अब यूपी मे बिकेंगे सिर्फ अनुदानित यूरिया उर्वरक व अन्य अनुदानित उर्वरक, बिना अनुदानित उर्वरको की बिक्री पर पूर्ण रोक
उत्तर प्रदेश में टैगिंग पूरी तरह से प्रतिबन्धित
लखनऊ।।प्रदेश में यूरिया आपूर्ति करने वाली कम्पनियों के द्वारा यूरिया के साथ, गैर अनुदानित उर्वरक को टैगिंग के रूप में अपने डिस्टीब्यूटर के माध्यम से रिटेल प्वाइन्ट / फुटकर बिक्रेताओं को उपलब्ध कराते हुये किसानों को कय करने हेतु बाध्य किया जा रहा था। इस संबंध में शासन स्तर से 07 बार प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर कम्पनियों के प्रतिनिधि, होलसेलरों और रिटेलरों के साथ बैठक कर टैगिंग न करने के निर्देश दिये गये थे, इसके बावजूद भी जनपदों से शिकायतें प्राप्त हो रहीं थीं कि कृषकों को यूरिया के साथ अन्य उत्पाद दिये जा रहे हैं।
प्रदेश सरकार कृषकों को गुणवत्तायुक्त अनुदानित उर्वरक, सुगमतापूर्वक निर्धारित दर पर उपलब्ध कराने हेतु कटिबद्ध है। शासन द्वारा सम्यक विचारोपरान्त यह निर्णय लिया गया कि उत्तर प्रदेश में यूरिया आपूर्ति करने वाली समस्त संस्थाओं को अनुदानित उर्वरकों की आपूर्ति एवं बिकी हेतु दी गयी अनुमति को छोड़कर, उनके उर्वरक विक्रय प्राधिकार-पत्र (लाइसेंस) में अंकित समस्त गैर अनुदानित उत्पादों की आपूर्ति एवं बिक्री को 01 जनवरी, 2026 से उत्तर प्रदेश में पूर्णतयः प्रतिबंधित कर दिया गया है।
01 जनवरी, 2026 से यदि प्रदेश में कोई भी उर्वरक आपूर्ति करने वाली कम्पनी यूरिया के साथ, गैर अनुदानित उर्वरक की बिकी करेगी, तो उसके विरूद्ध उर्वरक (अकार्बनिक, कार्बनिक या मिश्रित) (नियंत्रण) आदेश, 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के सुसंगत प्राविधानान्तर्गत नियमानुसार कठोरतम कार्यवाही की जायेगी।




