आरईसी आजमगढ़ मे दो दिवसीय “एंटरप्रेन्योरशिप, सस्टेनेबिलिटी एवं इमर्जिंग टेक्नोलॉजिज फॉर इकोनॉमिक डेवलपमेंट (ICESETED’26)” अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का हुआ समापन
राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज आजमगढ़ के 75 छात्र छात्राओं ने प्रस्तुत किये अपने शोध पत्र
मधुसूदन सिंह
आजमगढ़ /बलिया।। राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज आजमगढ़ में चल रही दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन एंटरप्रेन्योरशिप, सस्टेनेबिलिटी एवं इमर्जिंग टेक्नोलॉजिज फॉर इकोनॉमिक डेवलपमेंट का समापन मां पाटेश्वरी देवी विश्वविद्यालय बलरामपुर के कुलपति प्रोफेसर रवि शंकर सिंह के द्वारा किया गया। प्रोफेसर सिंह ने राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज आजमगढ़ द्वारा आयोजित किए गए इस दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के आयोजन पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि उद्यमिता विकास से देश के प्रगति के अवसर निकलते हैं। आरईसी आजमगढ़ जैसे संस्थानों का इस क्षेत्र में किए जा रहे प्रयास सराहनीय है।
समापन सत्र की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक प्रो बी के त्रिपाठी ने किया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने सम्मेलन में आए हुए सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शोधार्थियों का अच्छे शोध के प्रति उनके उत्तरदायित्वों हेतु मार्गदर्शन किया तथा कॉन्फ्रेंस के नौ तकनीकी सत्रों में सर्वश्रेष्ठ शोध पत्रों की घोषणा की।
एडवांस मैटेरियल्स एवं नैनो टेक्नोलॉजी देश के औद्योगिक विकास के लिये उपयोगी
समापन सत्र के विशिष्ट अतिथि आईआईटी बीएचयू के भौतिकी विभाग के प्रो संदीप चटर्जी ने एडवांस मैटेरियल्स एवं नैनो टेक्नोलॉजी द्वारा किए जा रहे अनुप्रयोगों पर प्रकाश डालते हुए उन्हें देश के औद्योगिक विकास के लिए अत्यंत ही उपयोगी।अतिथियों द्वारा इसके साथ ही संस्थान में स्थापित एडवांस सुपर कंडक्टर एवं नैनो मैटेरियल्स लैब का भी शुभारंभ किया।
कुलसचिव ने प्रस्तुत किया कांफ्रेंन्स रिपोर्ट
समापन सत्र का संचालन कॉन्फ्रेंस समन्वयक एवं संस्थान के कुलसचिव डॉ अम्बरीष सिंह द्वारा प्रस्तुत किया गया। कॉन्फ्रेंस रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए डॉ अम्बरीष सिंह ने सम्मेलन की रूपरेखा, उद्देश्य एवं विभिन्न तकनीकी सत्रों, आमंत्रित व्याख्यानों, अतिथियों के संक्षिप्त वक्तव्यों की जानकारी दी एवं बताया कि यह दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन सभी अकादमिक मानदंडों पर पूरी तरह खरा उतरा।
आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो अमित पात्रा ने किया दो दिवसीय कांफ्रेंस का शुभारम्भ
इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन कल (गुरुवार को )अत्यंत ही प्रभावी कार्यक्रम में आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रोफेसर अमित पात्रा एवं आईआईएम अहमदाबाद के डीन प्रो सतीश देवधर द्वारा अपने महत्वपूर्ण वक्तव्यों से किया गया था।
आयोजन सचिव डॉ कौशल शुक्ल ने किया सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित
समापन सत्र के अंत में आयोजन सचिव डॉ कौशल कुमार शुक्ल ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, तकनीकी सत्रों के अध्यक्षों, लीड स्पॉन्सर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की क्षेत्रीय प्रबंधक श्रीमती आराधना ज्योति एवं आयोजन समिति के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कांफ्रेंस के सफ़ल आयोजन में संस्थान के शिक्षकों डॉ अनीश कुमार, श्री चैतन्य निधि, श्री बृहस्पति सिंह, डॉ सावेंद्र प्रताप सिंह, श्री विशाल कुमार सहित ईडीसी सेल के छात्र छात्राओं विशेषकर राजीव राजेश, सूर्यांश, आनंद, जितेश, अनुराग, प्रतीक, दीपा, वैष्णवी इत्यादि और संस्थान के कर्मचारियों का बहुत सहयोग रहा।
दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “एंटरप्रेन्योरशिप, सस्टेनेबिलिटी एवं इमर्जिंग टेक्नोलॉजिज फॉर इकोनॉमिक डेवलपमेंट (ICESETED’26)” का गुरुवार को हुआ शुभारंभ
राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, आजमगढ़ में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “एंटरप्रेन्योरशिप, सस्टेनेबिलिटी एवं इमर्जिंग टेक्नोलॉजिज फॉर इकोनॉमिक डेवलपमेंट (ICESETED’26)” का शुभारंभ गुरुवार को अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस सम्मेलन का आयोजन संस्थान के उद्यमिता विकास प्रकोष्ठ (EDC) द्वारा किया जा रहा है, जिसमें देश-विदेश के शिक्षाविद्, शोधकर्ता, उद्योग विशेषज्ञ एवं छात्र प्रतिभाग कर रहे हैं।
प्रो अमित पात्रा ने किया युवाओं को स्टार्टअप एवं शोध आधारित गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित
अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस का उद्घाटन मुख्य अतिथि आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो अमित पात्रा ने किया।अपने उद्बोधन में उन्होंने नवाचार, उद्यमिता एवं उभरती प्रौद्योगिकियों के माध्यम से सतत आर्थिक विकास की आवश्यकता पर बल दिया तथा युवाओं को स्टार्टअप एवं शोध आधारित गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। प्रो अमित पात्रा ने अपने उद्बोधन का समापन एक अत्यंत ही भावपूर्ण देशभक्ति गीत के माध्यम से देश और मातृभूमि की सेवा हेतु प्रेरित कर किया।
नवाचार आधारित उद्यमिता ही भारत को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से बना सकती है सशक्त
इस अवसर पर मुख्य वक्ता एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो सतीश देवधर (डीन, फैकल्टी, आईआईएम अहमदाबाद) ने अपने कीनोट व्याख्यान में वैश्विक अर्थव्यवस्था, उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र तथा सतत विकास लक्ष्यों की प्रासंगिकता पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नवाचार आधारित उद्यमिता ही भारत को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बना सकती है।
शोध, नवाचार और उद्योग-शिक्षा सहयोग को बढ़ावा देने में यह मंच निभायेगा महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक प्रो बी के त्रिपाठी ने किया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने सम्मेलन के उद्देश्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि यह मंच शोध, नवाचार और उद्योग-शिक्षा सहयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। संस्थान के अभी हाल ही में प्रदेश की रैंकिंग में नंबर एक आरईसी बनने की यात्रा को भी साझा किया।
कुलसचिव ने दी सम्मेलन की रूपरेखा, उद्देश्य एवं विभिन्न तकनीकी सत्रों की जानकारी
उद्घाटन सत्र का सफल संचालन कांफ्रेंस समन्वयक एवं संस्थान के कुलसचिव डॉ अम्बरीष सिंह द्वारा किया गया। उन्होंने सम्मेलन की रूपरेखा, उद्देश्य एवं विभिन्न तकनीकी सत्रों की जानकारी प्रस्तुत की तथा सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। डॉ अम्बरीष सिंह ने बताया कि इस दो दिनों कॉन्फ्रेंस में 9 तकनीकी सत्रों में विभिन्न विषयों पर लगभग 75 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे तथा देश विदेश के विशेषज्ञों द्वारा विचार-विमर्श किया जाएगा। डॉ सिंह ने साथ ही ईडीसी के द्वारा विगत तीन वर्षों में कराए गए एक सप्ताह की उद्यमिता विकास कार्यशाला और कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
आयोजन सचिव ने ज्ञापित किया अतिथियों के प्रति धन्यवाद
अंत में आयोजन सचिव डॉ कौशल कुमार शुक्ल ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उद्घाटन सत्र में संकाय सदस्य, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे। कांफ्रेंस के सफ़ल आयोजन में संस्थान के शिक्षकों डॉ अनीश कुमार, श्री चैतन्य निधि, श्री बृहस्पति सिंह, डॉ सावेंद्र प्रताप सिंह, श्री विशाल कुमार सहित ईडीसी सेल के छात्र छात्राओं और संस्थान के कर्मचारियों का बहुत सहयोग रहा।










