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अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने शिक्षा विभाग की योजनाओं की समीक्षा की : स्कूल चलो अभियान के तहत प्रत्येक बच्चे का नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश

 







पीएम श्री, समग्र शिक्षा और सीएम कम्पोजिट विद्यालय योजनाओं में तेजी लाने पर जोर

आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित कराने के निर्देश

डिजिटल क्लास, कस्तूरबा विद्यालय और निपुण अभियान की प्रगति पर हुई समीक्षा


लखनऊ, 16 मार्च 2026।।प्रदेश के अपर मुख्य सचिव माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सोमवार को प्रदेश के समस्त मुख्य विकास अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की। बैठक में स्कूल शिक्षा से संबंधित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।


बैठक में उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 के लिए स्कूल चलो अभियान का शासनादेश जारी हो चुका है। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक बच्चे को आंगनबाड़ी, बाल वाटिका, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक तथा माध्यमिक विद्यालयों में उसकी आयु के अनुरूप नामांकित किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी बच्चा ड्रॉपआउट न हो। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि अभियान शुरू होने से पहले सभी विद्यालयों में पाठ्य पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।


अपर मुख्य सचिव ने पीएम श्री योजना के अंतर्गत चयनित विद्यालयों में निर्धारित गतिविधियों और वित्तीय प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सीएम कम्पोजिट विद्यालय योजना के तहत विद्यालयों की गुणवत्ता और प्रगति सुनिश्चित करने तथा आवश्यकतानुसार धनराशि की मांग करने को कहा।


बैठक में आरटीई अधिनियम की धारा 12 के अंतर्गत निजी विद्यालयों में आवंटित बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित कराने और तीसरे चरण के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक नामांकन कराने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने बताया कि नव साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत 15 मार्च 2026 को नव साक्षरों का परीक्षण सम्पन्न हुआ है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के अधिक से अधिक असाक्षरों को वॉलंटियर के माध्यम से साक्षर बनाया जाए, जिसमें शिक्षा मित्रों की भी भागीदारी सुनिश्चित की जा सकती है।


बैठक में समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत विभिन्न मदों की समीक्षा करते हुए कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के संचालन, अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण, दिव्यांगजन शौचालयों के निर्माण, सामुदायिक सहभागिता, निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों की आपूर्ति और अन्य निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।


अपर मुख्य सचिव ने कहा कि विद्यालयों में डिजिटल क्लासेस को और प्रभावी बनाने के लिए जारी धनराशि का समयबद्ध व्यय सुनिश्चित किया जाए। साथ ही विद्यालय प्रबंध समितियों के सदस्यों के सहयोग और प्रशिक्षण के माध्यम से सामुदायिक सहभागिता को मजबूत किया जाए। उन्होंने प्री-प्राइमरी एवं बाल वाटिकाओं के संचालन के लिए ईसीसीई एजूकेटर की नियुक्ति, बच्चों के लिए स्टेशनरी, आउटडोर प्ले मटेरियल और चाइल्ड फ्रेंडली फर्नीचर की खरीद एवं आपूर्ति समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


इसके अलावा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में रिक्त पदों को शीघ्र भरने तथा आवश्यक सामग्री की खरीद की प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी करने को कहा गया। माध्यमिक शिक्षा विभाग के प्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों को भी निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए। बैठक में उन्होंने निपुण एसेसमेंट के आधार पर निपुण घोषित विद्यालयों के लिए सम्मान समारोह आयोजित करने और उन्हें प्रमाण पत्र प्रदान करने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालयवार एसेसमेंट रिपोर्ट अभिभावकों के साथ साझा करने और अगले वर्ष अधिक से अधिक विद्यालयों को निपुण बनाने के लिए स्पष्ट और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने को कहा।