्री रेहाना द्वारा जिस भूखंड को अपना बताया जा रहा है, उस पर नगर पंचायत का ऑफिस बन रहा था। इस निर्माण के ठेकेदार शमी उस्मानी ही थे। निर्माण कार्य जब नींव तक पहुंचा तो इसके निर्माण पर अदालत ने रोक लगा दी। अदालत के द्वारा रोक लगाने पर निर्माण कार्य रुक गया और शमी उस्मानी का भुगतान भी बाधित हो गया। अपने भुगतान के लिये शमी उस्मानी कोर्ट गये, जिस पर कोर्ट ने उस्मानी के 4 हजार भुगतान के बदले नगर पंचायत को 15 डिसमिल जमीन रजिस्ट्री करने का आदेश दिया। इसी आदेश के बाद शमी उस्मानी के नाम से नगर पंचायत ने रजिस्ट्री कर दी, जिसकी डीड आज भी रेहाना के पास मौजूद है। वैसे शमी उस्मानी के मरने के बाद इस जमीन पर कब्जा दखल लेने के लिये इन लोगों को निचली अदालत से लेकर उच्च न्यायालय तक गुहार लगानी पड़ी है और हर जगह इन्ही के पक्ष मे निर्णय आया हुआ है। इस डीड मे एक ही कमी दिखती है जिसमे चौहदी तो साफ है लेकिन नंबर नहीं है और चौहदी के हिसाब से जो भूखंड है व हाशिया तालाब के नाम से दर्ज है।








श्री सिंह ने कहा कि जिस जगह रेहाना जी अपना भूखंड बता रही है वह पोखरा , हाशिया तालाब और भीटा के नाम से दर्ज है। जिलाधिकारी बलिया के निर्देश पर उप जिलाधिकारी सदर के द्वारा तहसीलदार सदर से जांच करायी गयी और इस पर अतिक्रमण पाया गया है जिसको हटाने के लिये उप जिलाधिकारी न्यायिक के न्यायालय मे मुकदमा चल रहा है। चित्तबड़ागांव बाजार स्थित तेलिया पोखरे  के आस पास पोखरा , हाशिया तालाब और भीटा के नाम पर 6.08एकड़ जमीन दर्ज लेकिन मौके पर लगभग 1.5एकड़ खाली है,बाकी पर  इमारतें खड़ी है।अब रहा सवाल यह उठ रहा है कि जब बंदोबस्ती 1290 फसली के रिकार्ड में 670तालाब, 661भीटा, 662हाशिया तालाब,663भीटा,668भीटा ,669हाशिया तालाब ,671भीटा अंकित है तो फिर कहाँ से और कैसे लोगों का नाम दर्ज हुआ है और फिर जिनका नाम नही भी है कैसे अतिक्रमण किये है ।

पीड़िता रेहाना का बयान 


पीड़िता के पुत्र का बयान 

नगर पंचायत चितबड़ा गांव के चेयरमैन अमरजीत सिंह का बयान