कड़ी निगरानी में संपन्न हुई टीईटी परीक्षा, फर्जी दस्तावेज के सहारे परीक्षा देने आया अभ्यर्थी गिरफ्तार
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी)-2026 जनपद में शांतिपूर्ण और नकलविहीन वातावरण में संपन्न हो गई। तीन दिनों तक चले परीक्षा कार्यक्रम में प्रशासन ने सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए। जिले के 32 परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन, सघन तलाशी और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती रही। मंडलायुक्त अनिल ढींगरा, जिलाधिकारी दीपक मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कोस्तुभ, डीआईजी एस. चनप्पा सहित अन्य अधिकारियों ने लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की निगरानी की।
अंतिम चरण की परीक्षा में 13,558 अभ्यर्थियों को शामिल होना था, जिनमें 11,036 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 2,522 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। प्रशासन के अनुसार सभी पालियों की परीक्षा बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक संपन्न हुई और केंद्रों पर अभ्यर्थियों के लिए आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं। यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए पुलिस और ट्रैफिक विभाग की टीमें भी पूरे समय सक्रिय रहीं।
इसी बीच परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के दौरान शाहपुर थाना क्षेत्र स्थित जनता इंटर कॉलेज, चरगांवा परीक्षा केंद्र पर एक अभ्यर्थी बायोमेट्रिक सत्यापन में पकड़ा गया। जांच के दौरान उसके आधार कार्ड में कूटरचित बदलाव मिलने पर पहचान का मिलान नहीं हो सका। दस्तावेजों की गहन जांच के बाद पुलिस ने बस्ती जनपद निवासी देवप्रकाश वर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।









