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दीनदयाल उपाध्याय पर्यावरण संरक्षण समिति के सौजन्य से विश्व पर्यावरण दिवस पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन

 






डॉ सुनील कुमार ओझा

बलिया।।  05 जून 2026 को दीनदयाल उपाध्याय पर्यावरण संरक्षण समिति के सौजन्य से विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक नगर के आवास विकास कॉलोनी में एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का विषय “ पर्यावरण संरक्षण में हमारी भूमिका “ रहा। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. बी. एन. पाण्डेय, प्राचार्य , सतीश चन्द्र कालेज, बलिया द्वारा की गई तथा संगोष्ठी का संयोजन डॉ. अनिल कुमार तिवारी, सहायक प्रोफेसर, कमला देवी बाजोरिया के द्वारा किया गया।

 संगोष्ठी का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। डॉ. अनिल कुमार तिवारी ने विषय परिवर्तन के तहत बताया कि पर्यावरण संरक्षण हमारी सांस्कृतिक विशेषता रही है तथा यह हमारे सामाजिक मान्यताओं व कार्यप्रणाली में सदा से समाहित रहा है। वर्तमान वैश्विक पर्यावरण संकट के वर्तमान दौर में  एक बार फिर पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाएं जाने की आवश्यकता है। 

युवा विचार मनीष पाण्डेय ने बताया कि भारत के शहरों के गर्म होने का स्तर अपने भयावहता के स्तर तक पहुंचता जा रहा है ‌। विकाराल होते पर्यावरणीय संकट के दृष्टिगत यह आवश्यक है कि यह राष्ट्रीय चेतना का विमर्शात्मक विषय हों। 

 संगोष्ठी में मुख्य वक्ता कृषि विभाग टी डी कालेज बलिया के प्रोफेसर बृजेश सिंह  ने बदलती पारिस्थितिकीय परिवर्तन एवं विघटित होते पर्यावरण के मद्देनजर कृषि प्रणालियों का विश्लेषणात्मक व्याख्या करते हुए धारणीय विकास मॉडल को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण पर बल दिया। 

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रख्यात वनस्पति विज्ञानी प्रो. बी. एन. पाण्डेय  ने पर्यावरण एवं इसके प्रमुख तत्वों के क्षरण एवं जलवायु परिवर्तन की वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत हुए इसे समाज द्वारा उद्देश्यपूर्ण अर्थ लेते हुए एक पुण्य एवं सामाजिक दायित्व मानते हुए अपने एवं अपनों के भूमिका का ध्यान रखने को सचेत किया। 

संगोष्ठी को अन्य वक्ताओं श्री अरविंद कुमार शुक्ल , अरविंद तिवारी , आचार्य हरेंद्रनाथ मिश्र, जैनेन्द्र पाण्डेय जी (मिन्टू जी), डॉ. मदन राम जी, डॉ. प्रकाश त्रिपाठी जी, डॉ. रामावतार उपाध्याय जी, श्री करूणानिधि तिवारी आदि ने भी सम्बोधित किया । कार्यक्रम का संचालन डॉ. विवेकानंद देव पाण्डेय एवं आभार ज्ञापन संगोष्ठी संयोजक डॉ अनिल कुमार तिवारी द्वारा किया गया।